✔️ “चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो” अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
✔️ माहवारी स्वच्छता, पोषण एवं स्वास्थ्य संरक्षण पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
✔️ महिलाओं एवं किशोरियों ने स्वच्छता और जागरूकता फैलाने का लिया संकल्प
विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर जिला समाज कल्याण कार्यालय, सरायकेला-खरसावां के तत्वावधान में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना अंतर्गत “चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो” अभियान के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों को माहवारी स्वच्छता, सुरक्षित प्रबंधन, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित कर सकें।
पांड्रा पंचायत में आयोजित हुआ मुख्य कार्यक्रम
पांड्रा पंचायत में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग, वन स्टॉप सेंटर, चाइल्डलाइन तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर महिलाओं एवं किशोरियों को माहवारी स्वच्छता के महत्व, सुरक्षित निपटान की प्रक्रिया तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
माहवारी को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि माहवारी महिलाओं के जीवन की एक सामान्य एवं प्राकृतिक प्रक्रिया है। इससे जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा करना आवश्यक है, ताकि समाज में व्याप्त भ्रांतियों, मिथकों एवं संकोच को दूर किया जा सके।
महिलाओं एवं किशोरियों को व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने, संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया।
जिलेभर में आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम
जिले के विभिन्न परियोजना क्षेत्रों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यशालाओं, जागरूकता सत्रों एवं शपथ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं, पोषण सखियों, महिला पर्यवेक्षिकाओं तथा स्थानीय महिलाओं एवं किशोरियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
प्रतिभागियों ने माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने तथा समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का संकल्प लिया।
स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श की भी व्यवस्था
कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से महिलाओं एवं किशोरियों की स्वास्थ्य जांच तथा एनीमिया जांच भी की गई। साथ ही प्रतिभागियों को माहवारी स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई, पोषण एवं स्वास्थ्य संरक्षण से संबंधित उपयोगी जानकारी प्रदान की गई।
विशेषज्ञों द्वारा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति सजग रहने की सलाह दी गई।
महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास
जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, सम्मान एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक महिला एवं किशोरी स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण संबंधी जानकारी से सशक्त होकर स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन जी सके।

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