📅 09 जून, 2026 | 📍 कुकड़ू प्रखंड, सरायकेला-खरसावां
मुख्य बिंदु
- "खेत बचाओ अभियान" के तहत किसान जागरूकता सह ऋण शिविर का आयोजन।
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) एवं कृषि ऋण संबंधी जानकारी प्रदान की गई।
- डिजिटल बैंकिंग, UPI एवं साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र आयोजित।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं PM-KISAN सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।
- बैंकों ने KCC आवेदनों पर 15 दिनों के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
किसानों को संस्थागत ऋण से जोड़ने की पहल
आज दिनांक 09 जून, 2026 को कुकड़ू प्रखंड में "खेत बचाओ अभियान" के तहत किसान जागरूकता सह ऋण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य किसानों को समय पर संस्थागत कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), फसल बीमा एवं अन्य कृषि वित्तीय सेवाओं से जोड़ना था।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को अनौपचारिक ऋण स्रोतों एवं साहूकारों पर निर्भरता से होने वाले आर्थिक नुकसान एवं शोषण के प्रति जागरूक किया गया।
किसान क्रेडिट कार्ड के लाभों की जानकारी
शिविर में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई तथा पात्र किसानों के आवेदन भी प्राप्त किए गए।
"कृषिका ऐप" के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन पर जोर
किसानों को "कृषिका ऐप" के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। डिजिटल माध्यम से सेवाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया गया तथा आवेदन प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।
वित्तीय साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र
कार्यक्रम में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने हेतु विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। किसानों को बचत की आदत विकसित करने, पारिवारिक बजट प्रबंधन तथा सुरक्षित बैंकिंग व्यवहार के बारे में जानकारी दी गई।
UPI एवं डिजिटल भुगतान के सुरक्षित उपयोग पर जागरूकता
किसानों को यूपीआई (UPI), डिजिटल भुगतान प्रणाली एवं साइबर धोखाधड़ी से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा वित्तीय लेन-देन में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई।
सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा की गई
शिविर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), स्वयं सहायता समूहों के वित्तपोषण, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से जुड़े किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।
इसके साथ ही किसानों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं लाभ प्राप्त करने की आवश्यक औपचारिकताओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
KCC आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन
15 दिनों में आवेदन निष्पादन का लक्ष्य
शिविर में उपस्थित बैंक प्रतिनिधियों ने किसान क्रेडिट कार्ड आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करते हुए 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
साथ ही ऋण अदायगी में कठिनाई का सामना कर रहे किसानों को वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई।
किसानों से संस्थागत बैंकिंग अपनाने की अपील
अग्रणी जिला प्रबंधक ने किसानों से अपील की कि वे समय पर बैंकिंग संस्थानों से कृषि ऋण प्राप्त करें, अपनी फसलों का बीमा कराएं तथा कृषि एवं आजीविका संबंधी आवश्यकताओं के लिए केवल अधिकृत वित्तीय संस्थानों का ही उपयोग करें।
उन्होंने कहा कि संस्थागत ऋण एवं सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर किसान आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं तथा अनौपचारिक साहूकारों के आर्थिक शोषण से बच सकते हैं।
शिविर में बड़ी संख्या में किसान हुए शामिल
शिविर में बैंक प्रतिनिधि, पंचायत जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान भाई-बहन उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को किसानों के लिए उपयोगी एवं लाभकारी बताया।
निष्कर्ष
"खेत बचाओ अभियान" के तहत आयोजित किसान जागरूकता सह ऋण शिविर ने किसानों को संस्थागत बैंकिंग, कृषि ऋण, फसल बीमा एवं डिजिटल वित्तीय सेवाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह पहल किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने एवं सुरक्षित वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।







