शनिवार, 16 मई 2026

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं बीपीएचयू गम्हरिया का उपायुक्त ने किया औचक निरीक्षण

स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार, निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के प्रचार-प्रसार एवं लापरवाही पर कार्रवाई के दिए निर्देश

सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त श्री नीतिश कुमार सिंह ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गम्हरिया एवं बीपीएचयू (ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट) गम्हरिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित करना था।

गौरतलब है कि 09 मई 2026 को अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा किए गए निरीक्षण में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कई अनियमितताएं सामने आई थीं। इसी के बाद उपायुक्त ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

इन व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने महिला एवं पुरुष वार्ड, प्रतीक्षालय, दवा भंडार कक्ष, स्टॉक रूम, जांच घर, चिकित्सा वार्ड, पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, जनरेटर, इनवर्टर, सोलर सिस्टम तथा बीपीएचयू परिसर का निरीक्षण किया।

अस्पताल परिसर एवं स्टोर रूम में पड़े अनुपयोगी एवं कचरा स्वरूप सामानों को हटाकर नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही खराब जनरेटर व्यवस्था को अविलंब दुरुस्त करने को कहा गया।

एक्सपायर दवाओं पर जताई नाराजगी

दवा स्टॉक रूम के निरीक्षण के दौरान कई एक्सपायर एवं जल्द एक्सपायर होने वाली दवाएं पाई गईं, जिस पर उपायुक्त ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी को टीम गठित कर पूरे स्टोर रूम की जांच कराने, स्टॉक मिलान करने एवं सामग्रियों का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

साथ ही जर्जर एवं अनुपयोगी सामानों की सूची तैयार कर नियमानुसार नीलामी प्रक्रिया संचालित करने तथा एक्सपायर दवाओं का सुरक्षित निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया।

निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक प्रचार करने का निर्देश

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सीएचसी एवं बीपीएचयू गम्हरिया में उपलब्ध सभी निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत सूची तैयार कर प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित की जाए। सूची में ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, लैब जांच, दवा वितरण, परामर्श सहित सभी सुविधाओं का स्पष्ट उल्लेख हो, ताकि आम लोगों को जानकारी मिल सके कि ये सेवाएं पूरी तरह निशुल्क हैं।

उन्होंने अस्पताल परिसर के प्रवेश द्वार, प्रतीक्षालय एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर बड़े सूचना पट्ट, बैनर एवं स्टिकर लगाने का भी निर्देश दिया।

लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने चिकित्सा पदाधिकारियों, बीपीएम, एएनएम एवं स्वास्थ्य कर्मियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने रोस्टर के अनुसार समय पर ड्यूटी नहीं करने एवं रात्रि ड्यूटी में अनुपस्थित रहने की शिकायतों पर नाराजगी जताई।

उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

“मरीजों की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और समयबद्धता के साथ कार्य करें।” — उपायुक्त

बायोमेट्रिक जांच एवं वेतन कटौती का निर्देश

बैठक के दौरान बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में त्रुटि पाए जाने पर अनुपस्थित पदाधिकारी एवं कर्मियों को शोकॉज करते हुए एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया।

साथ ही तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित चिकित्सकों एवं कर्मियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने तथा डेपुटेशन पर कार्यरत कर्मियों को उनके मूल कार्यस्थल पर वापस भेजने का निर्देश भी दिया गया।

मरीजों से भी ली जानकारी

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों से भी स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। मरीजों ने बताया कि उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा किसी प्रकार की अवैध राशि की मांग नहीं की गई है।

इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला अभिनव प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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