सोमवार, 8 जून 2026

उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक सम्पन्न, पेयजल योजनाओं की समीक्षा कर दिए गए आवश्यक निर्देश

📅 08 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित।
  • खराब चापाकलों, जलमीनारों एवं बंद पेयजल योजनाओं की शीघ्र मरम्मति के निर्देश।
  • ड्राई जोन एवं पेयजल संकटग्रस्त क्षेत्रों को प्राथमिकता देने पर जोर।
  • पेयजल परिसंपत्तियों की सुरक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश।

पेयजल योजनाओं की विस्तृत समीक्षा

समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न पेयजल आपूर्ति योजनाओं की प्रगति एवं वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के क्रम में खराब चापाकलों, जलमीनारों एवं बंद पड़ी पेयजल योजनाओं की शीघ्र मरम्मति कर उन्हें पुनः संचालित करने तथा छूटे हुए ग्रामों एवं टोलों को नल-जल योजना से आच्छादित करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।

जल जीवन मिशन एवं अन्य योजनाओं की समीक्षा

बैठक में जल जीवन मिशन (JJM), सिंगल विलेज स्कीम (SVS), मल्टी विलेज स्कीम (MVS) तथा वित्त आयोग मद से संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई।

पेयजल आपूर्ति बाधित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई

निर्देश दिया गया कि सभी योजनाओं का नियमित अनुश्रवण किया जाए तथा जहां भी पेयजल आपूर्ति बाधित है वहां त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

विशेष रूप से ड्राई जोन एवं पेयजल संकटग्रस्त क्षेत्रों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

निर्माणाधीन योजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश

उप विकास आयुक्त ने निर्माणाधीन जलमीनारों एवं अन्य पेयजल संरचनाओं के कार्य में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं को समय पर पूर्ण कर क्रियाशील बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

पेयजल परिसंपत्तियों की सुरक्षा पर विशेष चिंता

चोरी एवं क्षति पहुंचाने वालों पर होगी कार्रवाई

बैठक में पेयजल परिसंपत्तियों में उपकरणों की चोरी एवं क्षति पहुंचाने की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई तथा ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों को चिन्हित करते हुए संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

साथ ही जलमीनार, चापाकल एवं अन्य पेयजल परिसंपत्तियों की सुरक्षा हेतु नियमित निगरानी तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।

सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता

जनहित में सतत निगरानी आवश्यक

उप विकास आयुक्त ने कहा कि आमजन को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की भौतिक स्थिति का निरीक्षण करने तथा प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

साथ ही पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने पर भी बल दिया गया।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी कनीय अभियंता, जिला समन्वयक, प्रखंड समन्वयक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए ड्राई जोन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने, बंद योजनाओं को पुनः संचालित करने तथा पेयजल परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। प्रशासन द्वारा सभी योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन एवं आमजन को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखने की बात कही गई।

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