सरायकेला-खरसावां, 30 मई 2026: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने एवं पशुपालन आधारित आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (MPVY) के तहत गम्हरिया प्रखंड में चयनित लाभुकों के बीच 13 यूनिट बकरी पालन योजना की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।
इस अवसर पर लाभुकों को बकरी पालन इकाइयां उपलब्ध कराते हुए उन्हें वैज्ञानिक एवं आधुनिक पद्धति से पशुपालन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम है, जिससे आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति संभव है।
- ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना
- पशुपालन आधारित आजीविका को बढ़ावा देना
- लाभुकों की आय में वृद्धि एवं आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना
- आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करना
कार्यक्रम के दौरान लाभुकों को पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित आहार, टीकाकरण, रोग नियंत्रण एवं उचित देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गईं, ताकि वे योजना का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।
अधिकारियों ने लाभुकों से अपील की कि वे योजना के तहत प्राप्त परिसंपत्तियों का समुचित उपयोग करें तथा बकरी पालन को आय सृजन एवं आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
पशुपालन केवल अतिरिक्त आय का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी आर्थिक सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, प्रखंड स्तरीय कर्मी एवं योजना से लाभान्वित लाभुक उपस्थित रहे।

0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें