शुक्रवार, 5 जून 2026

अपर उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय कुकड़ू का किया औचक निरीक्षण

जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

📅 05 जून, 2026 | 📍 कुकड़ू, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • अपर उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय कुकड़ू का औचक निरीक्षण किया।
  • जन शिकायतों एवं आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन पर विशेष जोर।
  • राजस्व मामलों में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी।
  • स्वच्छता, पारदर्शिता एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश।

औचक निरीक्षण एवं समीक्षा

अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार द्वारा आज प्रखंड सह अंचल कार्यालय, कुकड़ू का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय परिसर, विभिन्न विभागों के कार्यालय कक्षों, अभिलेखों एवं पंजियों के संधारण, कर्मियों की उपस्थिति, कार्यालय की साफ-सफाई, आमजनों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा जन शिकायतों एवं आवेदनों के निष्पादन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।

जनहित के मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर

जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान प्रशासन की प्राथमिकता

अपर उपायुक्त ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यालय में आने वाले नागरिकों के कार्य निर्धारित समयावधि में निष्पादित किए जाएं, ताकि आमजनों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।

साथ ही कार्यालय में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों एवं मामलों के समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उपस्थिति एवं अभिलेख संधारण की समीक्षा

अपर उपायुक्त ने उपस्थिति पंजी का अवलोकन करते हुए सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को कार्यालय अवधि के दौरान निर्धारित समय पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया।

उन्होंने विभिन्न पंजियों, अभिलेखों एवं कार्यालयीय दस्तावेजों के समुचित रख-रखाव तथा अद्यतन संधारण सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

राजस्व मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा के दौरान अपर उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि राजस्व मामलों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा उदासीनता पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

स्वच्छता एवं पारदर्शिता पर विशेष बल

अपर उपायुक्त ने कार्यालय परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने, आगंतुकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने पर बल दिया।

इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।

योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

अधिक से अधिक लाभुकों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

अपर उपायुक्त ने निर्देशित किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का स्थानीय भाषा सहित विभिन्न प्रभावी माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि योजनाओं की जानकारी अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्तियों तक पहुंचनी चाहिए ताकि अधिक से अधिक लाभुक योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं शत-प्रतिशत लाभुक आच्छादन सुनिश्चित करने हेतु नियमित अनुश्रवण एवं जनसंपर्क गतिविधियों को सुदृढ़ करने पर भी बल दिया गया।

निरीक्षण के दौरान उपस्थित पदाधिकारी

निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी सुश्री राजश्री बखला, अंचल अधिकारी श्री अभय द्विवेदी सहित विभिन्न प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

निष्कर्ष

कुकड़ू प्रखंड सह अंचल कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन, राजस्व कार्यों में जवाबदेही, कार्यालयीन पारदर्शिता तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। जिला प्रशासन का उद्देश्य आमजनों को बेहतर, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला कारा परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित

पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण के विस्तार हेतु अधिकारियों ने किया पौधारोपण

📅 05 जून, 2026 | 🌱 विश्व पर्यावरण दिवस | 📍 जिला कारा, सरायकेला

मुख्य बिंदु

  • विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला कारा परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित।
  • फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
  • पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सक्रिय सहभागिता का आह्वान।
  • हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में वृक्षारोपण की भूमिका पर जोर।

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष आयोजन

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण के विस्तार एवं स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनुमंडल पदाधिकारी सह प्रभारी जेल अधीक्षक, सरायकेला श्री अभिनव प्रकाश के नेतृत्व में जिला कारा, सरायकेला परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण के माध्यम से हरित वातावरण को प्रोत्साहित करना था।

फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण

कार्यक्रम के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी सह प्रभारी जेल अधीक्षक श्री अभिनव प्रकाश एवं नगर पंचायत, सरायकेला के अध्यक्ष श्री मनोज चौधरी द्वारा संयुक्त रूप से विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया।

पौधारोपण के साथ संरक्षण का संदेश

अधिकारियों ने उपस्थित सभी लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया विशेष बल

इस अवसर पर श्री अभिनव प्रकाश ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक है। बढ़ते प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण एक प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने कहा कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता के संरक्षण, वायु गुणवत्ता में सुधार तथा स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में वृक्षारोपण

उन्होंने सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनने तथा वृक्षारोपण एवं पौधों के संरक्षण को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में निभाने का आह्वान किया।

जनभागीदारी से होगा पर्यावरण संरक्षण

कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है।

अधिक से अधिक वृक्षारोपण, पौधों का संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाकर पर्यावरण को सुरक्षित एवं समृद्ध बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में रहे उपस्थित

इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज चौधरी सहित विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे तथा सभी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

निष्कर्ष

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह वृक्षारोपण कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेकर ही स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ पर्यावरण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

उपायुक्त की अध्यक्षता में डीएमएफटी शासी परिषद की बैठक आयोजित, खनन प्रभावित क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा एवं नई विकास योजनाओं के चयन पर हुई चर्चा

📅 05 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • उपायुक्त की अध्यक्षता में डीएमएफटी शासी परिषद की बैठक आयोजित।
  • खनन प्रभावित क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा।
  • स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, कौशल विकास एवं आधारभूत संरचना से जुड़ी नई योजनाओं पर चर्चा।
  • शासी परिषद के सदस्यों द्वारा विभिन्न जनहितकारी सुझाव प्रस्तुत किए गए।

बैठक का आयोजन

समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां श्री नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की शासी परिषद की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में माननीय खरसावां विधायक श्री दशरथ गागराई, माननीय ईचागढ़ विधायक श्रीमती सविता महतो, जिला परिषद अध्यक्ष श्री सोनाराम बोदरा, माननीय सांसद एवं विधायक प्रतिनिधिगण, उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा, शासी परिषद के सदस्यगण तथा विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

बैठक के दौरान खनन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में डीएमएफटी मद से संचालित योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों एवं वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

साथ ही योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

विकास योजनाओं पर विशेष चर्चा

खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र एवं सतत विकास को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, पेयजल, आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, विद्यालयी आधारभूत संरचना, कृषि एवं आजीविका संवर्द्धन तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

शासी परिषद के सदस्यों से प्राप्त सुझाव

बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा शासी परिषद के सदस्यों से सुझाव एवं अनुशंसाएं आमंत्रित की गईं। इस क्रम में परिषद सदस्यों ने जिले के समग्र विकास एवं जनसुविधाओं के विस्तार से संबंधित कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

प्रमुख सुझाव

  • हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • शव वाहन की संख्या में वृद्धि करना।
  • बंद पड़े कोल्ड स्टोरेज को पुनः संचालित करना।
  • जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का निर्माण।
  • स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना।

उपायुक्त के निर्देश

उपायुक्त ने शासी परिषद के सदस्यों द्वारा प्राप्त सुझावों को गंभीरतापूर्वक लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक परीक्षण एवं कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि डीएमएफटी निधि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, आजीविका संवर्द्धन एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचना का निर्माण नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार लाना एवं उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

भावी कार्ययोजना पर चर्चा

बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति से संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किए गए।

साथ ही परिषद के सदस्यों द्वारा प्राप्त सुझावों एवं अनुशंसाओं के आलोक में भावी कार्ययोजना तैयार करने तथा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक रणनीतियों पर भी चर्चा की गई।

डीएमएफटी का उद्देश्य

डीएमएफटी का मुख्य उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना, आधारभूत सुविधाओं का विकास करना तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं आजीविका के क्षेत्र में स्थायी एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करना है।

निष्कर्ष

डीएमएफटी शासी परिषद की इस बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए भविष्य की विकासात्मक प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई। बैठक में प्राप्त सुझावों एवं अनुशंसाओं के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कृषि, कौशल विकास एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनहितकारी परियोजनाओं को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।

विश्व पर्यावरण दिवस पर उपायुक्त ने वृद्धाश्रम में किया वृक्षारोपण, वृद्धजनों से संवाद कर सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु दिए आवश्यक निर्देश

📅 05 जून, 2026 | 🌱 विश्व पर्यावरण दिवस | 📍 साहिबगंज, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • विश्व पर्यावरण दिवस पर वृद्धाश्रम परिसर में वृक्षारोपण किया गया।
  • उपायुक्त ने वृद्धजनों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली।
  • कूलर, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश।
  • वृद्धजनों द्वारा की जा रही फल एवं सब्जी खेती की सराहना की गई।

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष कार्यक्रम

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां श्री नीतिश कुमार सिंह ने साहिबगंज स्थित वृद्धाश्रम परिसर का निरीक्षण किया तथा केंद्र में निवासरत वरिष्ठ नागरिकों के साथ वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर भी उपस्थित रहीं।

वृद्धजनों से संवाद एवं सुविधाओं की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने वृद्धाश्रम में उपलब्ध आवासीय, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने केंद्र में निवासरत वरिष्ठ नागरिकों से सीधे संवाद कर उनके स्वास्थ्य, दैनिक आवश्यकताओं एवं उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।

सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के निर्देश

गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए केंद्र में कूलर, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

फल एवं सब्जी खेती का निरीक्षण

इस अवसर पर वृद्धाश्रम परिसर में वरिष्ठ नागरिकों द्वारा की जा रही फल एवं सब्जी की खेती का भी निरीक्षण किया गया।

वरिष्ठ नागरिकों द्वारा आत्मनिर्भरता एवं सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए जा रहे इस सकारात्मक प्रयास की उपायुक्त ने सराहना की तथा इसे अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणादायक बताया।

कृषि गतिविधियों को मिलेगा प्रोत्साहन

उपायुक्त ने जिला कृषि पदाधिकारी को नियमित रूप से केंद्र का भ्रमण करने, मौसम एवं आवश्यकता के अनुरूप बीज उपलब्ध कराने तथा तकनीकी सहयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक संवेदनशीलता पर बल

उपायुक्त ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों के सम्मानजनक, सुरक्षित एवं स्वस्थ जीवन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता, सहभागिता एवं सामुदायिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करते हैं।

इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज के वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान एवं सहयोग की भावना को भी बढ़ावा मिलता है।

निष्कर्ष

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण एवं वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वृक्षारोपण, संवाद एवं सुविधाओं की समीक्षा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व का सकारात्मक संदेश समाज तक पहुंचाया गया।

गुरुवार, 4 जून 2026

तम्बाकू नियंत्रण कानून के अनुपालन हेतु जिला प्रशासन का सघन जांच अभियान, 05 प्रतिष्ठानों पर की गई कार्रवाई

📅 04 जून, 2026 | 📍 सरायकेला थाना क्षेत्र

मुख्य बिंदु

  • जिला प्रशासन द्वारा तम्बाकू नियंत्रण कानूनों के अनुपालन हेतु विशेष अभियान चलाया गया।
  • लगभग 20 दुकानों एवं प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
  • 05 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए ₹2,800 का अर्थदंड वसूला गया।
  • विद्यालयों के आसपास तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर विशेष निगरानी।

विशेष जांच एवं निरीक्षण अभियान

उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी एवं राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) की जिला टीम द्वारा संयुक्त रूप से सरायकेला थाना क्षेत्र अंतर्गत विशेष जांच एवं निरीक्षण अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (COTPA-2003), झारखंड संशोधित अधिनियम-2021, पीईसीए-2019 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के विभिन्न प्रावधानों के अनुपालन की जांच की गई।

20 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 05 पर कार्रवाई

जांच के क्रम में पुराना बस स्टैंड, सरायकेला एवं आसपास के क्षेत्रों में लगभग 20 दुकानों एवं प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान कार्रवाई

  • लगभग 20 दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की जांच।
  • 05 प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया गया।
  • कुल ₹2,800 का अर्थदंड वसूला गया।
  • भविष्य में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश।

कोटपा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई।

विद्यालयों के आसपास बिक्री पर विशेष निगरानी

अभियान के दौरान शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में स्थित दुकानों का विशेष रूप से निरीक्षण किया गया।

जहां भी तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पाई गई, संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध कोटपा अधिनियम की धारा 6(ख) के तहत कार्रवाई की गई तथा भविष्य में विद्यालयों के आसपास तम्बाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री नहीं करने का निर्देश दिया गया।

होटल एवं प्रतिष्ठानों के लिए निर्देश

'नो स्मोकिंग एरिया' सूचना-पट्ट अनिवार्य

जिला टीम ने सभी होटल मालिकों एवं प्रबंधकों को अपने प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानक के अनुरूप "गैर धूम्रपान क्षेत्र (No Smoking Area)" संबंधी सूचना-पट्ट, पोस्टर अथवा दीवार लेखन अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया।

ऐसा नहीं पाए जाने पर कोटपा अधिनियम की धारा 4 के तहत नियमानुसार जुर्माना लगाया जा सकता है।

खुली सिगरेट बिक्री पर जागरूकता

जिला प्रशासन ने दुकानदारों एवं आम नागरिकों को जागरूक करते हुए बताया कि खुली सिगरेट की बिक्री पैकेट पर प्रदर्शित वैधानिक स्वास्थ्य चेतावनी एवं चित्रात्मक संदेशों के उद्देश्य का उल्लंघन है।

अतः तम्बाकू उत्पादों की बिक्री निर्धारित नियमों एवं कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही की जानी चाहिए।

सार्वजनिक स्थलों पर प्रतिबंध

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों एवं न्यायालय परिसरों के 100 मीटर के दायरे में धूम्रपान अथवा तम्बाकू उत्पादों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है।

सार्वजनिक स्थलों पर तम्बाकू सेवन कर गंदगी फैलाने एवं कानून का उल्लंघन करने की स्थिति में नियमानुसार जुर्माना लगाया जा सकता है।

स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में प्रयास

जिला प्रशासन युवाओं को तम्बाकू एवं नशे की लत से दूर रखने तथा स्वस्थ समाज के निर्माण के उद्देश्य से तम्बाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी अनुपालन हेतु नियमित रूप से निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान संचालित कर रहा है।

निरीक्षण अभियान में खाद्य सुरक्षा विभाग, राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) की टीम तथा स्थानीय पुलिस बल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

निष्कर्ष

तम्बाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी अनुपालन हेतु जिला प्रशासन द्वारा चलाया गया यह विशेष अभियान जनस्वास्थ्य की सुरक्षा एवं युवाओं को नशे की लत से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान निरंतर जारी रहेंगे तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त ने की आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की समीक्षा, सरायकेला, गम्हरिया एवं कुकड़ू प्रखंडों में प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में सुधार हेतु दिए आवश्यक निर्देश

📅 04 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम अंतर्गत विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा।
  • स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि एवं आधारभूत संरचना से जुड़े संकेतकों की प्रगति पर चर्चा।
  • शौचालय, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश।
  • डेटा अपडेट, नियमित अनुश्रवण एवं क्षेत्रीय भ्रमण पर विशेष जोर।

समीक्षा बैठक का आयोजन

उप विकास आयुक्त, सरायकेला-खरसावां श्रीमती रीना हांसदा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिले के चयनित आकांक्षी प्रखंडों—सरायकेला, गम्हरिया एवं कुकड़ू—में संचालित आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की अद्यतन समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की उपलब्धियों, प्रगति एवं लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति की विभागवार एवं बिंदुवार समीक्षा की गई। साथ ही प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (Key Performance Indicators) के क्रियान्वयन की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।

विभिन्न क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा

समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, पशुपालन, पेयजल एवं स्वच्छता, वित्तीय समावेशन, आधारभूत संरचना विकास सहित अन्य निर्धारित संकेतकों से संबंधित उपलब्धियों एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

विभिन्न विभागों को आवंटित लक्ष्यों की प्राप्ति, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा संकेतकों में सुधार की संभावनाओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर विशेष जोर

उप विकास आयुक्त ने विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों में शौचालय, पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही VHSND (ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस) का नियमित आयोजन सुनिश्चित करने पर बल दिया।

लक्ष्य प्राप्ति एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

उप विकास आयुक्त ने सभी विभागों को निर्धारित मानकों एवं विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हुए लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से पहुंचाना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

इसके लिए संबंधित अधिकारियों को नियमित अनुश्रवण, क्षेत्रीय भ्रमण तथा विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।

डेटा प्रबंधन एवं पोर्टल अपडेट पर जोर

उप विकास आयुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को विभिन्न संकेतकों से संबंधित अद्यतन आंकड़ों एवं उपलब्धियों को निर्धारित पोर्टलों पर नियमित रूप से अपलोड एवं अपडेट करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि समय पर डेटा अद्यतन होने से जिले एवं प्रखंडों की वास्तविक प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी तथा कार्यक्रम के प्रदर्शन का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सकेगा।

कम प्रगति वाले संकेतकों पर विशेष ध्यान

बैठक में अपेक्षाकृत कम प्रगति वाले संकेतकों में सुधार हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

आमजन के जीवन स्तर में सुधार लक्ष्य

उप विकास आयुक्त ने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम केवल रैंकिंग में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य आमजन के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाना तथा विकास के लाभों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

उन्होंने स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, पेयजल एवं स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सतत सुधार सुनिश्चित करने तथा परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनाने का निर्देश दिया।

साथ ही अधिकारियों को क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन का नियमित सत्यापन करने, लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने एवं उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में उपस्थित पदाधिकारी

बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर, जिला पशुपालन पदाधिकारी, उप निदेशक आत्मा श्री विजय कुमार सिंह, डीपीएम-जेएसएलपीएस, संबंधित प्रखंडों के MOIC, सीडीपीओ, ब्लॉक समन्वयक, जिला एवं प्रखंड फेलो (आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम) सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

निष्कर्ष

आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत आयोजित यह समीक्षा बैठक विभिन्न विकासात्मक संकेतकों में सुधार, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आमजन तक सरकारी सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। विभागीय समन्वय, नियमित अनुश्रवण एवं डेटा आधारित कार्यप्रणाली के माध्यम से जिले के आकांक्षी प्रखंडों में समग्र विकास को गति देने पर बल दिया गया।

मंगलवार, 2 जून 2026

कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण हेतु

SAAMAR/CMAM कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

📅 02 जून, 2026 | 📍 सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु:
  • गंभीर एवं तीव्र कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान पर जोर।
  • सामुदायिक स्तर पर देखभाल एवं उपचार सुनिश्चित करने पर बल।
  • पोषण, स्वच्छता, स्तनपान एवं नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर चर्चा।
  • आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं एवं स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

आज दिनांक 02 जून, 2026 को जिला समाज कल्याण विभाग, सरायकेला-खरसावां एवं यूनिसेफ के संयुक्त सहयोग से ईचागढ़ परियोजना क्षेत्र में SAAMAR/CMAM (Community Management of Acute Malnutrition) कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में गंभीर एवं तीव्र कुपोषण से प्रभावित बच्चों की समय पर पहचान, उचित परामर्श, सामुदायिक स्तर पर देखभाल तथा आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य संस्थानों से समन्वय स्थापित कर प्रभावी उपचार सुनिश्चित करना है।

प्रशिक्षण में दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कुपोषण के लक्षण, बच्चों की नियमित वृद्धि निगरानी, पोषण स्तर के आकलन, गृह भ्रमण, परामर्श सेवाओं तथा रेफरल व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

विशेष रूप से इस बात पर बल दिया गया कि गंभीर एवं तीव्र कुपोषण से प्रभावित बच्चों की पहचान समय रहते करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं से जोड़ा जा सके।

क्यों है कुपोषण चिंता का विषय?

कुपोषण बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास को प्रभावित करता है। यदि समय पर पहचान और उचित उपचार नहीं किया जाए तो यह बच्चों के स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है।

रोकथाम एवं जागरूकता पर जोर

प्रतिभागियों को कुपोषण की रोकथाम के लिए संतुलित आहार, स्तनपान, पूरक आहार, स्वच्छता, टीकाकरण एवं नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व से अवगत कराया गया।

साथ ही परिवारों एवं समुदायों के बीच पोषण संबंधी व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने तथा बच्चों के समग्र विकास के लिए जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।

सामुदायिक सहभागिता की भूमिका

इस अवसर पर विभागीय पदाधिकारियों ने कहा कि SAAMAR/CMAM कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय आधारित सहभागिता के माध्यम से कुपोषण की समस्या का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं, स्वास्थ्य कर्मियों एवं अन्य संबंधित हितधारकों की सक्रिय भूमिका इस कार्यक्रम की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

समन्वित प्रयासों पर बल

प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कुपोषण उन्मूलन की दिशा में सामूहिक प्रयास करने पर विशेष बल दिया गया।

प्रतिभागियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सेवाओं से जोड़ने, परिवारों को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार परिवर्तन के लिए प्रेरित करने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।

जिला प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित कर्मियों से बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाने हेतु संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की अपील की, ताकि जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सके।

निष्कर्ष

SAAMAR/CMAM कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित यह प्रशिक्षण कुपोषण की पहचान, रोकथाम एवं प्रभावी प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सामुदायिक सहभागिता, विभागीय समन्वय एवं जन-जागरूकता के माध्यम से कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।