सोमवार, 18 मई 2026

आदिवासी एवं पीवीटीजी समुदाय को योजनाओं से जोड़ने हेतु जिले में चलेगा विशेष जागरूकता अभियान

मुख्य बातें :
✔️ 18 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित होंगे “बेनेफिशियरी सैचुरेशन कैंप”
✔️ आदिवासी एवं PVTG समुदाय को योजनाओं से जोड़ने पर रहेगा विशेष जोर
✔️ ऑन-द-स्पॉट आवेदन, पंजीकरण एवं दस्तावेज सत्यापन की होगी व्यवस्था

जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार सरायकेला-खरसावां जिले में आदिवासी एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTGs) समुदायों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से 18 मई 2026 से 25 मई 2026 तक “बेनेफिशियरी सैचुरेशन कैंप” आयोजित किए जाएंगे।

इस अभियान का संचालन समेकित जनजाति विकास अभिकरण (ITDA), सरायकेला-खरसावां द्वारा किया जाएगा। अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाकर लोगों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाएगी तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।

शिविरों में उपलब्ध होंगी ये सुविधाएं

  • 🪪 आधार कार्ड से संबंधित सेवाएं
  • 🍚 राशन कार्ड एवं खाद्य सुरक्षा योजनाएं
  • 👵 पेंशन योजनाओं की जानकारी एवं आवेदन
  • 🎓 छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ
  • 🏥 स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएं
  • 🏠 आवास योजनाओं की जानकारी
  • 🏦 बैंकिंग एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
  • 📄 ऑन-द-स्पॉट आवेदन एवं पंजीकरण
  • ✅ आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन

उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां श्री नितिश कुमार सिंह ने जिलेवासियों, विशेषकर आदिवासी एवं पीवीटीजी समुदाय के लोगों से अपील की है कि वे आयोजित शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।

उन्होंने कहा कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना एवं उन्हें सरकारी योजनाओं से पूर्ण रूप से आच्छादित करना है।

प्रशासन के निर्देश

  • 📌 विभागीय समन्वय के साथ कार्य योजना तैयार करें
  • 📌 शिविरों में प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें
  • 📌 पात्र लाभुकों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ उपलब्ध कराएं
  • 📌 दूरस्थ एवं जनजातीय बहुल गांवों में व्यापक प्रचार-प्रसार करें
  • 📌 शिविर स्थलों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएं
  • 📌 आवेदन प्रक्रिया में लाभुकों को हर संभव सहायता प्रदान करें

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि शिविरों के दौरान अधिक से अधिक पात्र लाभुकों को योजनाओं से जोड़ने हेतु आपसी समन्वय एवं प्रभावी कार्य प्रणाली अपनाई जाए, ताकि अभियान का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें