शनिवार, 30 मई 2026

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत ईचागढ़ प्रखंड में लाभुकों के बीच बकरियों का वितरण

मुख्य बिंदु :
✔️ 12 यूनिट बकरी पालन योजना के लाभुकों को मिला लाभ
✔️ वैज्ञानिक बकरी पालन एवं पशु स्वास्थ्य प्रबंधन की दी गई जानकारी
✔️ स्वरोजगार एवं ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा पशुपालन आधारित आजीविका को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (MPVY) के तहत ईचागढ़ प्रखंड में चयनित लाभुकों के बीच 12 यूनिट बकरी पालन योजना के अंतर्गत बकरियों का वितरण किया गया।

योजना के तहत लाभुकों को बकरी पालन से जोड़कर उन्हें स्थायी आय का स्रोत उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा।

वैज्ञानिक बकरी पालन की दी गई जानकारी

बकरी वितरण कार्यक्रम के दौरान लाभुकों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक तरीके से बकरी पालन करने के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, नियमित टीकाकरण, पोषण एवं देखभाल से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी मार्गदर्शन दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि उचित देखभाल एवं वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर पशुपालन को लाभदायक व्यवसाय के रूप में विकसित किया जा सकता है।

आत्मनिर्भरता एवं आय वृद्धि पर विशेष जोर

कार्यक्रम के दौरान लाभुकों को विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए बकरी पालन को आय सृजन का सशक्त माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराना तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

जिले में निरंतर संचालित हो रही योजना

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत जिले में पात्र लाभुकों को पशुपालन गतिविधियों से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। योजना के माध्यम से अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

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