सोमवार, 8 जून 2026

आदित्यपुर थाना क्षेत्र में तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम के तहत संयुक्त जांच अभियान, नियमों के अनुपालन के दिए गए निर्देश

📅 08 जून, 2026 | 📍 आदित्यपुर, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम के तहत संयुक्त जांच अभियान चलाया गया।
  • लगभग 14 दुकानों का निरीक्षण कर नियमों की जानकारी दी गई।
  • शिक्षण संस्थानों एवं सरकारी कार्यालयों के आसपास तम्बाकू बिक्री पर विशेष निगरानी।
  • होटलों एवं सार्वजनिक स्थलों पर "गैर धूम्रपान क्षेत्र" सूचना-पट्ट लगाने के निर्देश।

संयुक्त जांच अभियान संचालित

उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां के निर्देशानुसार आदित्यपुर थाना क्षेत्र में सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (COTPA-2003), झारखंड संशोधित अधिनियम-2021, PECA-2019 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुपालन की जांच हेतु संयुक्त अभियान चलाया गया।

अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री सुबीर रंजन एवं राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के जिला परामर्शी श्री अशोक यादव द्वारा किया गया।

14 दुकानों का किया गया निरीक्षण

जांच के दौरान आदित्यपुर थाना क्षेत्र की लगभग 14 दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में शिक्षण संस्थानों एवं सरकारी कार्यालयों के 100 मीटर की परिधि में संचालित दुकानों की विशेष रूप से जांच की गई।

विद्यालयों एवं सरकारी कार्यालयों के आसपास बिक्री पर रोक

दुकानदारों को निर्देशित किया गया कि शिक्षण संस्थानों एवं सरकारी कार्यालयों के आसपास तम्बाकू उत्पाद अथवा अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री नहीं की जाए।

निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को कोटपा अधिनियम, 2003 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।

होटलों में "गैर धूम्रपान क्षेत्र" सूचना-पट्ट अनिवार्य

जिला परामर्शी, एनटीसीपी द्वारा सभी होटल संचालकों एवं प्रबंधकों को अपने प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों के अनुरूप "गैर धूम्रपान क्षेत्र (No Smoking Area)" संबंधी सूचना-पट्ट एवं दीवार लेखन प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया।

धारा-4 के तहत जुर्माने का प्रावधान

सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन की स्थिति में कोटपा अधिनियम की धारा-4 के अंतर्गत जुर्माना लगाया जा सकता है।

खुली सिगरेट बिक्री पर भी जताई चिंता

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री सुबीर रंजन ने बताया कि शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों एवं न्यायालय परिसरों के 100 मीटर की परिधि में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री एवं उपयोग प्रतिबंधित है।

उन्होंने कहा कि खुली सिगरेट की बिक्री तम्बाकू उत्पादों पर प्रदर्शित स्वास्थ्य चेतावनी संबंधी प्रावधानों की भावना के विपरीत है। इसलिए विक्रेताओं को पैकेटबंद उत्पादों के निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए।

स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में प्रयास

युवाओं को नशे से दूर रखने का उद्देश्य

जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम द्वारा नियमित जांच एवं जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को तम्बाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों की लत से दूर रखा जा सके।

अधिकारियों ने बताया कि तम्बाकू नियंत्रण संबंधी कानूनी प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।

अभियान में उपस्थित अधिकारी

इस अवसर पर आदित्यपुर थाना के पुलिसकर्मी, राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) की टीम तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

आदित्यपुर थाना क्षेत्र में संचालित संयुक्त जांच अभियान का उद्देश्य तम्बाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करना, युवाओं को नशे की लत से बचाना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को मजबूत करना है। जिला प्रशासन द्वारा जागरूकता एवं प्रवर्तन दोनों स्तरों पर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक सम्पन्न, पेयजल योजनाओं की समीक्षा कर दिए गए आवश्यक निर्देश

📅 08 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित।
  • खराब चापाकलों, जलमीनारों एवं बंद पेयजल योजनाओं की शीघ्र मरम्मति के निर्देश।
  • ड्राई जोन एवं पेयजल संकटग्रस्त क्षेत्रों को प्राथमिकता देने पर जोर।
  • पेयजल परिसंपत्तियों की सुरक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश।

पेयजल योजनाओं की विस्तृत समीक्षा

समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न पेयजल आपूर्ति योजनाओं की प्रगति एवं वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के क्रम में खराब चापाकलों, जलमीनारों एवं बंद पड़ी पेयजल योजनाओं की शीघ्र मरम्मति कर उन्हें पुनः संचालित करने तथा छूटे हुए ग्रामों एवं टोलों को नल-जल योजना से आच्छादित करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।

जल जीवन मिशन एवं अन्य योजनाओं की समीक्षा

बैठक में जल जीवन मिशन (JJM), सिंगल विलेज स्कीम (SVS), मल्टी विलेज स्कीम (MVS) तथा वित्त आयोग मद से संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई।

पेयजल आपूर्ति बाधित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई

निर्देश दिया गया कि सभी योजनाओं का नियमित अनुश्रवण किया जाए तथा जहां भी पेयजल आपूर्ति बाधित है वहां त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

विशेष रूप से ड्राई जोन एवं पेयजल संकटग्रस्त क्षेत्रों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

निर्माणाधीन योजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश

उप विकास आयुक्त ने निर्माणाधीन जलमीनारों एवं अन्य पेयजल संरचनाओं के कार्य में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं को समय पर पूर्ण कर क्रियाशील बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

पेयजल परिसंपत्तियों की सुरक्षा पर विशेष चिंता

चोरी एवं क्षति पहुंचाने वालों पर होगी कार्रवाई

बैठक में पेयजल परिसंपत्तियों में उपकरणों की चोरी एवं क्षति पहुंचाने की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई तथा ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों को चिन्हित करते हुए संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

साथ ही जलमीनार, चापाकल एवं अन्य पेयजल परिसंपत्तियों की सुरक्षा हेतु नियमित निगरानी तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।

सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता

जनहित में सतत निगरानी आवश्यक

उप विकास आयुक्त ने कहा कि आमजन को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की भौतिक स्थिति का निरीक्षण करने तथा प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

साथ ही पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने पर भी बल दिया गया।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी कनीय अभियंता, जिला समन्वयक, प्रखंड समन्वयक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए ड्राई जोन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने, बंद योजनाओं को पुनः संचालित करने तथा पेयजल परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। प्रशासन द्वारा सभी योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन एवं आमजन को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखने की बात कही गई।

उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में डीसीसी एवं डीएलआरसी की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित, बैंकिंग सेवाओं के विस्तार एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया गया जोर

📅 08 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में डीसीसी एवं डीएलआरसी की समीक्षा बैठक आयोजित।
  • साख-जमा अनुपात (CD Ratio), वार्षिक साख योजना एवं ऋण वितरण की समीक्षा।
  • सरकारी योजनाओं के आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन के निर्देश।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं एवं डिजिटल सुविधाओं के विस्तार पर जोर।

बैठक में विभिन्न योजनाओं की हुई समीक्षा

समाहरणालय स्थित सभागार में जिला सलाहकार समिति (DCC) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की मार्च 2026 तिमाही की समीक्षा बैठक उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में जिले के साख-जमा अनुपात (CD Ratio), वार्षिक साख योजना (ACP), कृषि एवं स्वरोजगार आधारित ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा विभिन्न सरकार प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

ऋण स्वीकृति एवं वितरण में तेजी लाने के निर्देश

पात्र लाभुकों के आवेदन लंबित न रहें

उप विकास आयुक्त ने सभी बैंक प्रबंधकों को निर्देशित किया कि विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी पात्र लाभुक का आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।

बैठक के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), स्वयं सहायता समूह (SHG) बैंक लिंकेज, संयुक्त देयता समूह (JLG), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME), प्रधानमंत्री विश्वकर्मा, प्रधानमंत्री स्वनिधि तथा मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण स्वीकृति एवं वितरण की समीक्षा की गई।

उन्होंने ऋण स्वीकृति एवं वितरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने पर विशेष बल दिया।

ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार

बैठक में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के उद्देश्य से ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बैंकिंग संवाददाता केंद्र (BC Point), एटीएम तथा डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर चर्चा की गई।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे बैंकिंग सेवाएं

उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार किया जाए जहां लोगों को बैंकिंग सेवाओं के लिए अधिक दूरी तय करनी पड़ती है।

उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना सभी संबंधित संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है।

वित्तीय साक्षरता पर विशेष बल

वित्तीय साक्षरता केंद्र (FLC) एवं सामुदायिक वित्तीय साक्षरता केंद्र (CFL) द्वारा संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए आमजन को बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान, बचत, ऋण सुविधाओं एवं साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया।

विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को डिजिटल बैंकिंग एवं सुरक्षित वित्तीय व्यवहार के प्रति जागरूक करने पर बल दिया गया।

PMFME एवं स्वरोजगार योजनाओं पर चर्चा

उप विकास आयुक्त ने महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत योग्य एवं व्यवहारिक परियोजनाओं का चयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए बैंकों एवं संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।

एनपीए में कमी लाने के निर्देश

बैठक में ऋण वसूली की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों एवं बैंकों को समन्वित प्रयासों के माध्यम से एनपीए (Non-Performing Assets) में कमी लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

KCC एवं SHG वित्तपोषण अभियान में तेजी

अग्रणी जिला प्रबंधक द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड संतृप्तिकरण अभियान में तेजी लाने, कृषिका ऐप के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने तथा स्वयं सहायता समूहों एवं संयुक्त देयता समूहों के वित्तपोषण लक्ष्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने पर बल दिया गया।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि, डीडीएम नाबार्ड, अग्रणी जिला प्रबंधक श्री बरुण कुमार चौधरी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (जेएसएलपीएस), निदेशक आरसेटी, सीएफएल एवं एफएलसी के प्रतिनिधि सहित जिले के विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक एवं शाखा प्रबंधक उपस्थित थे।

निष्कर्ष

डीसीसी एवं डीएलआरसी समीक्षा बैठक में वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने, बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, स्वरोजगार आधारित ऋण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में बैंकिंग क्षेत्र एवं प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जिले के समग्र आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बिरसा हरित ग्राम योजना के आम बिक्री स्टॉल का उद्घाटन

किसानों की आय वृद्धि एवं प्रत्यक्ष विपणन को मिलेगा बढ़ावा

📅 08 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय मुख्य द्वार, सरायकेला

मुख्य बिंदु

  • उपायुक्त ने बिरसा हरित ग्राम योजना के आम बिक्री स्टॉल का उद्घाटन किया।
  • जिले में कुल 08 आम बिक्री स्टॉल संचालित किए जा रहे हैं।
  • किसानों को प्रत्यक्ष विपणन एवं उचित मूल्य उपलब्ध कराने की पहल।
  • एफपीओ को 1,000 किलोग्राम अमरपाली आम की आपूर्ति हेतु प्रथम क्रय आदेश प्राप्त।

आम बिक्री स्टॉल का शुभारंभ

समाहरणालय, सरायकेला के मुख्य द्वार पर मनरेगा अंतर्गत संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना से जुड़े किसानों द्वारा उत्पादित आम के प्रत्यक्ष विपणन हेतु स्थापित बिक्री स्टॉल का उद्घाटन उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह द्वारा किया गया।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (जेएसएलपीएस) श्री पंकज कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

बिरसा हरित ग्राम योजना का उद्देश्य

बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत जिले में फलदार पौधों के रोपण एवं बागवानी को प्रोत्साहित करते हुए ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित किए जा रहे हैं।

योजना का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि, कृषि आधारित आजीविका को सुदृढ़ करना तथा उत्पादित फलों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।

08 बिक्री स्टॉलों का संचालन

जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल आठ आम बिक्री स्टॉल संचालित किए जा रहे हैं, जहां स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित विभिन्न गुणवत्तापूर्ण किस्मों के आम निर्धारित दर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

किसानों को मिलेगा उचित मूल्य

उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का प्रयास किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक समुचित सहयोग प्रदान करना है, ताकि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि ऐसे बिक्री केंद्र किसानों एवं उपभोक्ताओं के बीच प्रत्यक्ष संपर्क स्थापित करने का माध्यम बन रहे हैं, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर प्रतिफल प्राप्त होगा।

संचालन एवं गुणवत्ता की नियमित निगरानी

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम बिक्री स्टॉलों का संचालन मांग एवं खपत के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को अधिकाधिक विपणन अवसर प्राप्त हो सकें तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद सुगमता से उपलब्ध हो।

उन्होंने स्टॉलों के संचालन, बिक्री, मूल्य निर्धारण, उत्पाद की गुणवत्ता तथा किसानों की सहभागिता की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा

स्थानीय स्तर पर उत्पादित आम की विभिन्न किस्मों के प्रभावी विपणन हेतु प्रचार-प्रसार एवं समन्वयात्मक गतिविधियां संचालित करने पर भी बल दिया गया।

एफपीओ को मिला प्रथम क्रय आदेश

जिला प्रशासन के सहयोग से सरायकेला आजीविका महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफपीओ) को अपनों मार्ट (Apna Mart) के माध्यम से 1,000 किलोग्राम अमरपाली आम की आपूर्ति हेतु ₹60 प्रति किलोग्राम की दर से प्रथम क्रय आदेश प्राप्त हुआ है।

यह उपलब्धि स्थानीय किसानों एवं उत्पादक समूहों को संगठित बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे किसानों को सुनिश्चित बाजार उपलब्ध होने के साथ-साथ बेहतर मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

प्रशासन द्वारा मनरेगा, बिरसा हरित ग्राम योजना एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी पहलों के लाभुकों को बाजारोन्मुख गतिविधियों से जोड़ने तथा उनके उत्पादों के लिए संस्थागत एवं दीर्घकालिक विपणन अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने में भी सहायता मिलेगी।

आत्मनिर्भर किसानों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

यह पहल मनरेगा के तहत सृजित आजीविका परिसंपत्तियों को आर्थिक लाभ से जोड़ने, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने, महिला उत्पादक समूहों एवं एफपीओ को सशक्त बनाने तथा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

निष्कर्ष

बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत स्थापित आम बिक्री स्टॉल किसानों को प्रत्यक्ष बाजार उपलब्ध कराने, उनकी आय बढ़ाने तथा स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। यह प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

शनिवार, 6 जून 2026

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त की अध्यक्षता में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) संबंधी बैठक आयोजित, पात्र मतदाताओं की शत-प्रतिशत मैपिंग, जनजागरूकता अभियान एवं सभी बूथों पर BLA की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने पर दिया गया बल

📅 06 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित।
  • पात्र मतदाताओं की शत-प्रतिशत मैपिंग एवं सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने पर जोर।
  • सभी मतदान केंद्रों पर BLA की प्रतिनियुक्ति करने का आग्रह।
  • मतदाता जागरूकता अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने के निर्देश।

बैठक का आयोजन

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाची निबंधन पदाधिकारी, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं समावेशी बनाना तथा पात्र मतदाताओं की शत-प्रतिशत मैपिंग सुनिश्चित करना था।

मतदाता सूची की शुद्धता पर विशेष बल

कोई पात्र मतदाता वंचित न रहे

उपायुक्त ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे तथा कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में अनावश्यक रूप से शामिल न हो।

उन्होंने कहा कि मतदाताओं की मैपिंग की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, तथ्याधारित एवं त्रुटिरहित होनी चाहिए तथा प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम संबंधित मतदान केंद्र एवं मतदाता सूची से सही रूप से संबद्ध किया जाना आवश्यक है।

SIR कार्यक्रम की जानकारी

बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण की संपूर्ण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, दावा एवं आपत्ति से संबंधित प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही मतदाताओं की मैपिंग, अनमैप्ड मतदाताओं को सूची से जोड़ने तथा वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम खोजने की प्रक्रिया भी साझा की गई।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि झारखंड राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु 01 अक्टूबर, 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है तथा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 07 अक्टूबर, 2026 को किया जाएगा।

BLO एवं BLA की महत्वपूर्ण भूमिका

सभी बूथों पर BLA की प्रतिनियुक्ति आवश्यक

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने तथा उनकी सूची 10 जून, 2026 तक उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया।

बैठक में बताया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के सफल, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित संचालन में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) एवं बूथ लेवल एजेंट (BLA) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर

उपायुक्त ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण केवल निर्वाचन विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण अभियान है।

उन्होंने राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की कि वे आम नागरिकों तक SIR की प्रक्रिया, उद्देश्य, आवश्यक दस्तावेज एवं समय-सीमा की जानकारी पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर संचालित प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया से वंचित न रहे।

महत्वपूर्ण तिथियां

कार्यक्रम तिथि
अर्हता तिथि (Qualifying Date) 01 अक्टूबर, 2026
तैयारी, प्रशिक्षण एवं प्रिंटिंग कार्य 20 जून – 29 जून, 2026
BLO द्वारा घर-घर सत्यापन 30 जून – 29 जुलाई, 2026
मतदान केंद्रों का रैशनलाइजेशन 29 जुलाई, 2026 तक
प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 05 अगस्त, 2026
दावा एवं आपत्ति प्राप्त करने की अवधि 05 अगस्त – 04 सितंबर, 2026
दावा एवं आपत्तियों का निष्पादन 05 अगस्त – 03 अक्टूबर, 2026
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 07 अक्टूबर, 2026

निष्कर्ष

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी एवं अद्यतन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि कोई भी पात्र मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित न रहे।

शुक्रवार, 5 जून 2026

अपर उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय कुकड़ू का किया औचक निरीक्षण

जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

📅 05 जून, 2026 | 📍 कुकड़ू, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • अपर उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय कुकड़ू का औचक निरीक्षण किया।
  • जन शिकायतों एवं आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन पर विशेष जोर।
  • राजस्व मामलों में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी।
  • स्वच्छता, पारदर्शिता एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश।

औचक निरीक्षण एवं समीक्षा

अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार द्वारा आज प्रखंड सह अंचल कार्यालय, कुकड़ू का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय परिसर, विभिन्न विभागों के कार्यालय कक्षों, अभिलेखों एवं पंजियों के संधारण, कर्मियों की उपस्थिति, कार्यालय की साफ-सफाई, आमजनों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा जन शिकायतों एवं आवेदनों के निष्पादन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।

जनहित के मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर

जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान प्रशासन की प्राथमिकता

अपर उपायुक्त ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यालय में आने वाले नागरिकों के कार्य निर्धारित समयावधि में निष्पादित किए जाएं, ताकि आमजनों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।

साथ ही कार्यालय में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों एवं मामलों के समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उपस्थिति एवं अभिलेख संधारण की समीक्षा

अपर उपायुक्त ने उपस्थिति पंजी का अवलोकन करते हुए सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को कार्यालय अवधि के दौरान निर्धारित समय पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया।

उन्होंने विभिन्न पंजियों, अभिलेखों एवं कार्यालयीय दस्तावेजों के समुचित रख-रखाव तथा अद्यतन संधारण सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

राजस्व मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा के दौरान अपर उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि राजस्व मामलों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा उदासीनता पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

स्वच्छता एवं पारदर्शिता पर विशेष बल

अपर उपायुक्त ने कार्यालय परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने, आगंतुकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने पर बल दिया।

इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।

योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

अधिक से अधिक लाभुकों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

अपर उपायुक्त ने निर्देशित किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का स्थानीय भाषा सहित विभिन्न प्रभावी माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि योजनाओं की जानकारी अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्तियों तक पहुंचनी चाहिए ताकि अधिक से अधिक लाभुक योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं शत-प्रतिशत लाभुक आच्छादन सुनिश्चित करने हेतु नियमित अनुश्रवण एवं जनसंपर्क गतिविधियों को सुदृढ़ करने पर भी बल दिया गया।

निरीक्षण के दौरान उपस्थित पदाधिकारी

निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी सुश्री राजश्री बखला, अंचल अधिकारी श्री अभय द्विवेदी सहित विभिन्न प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

निष्कर्ष

कुकड़ू प्रखंड सह अंचल कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन, राजस्व कार्यों में जवाबदेही, कार्यालयीन पारदर्शिता तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। जिला प्रशासन का उद्देश्य आमजनों को बेहतर, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला कारा परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित

पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण के विस्तार हेतु अधिकारियों ने किया पौधारोपण

📅 05 जून, 2026 | 🌱 विश्व पर्यावरण दिवस | 📍 जिला कारा, सरायकेला

मुख्य बिंदु

  • विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला कारा परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित।
  • फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
  • पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सक्रिय सहभागिता का आह्वान।
  • हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में वृक्षारोपण की भूमिका पर जोर।

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष आयोजन

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण के विस्तार एवं स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनुमंडल पदाधिकारी सह प्रभारी जेल अधीक्षक, सरायकेला श्री अभिनव प्रकाश के नेतृत्व में जिला कारा, सरायकेला परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण के माध्यम से हरित वातावरण को प्रोत्साहित करना था।

फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण

कार्यक्रम के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी सह प्रभारी जेल अधीक्षक श्री अभिनव प्रकाश एवं नगर पंचायत, सरायकेला के अध्यक्ष श्री मनोज चौधरी द्वारा संयुक्त रूप से विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया।

पौधारोपण के साथ संरक्षण का संदेश

अधिकारियों ने उपस्थित सभी लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया विशेष बल

इस अवसर पर श्री अभिनव प्रकाश ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक है। बढ़ते प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण एक प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने कहा कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता के संरक्षण, वायु गुणवत्ता में सुधार तथा स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में वृक्षारोपण

उन्होंने सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनने तथा वृक्षारोपण एवं पौधों के संरक्षण को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में निभाने का आह्वान किया।

जनभागीदारी से होगा पर्यावरण संरक्षण

कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है।

अधिक से अधिक वृक्षारोपण, पौधों का संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाकर पर्यावरण को सुरक्षित एवं समृद्ध बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में रहे उपस्थित

इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज चौधरी सहित विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे तथा सभी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

निष्कर्ष

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह वृक्षारोपण कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेकर ही स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ पर्यावरण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।