मंगलवार, 9 जून 2026

उपायुक्त की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित, आंगनबाड़ी सेवाओं एवं विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए गए निर्देश

📅 09 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • उपायुक्त की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित।
  • आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली एवं पोषण सेवाओं की समीक्षा।
  • कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की पहचान और उपचार पर विशेष बल।
  • मातृत्व, किशोरी एवं बाल कल्याण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा।
  • FRS सत्यापन, APAAR ID एवं ABHA ID निर्माण में तेजी लाने के निर्देश।

आंगनबाड़ी सेवाओं की विस्तृत समीक्षा

उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली, उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, पोषण सेवाओं, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) गतिविधियों तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (CDPO) एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं (LS) को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

नियमित निरीक्षण एवं रिपोर्टिंग पर जोर

केंद्रों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, पूरक पोषाहार, खेलकूद गतिविधियों, पेयजल, स्वच्छता एवं शौचालय व्यवस्था का निरीक्षण कर उसी दिन प्रतिवेदन जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

कुपोषण उन्मूलन एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस

बैठक में कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की नियमित पहचान सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता अनुसार उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (MTC) में भर्ती कर उपचार एवं अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

साथ ही बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को गुणवत्तापूर्ण पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।

VHSND का नियमित आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश

स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, वजन मापन एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित VHSND आयोजित करने को कहा गया।

ECCE गतिविधियों एवं शिक्षण वातावरण पर जोर

उपायुक्त ने बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा प्रदान करने तथा ECCE गतिविधियों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में अनुकूल एवं सुरक्षित शिक्षण वातावरण विकसित किया जाए।

आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण एवं मरम्मत संबंधी निर्देश

निजी भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए स्थायी भवन निर्माण हेतु उपयुक्त भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त जर्जर एवं मरम्मत योग्य केंद्रों की सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजने को कहा गया।

विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा

बैठक में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना तथा प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की प्रगति की समीक्षा की गई।

शत-प्रतिशत लाभुक आच्छादन का लक्ष्य

पात्र किशोरियों एवं लाभुकों को योजनाओं से शत-प्रतिशत जोड़ने तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

FRS सत्यापन, APAAR ID एवं ABHA ID निर्माण की समीक्षा

विभिन्न विभागीय योजनाओं के लाभुकों के डिजिटल सत्यापन एवं प्रमाणीकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए FRS आधारित सत्यापन कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।

बैठक में APAAR ID एवं ABHA ID निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई तथा सभी पात्र बच्चों एवं लाभुकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

डेटा प्रबंधन एवं पोषण ट्रैकर अपडेट करने के निर्देश

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में विभागीय अभिलेखों का अद्यतन संधारण, पोषण ट्रैकर एवं अन्य विभागीय पोर्टलों पर नियमित डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए।

साथ ही अनुपस्थित एवं ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः सेवाओं से जोड़ने तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री कैलाश मिश्रा, जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), महिला पर्यवेक्षिकाएं (LS) तथा समाज कल्याण विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

निष्कर्ष

बैठक में आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, कुपोषण उन्मूलन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को जवाबदेही एवं समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

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