मंगलवार, 2 जून 2026

पेसा नियमावली, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर

समाहरणालय सभागार में ग्लोबल पंचायत राउंड टेबल कॉन्क्लेव का आयोजन

📅 02 जून, 2026 | 📍 सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु:
  • पेसा कानून के विभिन्न प्रावधानों की समझ विकसित करने पर बल।
  • ग्रामसभा की शक्तियों, अधिकारों एवं दायित्वों पर विस्तृत चर्चा।
  • भ्रांतियों को दूर करने एवं जागरूकता बढ़ाने पर जोर।
  • विभागीय समन्वय और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत बनाने की अपील।

कार्यक्रम का आयोजन

समाहरणालय सभागार, सरायकेला में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025 विषय पर ग्लोबल पंचायत राउंड टेबल कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा ने की।

इस अवसर पर निदेशक DRDA श्री अजय तिर्की, निदेशक ITDA श्रीमती उषा मुंडू, जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री गोपी उरांव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन (CSO) के प्रतिनिधि तथा अन्य हितधारक उपस्थित रहे।

कार्यशाला का उद्देश्य

स्वागत संबोधन के दौरान प्रभारी जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री गोपी उरांव ने कहा कि पेसा नियमावली, 2025 के संबंध में पंचायत प्रतिनिधियों, विभागीय पदाधिकारियों एवं समुदाय के बीच समुचित समझ विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य पेसा कानून के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी साझा करना तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सभी संबंधित पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करना है।

पेसा नियमावली पर विस्तृत जानकारी

कार्यशाला में राज्य स्तरीय प्रशिक्षक द्वारा पेसा नियमावली, 2025 के विभिन्न बिंदुओं एवं पहलुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इस दौरान ग्रामसभा की शक्तियों, अधिकारों, दायित्वों एवं भूमिका पर विशेष चर्चा हुई।

साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को सुदृढ़ बनाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्थानीय विकास योजनाओं में सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने तथा ग्रामसभा की निर्णय प्रक्रिया को प्रभावी बनाने संबंधी प्रावधानों की जानकारी साझा की गई।

उप विकास आयुक्त का संबोधन

उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा ने कहा कि पेसा कानून को लेकर लोगों में काफी उत्साह है, किन्तु इसके विभिन्न प्रावधानों के संबंध में जागरूकता की कमी एवं कई प्रकार की भ्रांतियां भी मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली के सफल क्रियान्वयन के लिए जनसामान्य के बीच सही एवं तथ्यात्मक जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि पेसा कानून के अंतर्गत ग्राम प्रधान एवं ग्रामसभा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रामसभा स्थानीय स्वशासन की आधारभूत इकाई है तथा अनुसूचित क्षेत्रों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, स्थानीय संसाधनों के संरक्षण एवं सामुदायिक हितों की रक्षा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

विभागीय समन्वय और सहयोग पर जोर

उप विकास आयुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मियों को पेसा नियमावली के सभी बिंदुओं एवं प्रावधानों को भली-भांति समझने तथा अपने-अपने कार्यक्षेत्र में उसके प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय एवं सहयोग स्थापित कर ही पेसा कानून की मूल भावना को धरातल पर सफलतापूर्वक उतारा जा सकता है।

CSO संस्थाओं की भूमिका

उन्होंने सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन (CSO) एवं सहयोगी संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि ये संस्थाएं समुदाय के बीच जागरूकता बढ़ाने, संवाद स्थापित करने तथा पेसा कानून के संबंध में फैली भ्रांतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

सभी हितधारकों से पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीण समुदाय के बीच निरंतर जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने का आह्वान भी किया गया।

सुझाव एवं विचार आमंत्रित

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित प्रतिभागियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं अन्य हितधारकों से पेसा नियमावली, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में सुझाव एवं विचार आमंत्रित किए गए।

इस दौरान प्रतिभागियों द्वारा नियमावली के विभिन्न प्रावधानों, ग्रामसभा की भूमिका, अधिकारों एवं व्यवहारिक क्रियान्वयन से जुड़े अनेक प्रश्न एवं जिज्ञासाएं प्रस्तुत की गईं।

राज्य स्तरीय प्रशिक्षक द्वारा सभी प्रश्नों एवं शंकाओं का विस्तारपूर्वक समाधान करते हुए नियमावली के विभिन्न पहलुओं पर स्पष्ट जानकारी प्रदान की गई तथा प्रतिभागियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पेसा कानून के संबंध में जागरूकता फैलाने और ग्रामसभा को सशक्त बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

निष्कर्ष

पेसा नियमावली, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पंचायत प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विभागीय कर्मियों एवं सामुदायिक संगठनों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया। ग्रामसभा को सशक्त बनाकर अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में यह कार्यशाला महत्वपूर्ण साबित हुई।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत "चुप्पी तोड़ो–स्वस्थ रहो" अभियान के तहत जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

किशोरियों एवं महिलाओं को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति किया जा रहा जागरूक...


स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अंतर्गत संचालित "चुप्पी तोड़ो–स्वस्थ रहो" अभियान के तहत सरायकेला-खरसावां जिले के सभी प्रखंडों के विभिन्न पंचायतों, गांवों एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य किशोरियों एवं महिलाओं के बीच माहवारी स्वच्छता प्रबंधन (Menstrual Hygiene Management) के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इससे जुड़े सामाजिक संकोच एवं भ्रांतियों को दूर करना है।

अभियान के तहत जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों, विद्यालयों, सामुदायिक स्थलों एवं शहरी क्षेत्रों में जागरूकता गोष्ठी, संवाद कार्यक्रम, समूह चर्चा, रैली, शपथ ग्रहण, दीवार लेखन तथा अन्य सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किशोरियों एवं महिलाओं को माहवारी के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित स्वच्छता सामग्री के उपयोग, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में जानकारी दी जा रही है।

कार्यक्रमों के दौरान प्रतिभागियों को बताया जा रहा है कि माहवारी एक प्राकृतिक एवं सामान्य जैविक प्रक्रिया है, जिसके संबंध में खुलकर चर्चा करना आवश्यक है। साथ ही माहवारी के दौरान स्वच्छता के प्रति लापरवाही से होने वाले संक्रमण एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।

अभियान के माध्यम से महिलाओं एवं किशोरियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, माहवारी से जुड़े मिथकों एवं कुरीतियों को त्यागने तथा समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश दिया जा रहा है। साथ ही समुदाय स्तर पर माहवारी स्वच्छता के प्रति अनुकूल वातावरण तैयार करने पर भी बल दिया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने आमजन, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, स्वयं सहायता समूहों एवं समाज के सभी वर्गों से अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की है। प्रशासन का मानना है कि माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, सम्मान एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

"चुप्पी तोड़ो–स्वस्थ रहो" अभियान का उद्देश्य माहवारी स्वच्छता को जन-जन तक पहुंचाना तथा स्वस्थ, स्वच्छ एवं जागरूक समाज के निर्माण में सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।


स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) | पेयजल एवं स्वच्छता विभाग | सरायकेला-खरसावां

नीमडीह थाना क्षेत्र में अवैध शराब के विरुद्ध उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई

दो अवैध चुलाई भट्टियां ध्वस्त, 600 किलोग्राम जावा महुआ एवं 20 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद


उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां के निर्देशानुसार उत्पाद विभाग द्वारा जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण एवं बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में उत्पाद अधीक्षक के नेतृत्व में प्राप्त आसूचना के आधार पर दिनांक 02 जून, 2026 को नीमडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बूढ़ीबासा एवं महतोडीह में विशेष छापेमारी अभियान संचालित किया गया।

अभियान के दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने अवैध शराब निर्माण में प्रयुक्त कुल दो चुलाई भट्टियों को ध्वस्त कर दिया। छापेमारी के क्रम में मौके से लगभग 600 किलोग्राम जावा महुआ एवं 20 लीटर अवैध महुआ चुलाई शराब बरामद की गई।

अवैध सामग्री जब्त, अभियोग दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू

छापेमारी के दौरान बरामद अवैध शराब, जावा महुआ एवं अन्य संबंधित सामग्रियों को विधिसम्मत रूप से जब्त कर लिया गया है। संबंधित अवैध चुलाई अड्डा संचालकों के विरुद्ध झारखंड उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग दर्ज करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

अवैध शराब के खिलाफ अभियान रहेगा जारी

जिला प्रशासन एवं उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन, भंडारण एवं बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध आगे भी सघन अभियान जारी रहेगा। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

"अवैध शराब के कारोबार को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।"

अवैध शराब मुक्त समाज के निर्माण हेतु जिला प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी

उपायुक्त की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का हुआ आयोजन

कई मामलों का ऑन द स्पॉट हुआ निष्पादन, अन्य मामलों के समयबद्ध समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को दिए गए निर्देश


मंगलवार को समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय कक्ष में उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों, पंचायतों एवं ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं शिकायतों को उपायुक्त के समक्ष रखा। उपायुक्त ने सभी आवेदकों से क्रमवार मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना।

जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों पर उपायुक्त ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कई मामलों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन किया, जबकि अन्य मामलों के नियमानुसार एवं समयबद्ध निष्पादन हेतु संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

जनता दरबार में उठाए गए प्रमुख मुद्दे

जनता दरबार में विभिन्न जनहित से जुड़े आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत 15वें वित्त आयोग के कार्य में एम.बी. निर्गत करने के लिए पंचायत सचिव द्वारा कथित रूप से रिश्वत मांगने की शिकायत, चांडिल प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कंदरबेडा दोमुहानी चौक चौड़ीकरण कार्य में स्थानीय समस्याओं का समाधान, राजनगर प्रखंड के छोटा कुनाबेड़ा टोला शोकाडकोचा की जर्जर सड़क की मरम्मत, तिरुलडीह स्थित गैस एजेंसी द्वारा गैस वितरण में कथित अनियमितता एवं अतिरिक्त राशि वसूली, आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-02 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका चयन में अनियमितता, ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित लेयर पोल्ट्री फार्म से उत्पन्न प्रदूषण एवं स्वच्छता संबंधी समस्याएं, भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड एवं अन्य जनकल्याणकारी विषयों से जुड़े आवेदन शामिल थे।

समयबद्ध एवं निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश

प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाई करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सभी विभाग गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें।

जनसमस्याओं के समाधान के प्रति प्रशासन प्रतिबद्ध

उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन आमजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जनशिकायतों के प्रति संवेदनशील रहते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक मामले का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करें।

"जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी शिकायतों का निष्पक्ष एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।"

सोमवार, 1 जून 2026

57-खरसावाँ विधानसभा क्षेत्र के कम मैपिंग वाले मतदान केन्द्र पर विशेष कैंप आयोजित

मतदाता सूची की शुद्धता एवं अद्यतनता सुनिश्चित करने के लिए मतदाताओं से सहयोग की अपील, शत-प्रतिशत मैपिंग का निर्देश


भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची में मतदाताओं के नामों की शत-प्रतिशत मैपिंग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 57-खरसावाँ (अ.ज.जा.) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत कम मैपिंग वाले मतदान केन्द्रों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 01 जून, 2026 को मतदान केन्द्र संख्या-219, दक्षिण रेलवे इंटर कॉलेज, सीनी में विशेष शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर के दौरान अब तक मैपिंग से वंचित मतदाताओं के नामों का सत्यापन एवं मैपिंग का कार्य किया गया। इस अवसर पर संबंधित बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजर, कंप्यूटर ऑपरेटर, राजस्व कर्मचारी एवं निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य कर्मी उपस्थित रहकर मतदाताओं को आवश्यक सहयोग प्रदान करते रहे।

निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने किया निरीक्षण

विशेष शिविर का निरीक्षण करते हुए निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, 57-खरसावाँ (अ.ज.जा.) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-सह-अपर उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ श्री जयबर्धन कुमार ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्धारित समयावधि के भीतर शत-प्रतिशत मैपिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता एवं अद्यतनता लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का महत्वपूर्ण आधार है। प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सही रूप से सूची में दर्ज एवं मैप होना आवश्यक है, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनी रहे।

मतदाताओं से सहयोग की अपील

निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की कि जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची से मैप नहीं हुआ है, वे अविलंब संबंधित बीएलओ अथवा मतदान केन्द्र से संपर्क कर अपनी मैपिंग प्रक्रिया पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि समय रहते मैपिंग नहीं कराने पर भविष्य में निर्वाचन संबंधी कार्यों में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

साथ ही बीएलओ एवं संबंधित कर्मियों को घर-घर संपर्क अभियान चलाकर छूटे हुए मतदाताओं की पहचान करने तथा उनकी मैपिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

"सटीक एवं अद्यतन मतदाता सूची ही मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला है। सभी पात्र मतदाता अपने नाम की मैपिंग अवश्य सुनिश्चित करें।"

मतदाता जागरूक बनें, लोकतंत्र को सशक्त बनाएं।

तंबाकू निषेध एवं नियंत्रण अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु जागरूकता रथ को उपायुक्त ने दिखाई हरी झंडी

सरायकेला-खरसावां, 01 जून 2026: जिले में तंबाकू निषेध एवं नियंत्रण संबंधी जनजागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित यह विशेष जागरूकता रथ आगामी एक माह तक जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भ्रमण कर आमजन को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों एवं बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करेगा।

जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को तंबाकू नियंत्रण से संबंधित कानूनी प्रावधानों, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों तथा नशामुक्त जीवनशैली के महत्व की जानकारी दी जाएगी। अभियान के दौरान विभिन्न पंचायतों, विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों एवं शहरी क्षेत्रों में जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

अभियान के प्रमुख उद्देश्य:
  • तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना
  • युवाओं को तंबाकू एवं नशे की लत से दूर रहने के लिए प्रेरित करना
  • तंबाकू नियंत्रण संबंधी कानूनों एवं प्रावधानों की जानकारी देना
  • स्वस्थ एवं तंबाकू मुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देना
  • तंबाकू मुक्त परिवार एवं समाज के निर्माण में जनसहभागिता सुनिश्चित करना

इस अवसर पर उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने कहा कि तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की गंभीर बीमारियों सहित कई जानलेवा रोगों का प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा कि लोगों को तंबाकू से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे तंबाकू एवं अन्य नशे की प्रवृत्तियों से दूर रहें तथा शिक्षा, खेलकूद एवं सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें। युवा वर्ग समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बन सकते हैं और तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उपायुक्त का संदेश:
"तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाएं, स्वयं स्वस्थ रहें और अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक करें। स्वस्थ समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।"

उपायुक्त ने कहा कि तंबाकू मुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए अपने घर, परिवार एवं आसपास के वातावरण को तंबाकू मुक्त बनाने का संकल्प लेना होगा।

अभियान के दौरान जनसंवाद, आईईसी गतिविधियां, जागरूकता कार्यक्रम एवं प्रचार-प्रसार के विभिन्न माध्यमों का उपयोग कर लोगों तक तंबाकू निषेध का संदेश पहुंचाया जाएगा।

इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के पदाधिकारी एवं कर्मी, एनडीसी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

रविवार, 31 मई 2026

स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संविदा पदों पर नियुक्ति हेतु आयोजित लिखित परीक्षा केंद्र का उपायुक्त ने किया निरीक्षण

सरायकेला-खरसावां, 31 मई 2026: स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत विभिन्न संविदा पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित लिखित परीक्षा का निरीक्षण उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह द्वारा किया गया। सरायकेला स्थित एनआर स्कूल परीक्षा केंद्र पहुंचकर उन्होंने परीक्षा संचालन की व्यवस्थाओं, सुरक्षा इंतजामों एवं अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।

स्टाफ नर्स, एएनएम, जीएनएम, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर (STS) सहित विभिन्न पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा के दौरान उपायुक्त ने परीक्षा की निष्पक्षता, गोपनीयता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रबंधों की विस्तृत समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान प्रमुख बिंदु:
  • परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं की समीक्षा
  • सीसीटीवी निगरानी एवं वीडियो रिकॉर्डिंग व्यवस्था का निरीक्षण
  • सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था की स्थिति का जायजा
  • अभ्यर्थियों के लिए पेयजल एवं बैठने की व्यवस्था की जांच
  • स्वच्छ शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा संचालन से जुड़े सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया की गोपनीयता, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

परीक्षा के शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन के लिए केंद्र पर दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। वहीं परीक्षा गतिविधियों की सतत निगरानी हेतु सीसीटीवी कैमरे एवं वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था भी की गई थी।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने प्रतिनियुक्त अधिकारियों को परीक्षा केंद्र एवं आसपास के क्षेत्रों में सतर्क निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उपायुक्त का संदेश:
"स्वास्थ्य विभाग में योग्य, दक्ष एवं प्रतिबद्ध मानव संसाधन की उपलब्धता बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला है। पारदर्शी एवं मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से योग्य अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित किया जा रहा है।"

उन्होंने कहा कि परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थियों को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसे हर स्तर पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि परीक्षा का संचालन शांतिपूर्ण, व्यवस्थित एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।