मंगलवार, 9 जून 2026

खेत बचाओ अभियान'' के तहत कुकडू खंड में किसान जागरूकता सह ऋण शिविर का आयोजन, कृषि ऋण एवं वित्तीय संगठन को किया गया लेकर दी गई जानकारी

📅 09 जून, 2026 | 📍 कुकड़ू प्रखंड, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • "खेत बचाओ अभियान" के तहत किसान जागरूकता सह ऋण शिविर का आयोजन।
  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) एवं कृषि ऋण संबंधी जानकारी प्रदान की गई।
  • डिजिटल बैंकिंग, UPI एवं साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र आयोजित।
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं PM-KISAN सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।
  • बैंकों ने KCC आवेदनों पर 15 दिनों के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

किसानों को संस्थागत ऋण से जोड़ने की पहल

आज दिनांक 09 जून, 2026 को कुकड़ू प्रखंड में "खेत बचाओ अभियान" के तहत किसान जागरूकता सह ऋण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य किसानों को समय पर संस्थागत कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), फसल बीमा एवं अन्य कृषि वित्तीय सेवाओं से जोड़ना था।

कार्यक्रम के दौरान किसानों को अनौपचारिक ऋण स्रोतों एवं साहूकारों पर निर्भरता से होने वाले आर्थिक नुकसान एवं शोषण के प्रति जागरूक किया गया।

किसान क्रेडिट कार्ड के लाभों की जानकारी

शिविर में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई तथा पात्र किसानों के आवेदन भी प्राप्त किए गए।

"कृषिका ऐप" के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन पर जोर

किसानों को "कृषिका ऐप" के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। डिजिटल माध्यम से सेवाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया गया तथा आवेदन प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।

वित्तीय साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र

कार्यक्रम में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने हेतु विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। किसानों को बचत की आदत विकसित करने, पारिवारिक बजट प्रबंधन तथा सुरक्षित बैंकिंग व्यवहार के बारे में जानकारी दी गई।

UPI एवं डिजिटल भुगतान के सुरक्षित उपयोग पर जागरूकता

किसानों को यूपीआई (UPI), डिजिटल भुगतान प्रणाली एवं साइबर धोखाधड़ी से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा वित्तीय लेन-देन में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई।

सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा की गई

शिविर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), स्वयं सहायता समूहों के वित्तपोषण, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से जुड़े किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।

इसके साथ ही किसानों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं लाभ प्राप्त करने की आवश्यक औपचारिकताओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।

KCC आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन

15 दिनों में आवेदन निष्पादन का लक्ष्य

शिविर में उपस्थित बैंक प्रतिनिधियों ने किसान क्रेडिट कार्ड आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करते हुए 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

साथ ही ऋण अदायगी में कठिनाई का सामना कर रहे किसानों को वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई।

किसानों से संस्थागत बैंकिंग अपनाने की अपील

अग्रणी जिला प्रबंधक ने किसानों से अपील की कि वे समय पर बैंकिंग संस्थानों से कृषि ऋण प्राप्त करें, अपनी फसलों का बीमा कराएं तथा कृषि एवं आजीविका संबंधी आवश्यकताओं के लिए केवल अधिकृत वित्तीय संस्थानों का ही उपयोग करें।

उन्होंने कहा कि संस्थागत ऋण एवं सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर किसान आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं तथा अनौपचारिक साहूकारों के आर्थिक शोषण से बच सकते हैं।

शिविर में बड़ी संख्या में किसान हुए शामिल

शिविर में बैंक प्रतिनिधि, पंचायत जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान भाई-बहन उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को किसानों के लिए उपयोगी एवं लाभकारी बताया।

निष्कर्ष

"खेत बचाओ अभियान" के तहत आयोजित किसान जागरूकता सह ऋण शिविर ने किसानों को संस्थागत बैंकिंग, कृषि ऋण, फसल बीमा एवं डिजिटल वित्तीय सेवाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह पहल किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने एवं सुरक्षित वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उपायुक्त की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित, आंगनबाड़ी सेवाओं एवं विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए गए निर्देश

📅 09 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • उपायुक्त की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित।
  • आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली एवं पोषण सेवाओं की समीक्षा।
  • कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की पहचान और उपचार पर विशेष बल।
  • मातृत्व, किशोरी एवं बाल कल्याण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा।
  • FRS सत्यापन, APAAR ID एवं ABHA ID निर्माण में तेजी लाने के निर्देश।

आंगनबाड़ी सेवाओं की विस्तृत समीक्षा

उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली, उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, पोषण सेवाओं, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) गतिविधियों तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (CDPO) एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं (LS) को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

नियमित निरीक्षण एवं रिपोर्टिंग पर जोर

केंद्रों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, पूरक पोषाहार, खेलकूद गतिविधियों, पेयजल, स्वच्छता एवं शौचालय व्यवस्था का निरीक्षण कर उसी दिन प्रतिवेदन जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

कुपोषण उन्मूलन एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस

बैठक में कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की नियमित पहचान सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता अनुसार उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (MTC) में भर्ती कर उपचार एवं अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

साथ ही बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को गुणवत्तापूर्ण पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।

VHSND का नियमित आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश

स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, वजन मापन एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित VHSND आयोजित करने को कहा गया।

ECCE गतिविधियों एवं शिक्षण वातावरण पर जोर

उपायुक्त ने बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा प्रदान करने तथा ECCE गतिविधियों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में अनुकूल एवं सुरक्षित शिक्षण वातावरण विकसित किया जाए।

आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण एवं मरम्मत संबंधी निर्देश

निजी भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए स्थायी भवन निर्माण हेतु उपयुक्त भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त जर्जर एवं मरम्मत योग्य केंद्रों की सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजने को कहा गया।

विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा

बैठक में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना तथा प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की प्रगति की समीक्षा की गई।

शत-प्रतिशत लाभुक आच्छादन का लक्ष्य

पात्र किशोरियों एवं लाभुकों को योजनाओं से शत-प्रतिशत जोड़ने तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

FRS सत्यापन, APAAR ID एवं ABHA ID निर्माण की समीक्षा

विभिन्न विभागीय योजनाओं के लाभुकों के डिजिटल सत्यापन एवं प्रमाणीकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए FRS आधारित सत्यापन कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।

बैठक में APAAR ID एवं ABHA ID निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई तथा सभी पात्र बच्चों एवं लाभुकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

डेटा प्रबंधन एवं पोषण ट्रैकर अपडेट करने के निर्देश

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में विभागीय अभिलेखों का अद्यतन संधारण, पोषण ट्रैकर एवं अन्य विभागीय पोर्टलों पर नियमित डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए।

साथ ही अनुपस्थित एवं ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः सेवाओं से जोड़ने तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री कैलाश मिश्रा, जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), महिला पर्यवेक्षिकाएं (LS) तथा समाज कल्याण विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

निष्कर्ष

बैठक में आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, कुपोषण उन्मूलन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को जवाबदेही एवं समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

उपायुक्त की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित, लंबित आवेदनों के निष्पादन एवं लाभुक सत्यापन में तेजी लाने के दिए गए निर्देश

📅 09 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • उपायुक्त की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित।
  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लंबित आवेदनों की समीक्षा।
  • मंईयां सम्मान योजना के लाभुक सत्यापन में तेजी लाने के निर्देश।
  • स्पॉन्सरशिप योजना के पात्र बच्चों को शीघ्र लाभ से जोड़ने पर बल।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा

उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं, झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना एवं स्पॉन्सरशिप योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान लंबित आवेदनों के निष्पादन, लाभुक सत्यापन तथा सहायता राशि भुगतान की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश

पात्र लाभुकों को समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराने पर जोर

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लंबित आवेदनों का नियमानुसार शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र लाभुकों को समयबद्ध रूप से योजनाओं से आच्छादित किया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी स्वीकृत लाभुकों को सहायता राशि का नियमित एवं समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लाभुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

स्पॉन्सरशिप योजना की समीक्षा

स्पॉन्सरशिप योजना की समीक्षा के दौरान प्राप्त आवेदनों का विभागीय प्रावधानों के अनुरूप निष्पादन करने तथा पात्र बच्चों को शीघ्र योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

पात्र बच्चों को नियमित सहायता राशि उपलब्ध कराने पर बल

उपायुक्त ने कहा कि पात्र बच्चों को नियमित रूप से सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए तथा लंबित मामलों के निष्पादन में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित की जाए।

मंईयां सम्मान योजना में सत्यापन कार्य में तेजी

झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के अंतर्गत लंबित लाभुक सत्यापन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।

तकनीकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान

लाभुक सत्यापन में आ रही तकनीकी समस्याओं एवं अन्य बाधाओं की सूचना विभागीय स्तर पर तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।

आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश

उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित मामलों के समयबद्ध निष्पादन तथा पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित रूप से पहुंचाने हेतु आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उद्देश्य समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों को सहायता प्रदान करना है, इसलिए इनके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा श्रीमती निवेदिता राय, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), महिला पर्यवेक्षिका (LS) सहित सामाजिक सुरक्षा एवं समाज कल्याण विभाग से संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

निष्कर्ष

समीक्षा बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं, मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना एवं स्पॉन्सरशिप योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। जिला प्रशासन ने लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन, लाभुक सत्यापन में तेजी तथा पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए।

सोमवार, 8 जून 2026

आदित्यपुर थाना क्षेत्र में तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम के तहत संयुक्त जांच अभियान, नियमों के अनुपालन के दिए गए निर्देश

📅 08 जून, 2026 | 📍 आदित्यपुर, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम के तहत संयुक्त जांच अभियान चलाया गया।
  • लगभग 14 दुकानों का निरीक्षण कर नियमों की जानकारी दी गई।
  • शिक्षण संस्थानों एवं सरकारी कार्यालयों के आसपास तम्बाकू बिक्री पर विशेष निगरानी।
  • होटलों एवं सार्वजनिक स्थलों पर "गैर धूम्रपान क्षेत्र" सूचना-पट्ट लगाने के निर्देश।

संयुक्त जांच अभियान संचालित

उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां के निर्देशानुसार आदित्यपुर थाना क्षेत्र में सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (COTPA-2003), झारखंड संशोधित अधिनियम-2021, PECA-2019 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुपालन की जांच हेतु संयुक्त अभियान चलाया गया।

अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री सुबीर रंजन एवं राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के जिला परामर्शी श्री अशोक यादव द्वारा किया गया।

14 दुकानों का किया गया निरीक्षण

जांच के दौरान आदित्यपुर थाना क्षेत्र की लगभग 14 दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में शिक्षण संस्थानों एवं सरकारी कार्यालयों के 100 मीटर की परिधि में संचालित दुकानों की विशेष रूप से जांच की गई।

विद्यालयों एवं सरकारी कार्यालयों के आसपास बिक्री पर रोक

दुकानदारों को निर्देशित किया गया कि शिक्षण संस्थानों एवं सरकारी कार्यालयों के आसपास तम्बाकू उत्पाद अथवा अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री नहीं की जाए।

निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को कोटपा अधिनियम, 2003 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।

होटलों में "गैर धूम्रपान क्षेत्र" सूचना-पट्ट अनिवार्य

जिला परामर्शी, एनटीसीपी द्वारा सभी होटल संचालकों एवं प्रबंधकों को अपने प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों के अनुरूप "गैर धूम्रपान क्षेत्र (No Smoking Area)" संबंधी सूचना-पट्ट एवं दीवार लेखन प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया।

धारा-4 के तहत जुर्माने का प्रावधान

सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन की स्थिति में कोटपा अधिनियम की धारा-4 के अंतर्गत जुर्माना लगाया जा सकता है।

खुली सिगरेट बिक्री पर भी जताई चिंता

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री सुबीर रंजन ने बताया कि शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों एवं न्यायालय परिसरों के 100 मीटर की परिधि में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री एवं उपयोग प्रतिबंधित है।

उन्होंने कहा कि खुली सिगरेट की बिक्री तम्बाकू उत्पादों पर प्रदर्शित स्वास्थ्य चेतावनी संबंधी प्रावधानों की भावना के विपरीत है। इसलिए विक्रेताओं को पैकेटबंद उत्पादों के निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए।

स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में प्रयास

युवाओं को नशे से दूर रखने का उद्देश्य

जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम द्वारा नियमित जांच एवं जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को तम्बाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों की लत से दूर रखा जा सके।

अधिकारियों ने बताया कि तम्बाकू नियंत्रण संबंधी कानूनी प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।

अभियान में उपस्थित अधिकारी

इस अवसर पर आदित्यपुर थाना के पुलिसकर्मी, राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) की टीम तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

आदित्यपुर थाना क्षेत्र में संचालित संयुक्त जांच अभियान का उद्देश्य तम्बाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करना, युवाओं को नशे की लत से बचाना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को मजबूत करना है। जिला प्रशासन द्वारा जागरूकता एवं प्रवर्तन दोनों स्तरों पर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक सम्पन्न, पेयजल योजनाओं की समीक्षा कर दिए गए आवश्यक निर्देश

📅 08 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित।
  • खराब चापाकलों, जलमीनारों एवं बंद पेयजल योजनाओं की शीघ्र मरम्मति के निर्देश।
  • ड्राई जोन एवं पेयजल संकटग्रस्त क्षेत्रों को प्राथमिकता देने पर जोर।
  • पेयजल परिसंपत्तियों की सुरक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश।

पेयजल योजनाओं की विस्तृत समीक्षा

समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न पेयजल आपूर्ति योजनाओं की प्रगति एवं वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के क्रम में खराब चापाकलों, जलमीनारों एवं बंद पड़ी पेयजल योजनाओं की शीघ्र मरम्मति कर उन्हें पुनः संचालित करने तथा छूटे हुए ग्रामों एवं टोलों को नल-जल योजना से आच्छादित करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।

जल जीवन मिशन एवं अन्य योजनाओं की समीक्षा

बैठक में जल जीवन मिशन (JJM), सिंगल विलेज स्कीम (SVS), मल्टी विलेज स्कीम (MVS) तथा वित्त आयोग मद से संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई।

पेयजल आपूर्ति बाधित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई

निर्देश दिया गया कि सभी योजनाओं का नियमित अनुश्रवण किया जाए तथा जहां भी पेयजल आपूर्ति बाधित है वहां त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

विशेष रूप से ड्राई जोन एवं पेयजल संकटग्रस्त क्षेत्रों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

निर्माणाधीन योजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश

उप विकास आयुक्त ने निर्माणाधीन जलमीनारों एवं अन्य पेयजल संरचनाओं के कार्य में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं को समय पर पूर्ण कर क्रियाशील बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

पेयजल परिसंपत्तियों की सुरक्षा पर विशेष चिंता

चोरी एवं क्षति पहुंचाने वालों पर होगी कार्रवाई

बैठक में पेयजल परिसंपत्तियों में उपकरणों की चोरी एवं क्षति पहुंचाने की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई तथा ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों को चिन्हित करते हुए संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

साथ ही जलमीनार, चापाकल एवं अन्य पेयजल परिसंपत्तियों की सुरक्षा हेतु नियमित निगरानी तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।

सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता

जनहित में सतत निगरानी आवश्यक

उप विकास आयुक्त ने कहा कि आमजन को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की भौतिक स्थिति का निरीक्षण करने तथा प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

साथ ही पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने पर भी बल दिया गया।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी कनीय अभियंता, जिला समन्वयक, प्रखंड समन्वयक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए ड्राई जोन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने, बंद योजनाओं को पुनः संचालित करने तथा पेयजल परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। प्रशासन द्वारा सभी योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन एवं आमजन को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखने की बात कही गई।

उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में डीसीसी एवं डीएलआरसी की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित, बैंकिंग सेवाओं के विस्तार एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया गया जोर

📅 08 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में डीसीसी एवं डीएलआरसी की समीक्षा बैठक आयोजित।
  • साख-जमा अनुपात (CD Ratio), वार्षिक साख योजना एवं ऋण वितरण की समीक्षा।
  • सरकारी योजनाओं के आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन के निर्देश।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं एवं डिजिटल सुविधाओं के विस्तार पर जोर।

बैठक में विभिन्न योजनाओं की हुई समीक्षा

समाहरणालय स्थित सभागार में जिला सलाहकार समिति (DCC) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की मार्च 2026 तिमाही की समीक्षा बैठक उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में जिले के साख-जमा अनुपात (CD Ratio), वार्षिक साख योजना (ACP), कृषि एवं स्वरोजगार आधारित ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा विभिन्न सरकार प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

ऋण स्वीकृति एवं वितरण में तेजी लाने के निर्देश

पात्र लाभुकों के आवेदन लंबित न रहें

उप विकास आयुक्त ने सभी बैंक प्रबंधकों को निर्देशित किया कि विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी पात्र लाभुक का आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।

बैठक के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), स्वयं सहायता समूह (SHG) बैंक लिंकेज, संयुक्त देयता समूह (JLG), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME), प्रधानमंत्री विश्वकर्मा, प्रधानमंत्री स्वनिधि तथा मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण स्वीकृति एवं वितरण की समीक्षा की गई।

उन्होंने ऋण स्वीकृति एवं वितरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने पर विशेष बल दिया।

ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार

बैठक में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के उद्देश्य से ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बैंकिंग संवाददाता केंद्र (BC Point), एटीएम तथा डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर चर्चा की गई।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे बैंकिंग सेवाएं

उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार किया जाए जहां लोगों को बैंकिंग सेवाओं के लिए अधिक दूरी तय करनी पड़ती है।

उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना सभी संबंधित संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है।

वित्तीय साक्षरता पर विशेष बल

वित्तीय साक्षरता केंद्र (FLC) एवं सामुदायिक वित्तीय साक्षरता केंद्र (CFL) द्वारा संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए आमजन को बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान, बचत, ऋण सुविधाओं एवं साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया।

विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को डिजिटल बैंकिंग एवं सुरक्षित वित्तीय व्यवहार के प्रति जागरूक करने पर बल दिया गया।

PMFME एवं स्वरोजगार योजनाओं पर चर्चा

उप विकास आयुक्त ने महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत योग्य एवं व्यवहारिक परियोजनाओं का चयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए बैंकों एवं संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।

एनपीए में कमी लाने के निर्देश

बैठक में ऋण वसूली की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों एवं बैंकों को समन्वित प्रयासों के माध्यम से एनपीए (Non-Performing Assets) में कमी लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

KCC एवं SHG वित्तपोषण अभियान में तेजी

अग्रणी जिला प्रबंधक द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड संतृप्तिकरण अभियान में तेजी लाने, कृषिका ऐप के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने तथा स्वयं सहायता समूहों एवं संयुक्त देयता समूहों के वित्तपोषण लक्ष्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने पर बल दिया गया।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि, डीडीएम नाबार्ड, अग्रणी जिला प्रबंधक श्री बरुण कुमार चौधरी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (जेएसएलपीएस), निदेशक आरसेटी, सीएफएल एवं एफएलसी के प्रतिनिधि सहित जिले के विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक एवं शाखा प्रबंधक उपस्थित थे।

निष्कर्ष

डीसीसी एवं डीएलआरसी समीक्षा बैठक में वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने, बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, स्वरोजगार आधारित ऋण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में बैंकिंग क्षेत्र एवं प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जिले के समग्र आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बिरसा हरित ग्राम योजना के आम बिक्री स्टॉल का उद्घाटन

किसानों की आय वृद्धि एवं प्रत्यक्ष विपणन को मिलेगा बढ़ावा

📅 08 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय मुख्य द्वार, सरायकेला

मुख्य बिंदु

  • उपायुक्त ने बिरसा हरित ग्राम योजना के आम बिक्री स्टॉल का उद्घाटन किया।
  • जिले में कुल 08 आम बिक्री स्टॉल संचालित किए जा रहे हैं।
  • किसानों को प्रत्यक्ष विपणन एवं उचित मूल्य उपलब्ध कराने की पहल।
  • एफपीओ को 1,000 किलोग्राम अमरपाली आम की आपूर्ति हेतु प्रथम क्रय आदेश प्राप्त।

आम बिक्री स्टॉल का शुभारंभ

समाहरणालय, सरायकेला के मुख्य द्वार पर मनरेगा अंतर्गत संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना से जुड़े किसानों द्वारा उत्पादित आम के प्रत्यक्ष विपणन हेतु स्थापित बिक्री स्टॉल का उद्घाटन उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह द्वारा किया गया।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (जेएसएलपीएस) श्री पंकज कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

बिरसा हरित ग्राम योजना का उद्देश्य

बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत जिले में फलदार पौधों के रोपण एवं बागवानी को प्रोत्साहित करते हुए ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित किए जा रहे हैं।

योजना का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि, कृषि आधारित आजीविका को सुदृढ़ करना तथा उत्पादित फलों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।

08 बिक्री स्टॉलों का संचालन

जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल आठ आम बिक्री स्टॉल संचालित किए जा रहे हैं, जहां स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित विभिन्न गुणवत्तापूर्ण किस्मों के आम निर्धारित दर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

किसानों को मिलेगा उचित मूल्य

उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का प्रयास किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक समुचित सहयोग प्रदान करना है, ताकि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि ऐसे बिक्री केंद्र किसानों एवं उपभोक्ताओं के बीच प्रत्यक्ष संपर्क स्थापित करने का माध्यम बन रहे हैं, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर प्रतिफल प्राप्त होगा।

संचालन एवं गुणवत्ता की नियमित निगरानी

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम बिक्री स्टॉलों का संचालन मांग एवं खपत के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को अधिकाधिक विपणन अवसर प्राप्त हो सकें तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद सुगमता से उपलब्ध हो।

उन्होंने स्टॉलों के संचालन, बिक्री, मूल्य निर्धारण, उत्पाद की गुणवत्ता तथा किसानों की सहभागिता की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा

स्थानीय स्तर पर उत्पादित आम की विभिन्न किस्मों के प्रभावी विपणन हेतु प्रचार-प्रसार एवं समन्वयात्मक गतिविधियां संचालित करने पर भी बल दिया गया।

एफपीओ को मिला प्रथम क्रय आदेश

जिला प्रशासन के सहयोग से सरायकेला आजीविका महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफपीओ) को अपनों मार्ट (Apna Mart) के माध्यम से 1,000 किलोग्राम अमरपाली आम की आपूर्ति हेतु ₹60 प्रति किलोग्राम की दर से प्रथम क्रय आदेश प्राप्त हुआ है।

यह उपलब्धि स्थानीय किसानों एवं उत्पादक समूहों को संगठित बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे किसानों को सुनिश्चित बाजार उपलब्ध होने के साथ-साथ बेहतर मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

प्रशासन द्वारा मनरेगा, बिरसा हरित ग्राम योजना एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी पहलों के लाभुकों को बाजारोन्मुख गतिविधियों से जोड़ने तथा उनके उत्पादों के लिए संस्थागत एवं दीर्घकालिक विपणन अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने में भी सहायता मिलेगी।

आत्मनिर्भर किसानों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

यह पहल मनरेगा के तहत सृजित आजीविका परिसंपत्तियों को आर्थिक लाभ से जोड़ने, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने, महिला उत्पादक समूहों एवं एफपीओ को सशक्त बनाने तथा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

निष्कर्ष

बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत स्थापित आम बिक्री स्टॉल किसानों को प्रत्यक्ष बाजार उपलब्ध कराने, उनकी आय बढ़ाने तथा स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। यह प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।