गुरुवार, 4 जून 2026

समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त ने की आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की समीक्षा, सरायकेला, गम्हरिया एवं कुकड़ू प्रखंडों में प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में सुधार हेतु दिए आवश्यक निर्देश

📅 04 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम अंतर्गत विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा।
  • स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि एवं आधारभूत संरचना से जुड़े संकेतकों की प्रगति पर चर्चा।
  • शौचालय, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश।
  • डेटा अपडेट, नियमित अनुश्रवण एवं क्षेत्रीय भ्रमण पर विशेष जोर।

समीक्षा बैठक का आयोजन

उप विकास आयुक्त, सरायकेला-खरसावां श्रीमती रीना हांसदा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिले के चयनित आकांक्षी प्रखंडों—सरायकेला, गम्हरिया एवं कुकड़ू—में संचालित आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की अद्यतन समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की उपलब्धियों, प्रगति एवं लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति की विभागवार एवं बिंदुवार समीक्षा की गई। साथ ही प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (Key Performance Indicators) के क्रियान्वयन की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।

विभिन्न क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा

समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, पशुपालन, पेयजल एवं स्वच्छता, वित्तीय समावेशन, आधारभूत संरचना विकास सहित अन्य निर्धारित संकेतकों से संबंधित उपलब्धियों एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

विभिन्न विभागों को आवंटित लक्ष्यों की प्राप्ति, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा संकेतकों में सुधार की संभावनाओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर विशेष जोर

उप विकास आयुक्त ने विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों में शौचालय, पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही VHSND (ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस) का नियमित आयोजन सुनिश्चित करने पर बल दिया।

लक्ष्य प्राप्ति एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

उप विकास आयुक्त ने सभी विभागों को निर्धारित मानकों एवं विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हुए लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से पहुंचाना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

इसके लिए संबंधित अधिकारियों को नियमित अनुश्रवण, क्षेत्रीय भ्रमण तथा विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।

डेटा प्रबंधन एवं पोर्टल अपडेट पर जोर

उप विकास आयुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को विभिन्न संकेतकों से संबंधित अद्यतन आंकड़ों एवं उपलब्धियों को निर्धारित पोर्टलों पर नियमित रूप से अपलोड एवं अपडेट करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि समय पर डेटा अद्यतन होने से जिले एवं प्रखंडों की वास्तविक प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी तथा कार्यक्रम के प्रदर्शन का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सकेगा।

कम प्रगति वाले संकेतकों पर विशेष ध्यान

बैठक में अपेक्षाकृत कम प्रगति वाले संकेतकों में सुधार हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

आमजन के जीवन स्तर में सुधार लक्ष्य

उप विकास आयुक्त ने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम केवल रैंकिंग में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य आमजन के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाना तथा विकास के लाभों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

उन्होंने स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, पेयजल एवं स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सतत सुधार सुनिश्चित करने तथा परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनाने का निर्देश दिया।

साथ ही अधिकारियों को क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन का नियमित सत्यापन करने, लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने एवं उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में उपस्थित पदाधिकारी

बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर, जिला पशुपालन पदाधिकारी, उप निदेशक आत्मा श्री विजय कुमार सिंह, डीपीएम-जेएसएलपीएस, संबंधित प्रखंडों के MOIC, सीडीपीओ, ब्लॉक समन्वयक, जिला एवं प्रखंड फेलो (आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम) सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

निष्कर्ष

आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत आयोजित यह समीक्षा बैठक विभिन्न विकासात्मक संकेतकों में सुधार, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आमजन तक सरकारी सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। विभागीय समन्वय, नियमित अनुश्रवण एवं डेटा आधारित कार्यप्रणाली के माध्यम से जिले के आकांक्षी प्रखंडों में समग्र विकास को गति देने पर बल दिया गया।

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