सोमवार, 18 मई 2026

अपर उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक सम्पन्न

मुख्य बिंदु :
✔️ 62 मामलों की समीक्षा, 60 मामलों में अनुग्रह अनुदान स्वीकृत
✔️ 02 मामलों में आवश्यक दस्तावेज पूर्ण कर पुनः प्रस्तुत करने का निर्देश
✔️ लंबित मामलों का एक माह के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश

उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार अपर उपायुक्त श्री जयबर्धन कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष, नगर निकायों के मेयर एवं अध्यक्ष, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में जिले में प्राकृतिक आपदाओं से जुड़े विभिन्न मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान सड़क दुर्घटना, अतिवृष्टि, सर्पदंश, पानी में डूबने तथा आंधी-तूफान जैसी घटनाओं से संबंधित कुल 62 मामलों पर विचार किया गया।

मामलों का विवरण

  • 🚧 सड़क दुर्घटना – 12 मामले
  • 🌧️ अतिवृष्टि – 45 मामले
  • 🏚️ घर गिरने से मृत्यु – 01 मामला
  • 🌊 पानी में डूबने से मृत्यु – 02 मामले
  • 🐍 सर्पदंश से मृत्यु – 01 मामला
  • 🌪️ आंधी-तूफान से पेड़ की डाली गिरने से मृत्यु – 01 मामला

समिति द्वारा बिंदुवार समीक्षा के बाद 60 मामलों में अनुग्रह अनुदान राशि स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया, जबकि 02 मामलों में आवश्यक दस्तावेजों की कमी पाए जाने पर संबंधित अभिलेख पूर्ण कर पुनः समिति के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।

अपर उपायुक्त ने कहा कि आपदा प्रभावित परिवारों को राहत एवं सहायता राशि समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करते हुए सत्यापन उपरांत समिति के समक्ष प्रस्तुत करें।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आपदा प्रबंधन से संबंधित प्राप्त सभी आवेदनों की प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी की जाए। यदि किसी आवेदन में दस्तावेजों की कमी हो, तो संबंधित परिवारों को आवश्यक सहयोग प्रदान कर अभिलेख पूर्ण कराया जाए, ताकि पात्र लाभुकों को अधिकतम एक माह के भीतर योजना का लाभ मिल सके।

प्रशासन के प्रमुख निर्देश

  • 📌 लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें
  • 📌 पंचायत स्तर तक योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें
  • 📌 ग्रामीण क्षेत्रों एवं विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें
  • 📌 पीड़ित परिवारों को आवेदन प्रक्रिया में हर संभव सहयोग प्रदान करें
  • 📌 मासिक समीक्षा कर सभी मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें

बैठक में अधिकारियों को “आपदा के समय क्या करें और क्या न करें” विषय पर जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आपदा से बचाव एवं सतर्कता की जानकारी मिल सके।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि आपदा से जुड़े मामलों में यदि मृत्यु प्रमाण पत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट अथवा यूडी केस नंबर जारी होने में एक सप्ताह से अधिक विलंब हो, तो संबंधित नागरिक प्रखंड स्तर पर अंचल अधिकारी, अनुमंडल स्तर पर अनुमंडल पदाधिकारी या जिला स्तर पर उपायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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