शुक्रवार, 5 जून 2026

अपर उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय कुकड़ू का किया औचक निरीक्षण

जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

📅 05 जून, 2026 | 📍 कुकड़ू, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • अपर उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय कुकड़ू का औचक निरीक्षण किया।
  • जन शिकायतों एवं आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन पर विशेष जोर।
  • राजस्व मामलों में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी।
  • स्वच्छता, पारदर्शिता एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश।

औचक निरीक्षण एवं समीक्षा

अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार द्वारा आज प्रखंड सह अंचल कार्यालय, कुकड़ू का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय परिसर, विभिन्न विभागों के कार्यालय कक्षों, अभिलेखों एवं पंजियों के संधारण, कर्मियों की उपस्थिति, कार्यालय की साफ-सफाई, आमजनों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा जन शिकायतों एवं आवेदनों के निष्पादन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।

जनहित के मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर

जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान प्रशासन की प्राथमिकता

अपर उपायुक्त ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यालय में आने वाले नागरिकों के कार्य निर्धारित समयावधि में निष्पादित किए जाएं, ताकि आमजनों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।

साथ ही कार्यालय में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों एवं मामलों के समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उपस्थिति एवं अभिलेख संधारण की समीक्षा

अपर उपायुक्त ने उपस्थिति पंजी का अवलोकन करते हुए सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को कार्यालय अवधि के दौरान निर्धारित समय पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया।

उन्होंने विभिन्न पंजियों, अभिलेखों एवं कार्यालयीय दस्तावेजों के समुचित रख-रखाव तथा अद्यतन संधारण सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

राजस्व मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा के दौरान अपर उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि राजस्व मामलों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा उदासीनता पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

स्वच्छता एवं पारदर्शिता पर विशेष बल

अपर उपायुक्त ने कार्यालय परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने, आगंतुकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने पर बल दिया।

इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।

योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

अधिक से अधिक लाभुकों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

अपर उपायुक्त ने निर्देशित किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का स्थानीय भाषा सहित विभिन्न प्रभावी माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि योजनाओं की जानकारी अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्तियों तक पहुंचनी चाहिए ताकि अधिक से अधिक लाभुक योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं शत-प्रतिशत लाभुक आच्छादन सुनिश्चित करने हेतु नियमित अनुश्रवण एवं जनसंपर्क गतिविधियों को सुदृढ़ करने पर भी बल दिया गया।

निरीक्षण के दौरान उपस्थित पदाधिकारी

निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी सुश्री राजश्री बखला, अंचल अधिकारी श्री अभय द्विवेदी सहित विभिन्न प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

निष्कर्ष

कुकड़ू प्रखंड सह अंचल कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन, राजस्व कार्यों में जवाबदेही, कार्यालयीन पारदर्शिता तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। जिला प्रशासन का उद्देश्य आमजनों को बेहतर, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला कारा परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित

पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण के विस्तार हेतु अधिकारियों ने किया पौधारोपण

📅 05 जून, 2026 | 🌱 विश्व पर्यावरण दिवस | 📍 जिला कारा, सरायकेला

मुख्य बिंदु

  • विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला कारा परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित।
  • फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
  • पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सक्रिय सहभागिता का आह्वान।
  • हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में वृक्षारोपण की भूमिका पर जोर।

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष आयोजन

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण के विस्तार एवं स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनुमंडल पदाधिकारी सह प्रभारी जेल अधीक्षक, सरायकेला श्री अभिनव प्रकाश के नेतृत्व में जिला कारा, सरायकेला परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण के माध्यम से हरित वातावरण को प्रोत्साहित करना था।

फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण

कार्यक्रम के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी सह प्रभारी जेल अधीक्षक श्री अभिनव प्रकाश एवं नगर पंचायत, सरायकेला के अध्यक्ष श्री मनोज चौधरी द्वारा संयुक्त रूप से विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया।

पौधारोपण के साथ संरक्षण का संदेश

अधिकारियों ने उपस्थित सभी लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया विशेष बल

इस अवसर पर श्री अभिनव प्रकाश ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक है। बढ़ते प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण एक प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने कहा कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता के संरक्षण, वायु गुणवत्ता में सुधार तथा स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में वृक्षारोपण

उन्होंने सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनने तथा वृक्षारोपण एवं पौधों के संरक्षण को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में निभाने का आह्वान किया।

जनभागीदारी से होगा पर्यावरण संरक्षण

कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है।

अधिक से अधिक वृक्षारोपण, पौधों का संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाकर पर्यावरण को सुरक्षित एवं समृद्ध बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में रहे उपस्थित

इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज चौधरी सहित विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे तथा सभी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

निष्कर्ष

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह वृक्षारोपण कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेकर ही स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ पर्यावरण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

उपायुक्त की अध्यक्षता में डीएमएफटी शासी परिषद की बैठक आयोजित, खनन प्रभावित क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा एवं नई विकास योजनाओं के चयन पर हुई चर्चा

📅 05 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • उपायुक्त की अध्यक्षता में डीएमएफटी शासी परिषद की बैठक आयोजित।
  • खनन प्रभावित क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा।
  • स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, कौशल विकास एवं आधारभूत संरचना से जुड़ी नई योजनाओं पर चर्चा।
  • शासी परिषद के सदस्यों द्वारा विभिन्न जनहितकारी सुझाव प्रस्तुत किए गए।

बैठक का आयोजन

समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां श्री नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की शासी परिषद की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में माननीय खरसावां विधायक श्री दशरथ गागराई, माननीय ईचागढ़ विधायक श्रीमती सविता महतो, जिला परिषद अध्यक्ष श्री सोनाराम बोदरा, माननीय सांसद एवं विधायक प्रतिनिधिगण, उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा, शासी परिषद के सदस्यगण तथा विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

बैठक के दौरान खनन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में डीएमएफटी मद से संचालित योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों एवं वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

साथ ही योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

विकास योजनाओं पर विशेष चर्चा

खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र एवं सतत विकास को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, पेयजल, आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, विद्यालयी आधारभूत संरचना, कृषि एवं आजीविका संवर्द्धन तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

शासी परिषद के सदस्यों से प्राप्त सुझाव

बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा शासी परिषद के सदस्यों से सुझाव एवं अनुशंसाएं आमंत्रित की गईं। इस क्रम में परिषद सदस्यों ने जिले के समग्र विकास एवं जनसुविधाओं के विस्तार से संबंधित कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

प्रमुख सुझाव

  • हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • शव वाहन की संख्या में वृद्धि करना।
  • बंद पड़े कोल्ड स्टोरेज को पुनः संचालित करना।
  • जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का निर्माण।
  • स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना।

उपायुक्त के निर्देश

उपायुक्त ने शासी परिषद के सदस्यों द्वारा प्राप्त सुझावों को गंभीरतापूर्वक लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक परीक्षण एवं कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि डीएमएफटी निधि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, आजीविका संवर्द्धन एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचना का निर्माण नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार लाना एवं उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

भावी कार्ययोजना पर चर्चा

बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति से संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किए गए।

साथ ही परिषद के सदस्यों द्वारा प्राप्त सुझावों एवं अनुशंसाओं के आलोक में भावी कार्ययोजना तैयार करने तथा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक रणनीतियों पर भी चर्चा की गई।

डीएमएफटी का उद्देश्य

डीएमएफटी का मुख्य उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना, आधारभूत सुविधाओं का विकास करना तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं आजीविका के क्षेत्र में स्थायी एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करना है।

निष्कर्ष

डीएमएफटी शासी परिषद की इस बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए भविष्य की विकासात्मक प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई। बैठक में प्राप्त सुझावों एवं अनुशंसाओं के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कृषि, कौशल विकास एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनहितकारी परियोजनाओं को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।

विश्व पर्यावरण दिवस पर उपायुक्त ने वृद्धाश्रम में किया वृक्षारोपण, वृद्धजनों से संवाद कर सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु दिए आवश्यक निर्देश

📅 05 जून, 2026 | 🌱 विश्व पर्यावरण दिवस | 📍 साहिबगंज, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • विश्व पर्यावरण दिवस पर वृद्धाश्रम परिसर में वृक्षारोपण किया गया।
  • उपायुक्त ने वृद्धजनों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली।
  • कूलर, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश।
  • वृद्धजनों द्वारा की जा रही फल एवं सब्जी खेती की सराहना की गई।

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष कार्यक्रम

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां श्री नीतिश कुमार सिंह ने साहिबगंज स्थित वृद्धाश्रम परिसर का निरीक्षण किया तथा केंद्र में निवासरत वरिष्ठ नागरिकों के साथ वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर भी उपस्थित रहीं।

वृद्धजनों से संवाद एवं सुविधाओं की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने वृद्धाश्रम में उपलब्ध आवासीय, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने केंद्र में निवासरत वरिष्ठ नागरिकों से सीधे संवाद कर उनके स्वास्थ्य, दैनिक आवश्यकताओं एवं उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।

सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के निर्देश

गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए केंद्र में कूलर, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

फल एवं सब्जी खेती का निरीक्षण

इस अवसर पर वृद्धाश्रम परिसर में वरिष्ठ नागरिकों द्वारा की जा रही फल एवं सब्जी की खेती का भी निरीक्षण किया गया।

वरिष्ठ नागरिकों द्वारा आत्मनिर्भरता एवं सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए जा रहे इस सकारात्मक प्रयास की उपायुक्त ने सराहना की तथा इसे अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणादायक बताया।

कृषि गतिविधियों को मिलेगा प्रोत्साहन

उपायुक्त ने जिला कृषि पदाधिकारी को नियमित रूप से केंद्र का भ्रमण करने, मौसम एवं आवश्यकता के अनुरूप बीज उपलब्ध कराने तथा तकनीकी सहयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक संवेदनशीलता पर बल

उपायुक्त ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों के सम्मानजनक, सुरक्षित एवं स्वस्थ जीवन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता, सहभागिता एवं सामुदायिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करते हैं।

इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज के वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान एवं सहयोग की भावना को भी बढ़ावा मिलता है।

निष्कर्ष

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण एवं वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वृक्षारोपण, संवाद एवं सुविधाओं की समीक्षा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व का सकारात्मक संदेश समाज तक पहुंचाया गया।

गुरुवार, 4 जून 2026

तम्बाकू नियंत्रण कानून के अनुपालन हेतु जिला प्रशासन का सघन जांच अभियान, 05 प्रतिष्ठानों पर की गई कार्रवाई

📅 04 जून, 2026 | 📍 सरायकेला थाना क्षेत्र

मुख्य बिंदु

  • जिला प्रशासन द्वारा तम्बाकू नियंत्रण कानूनों के अनुपालन हेतु विशेष अभियान चलाया गया।
  • लगभग 20 दुकानों एवं प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
  • 05 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए ₹2,800 का अर्थदंड वसूला गया।
  • विद्यालयों के आसपास तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर विशेष निगरानी।

विशेष जांच एवं निरीक्षण अभियान

उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी एवं राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) की जिला टीम द्वारा संयुक्त रूप से सरायकेला थाना क्षेत्र अंतर्गत विशेष जांच एवं निरीक्षण अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (COTPA-2003), झारखंड संशोधित अधिनियम-2021, पीईसीए-2019 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के विभिन्न प्रावधानों के अनुपालन की जांच की गई।

20 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 05 पर कार्रवाई

जांच के क्रम में पुराना बस स्टैंड, सरायकेला एवं आसपास के क्षेत्रों में लगभग 20 दुकानों एवं प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान कार्रवाई

  • लगभग 20 दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की जांच।
  • 05 प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया गया।
  • कुल ₹2,800 का अर्थदंड वसूला गया।
  • भविष्य में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश।

कोटपा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई।

विद्यालयों के आसपास बिक्री पर विशेष निगरानी

अभियान के दौरान शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में स्थित दुकानों का विशेष रूप से निरीक्षण किया गया।

जहां भी तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पाई गई, संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध कोटपा अधिनियम की धारा 6(ख) के तहत कार्रवाई की गई तथा भविष्य में विद्यालयों के आसपास तम्बाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री नहीं करने का निर्देश दिया गया।

होटल एवं प्रतिष्ठानों के लिए निर्देश

'नो स्मोकिंग एरिया' सूचना-पट्ट अनिवार्य

जिला टीम ने सभी होटल मालिकों एवं प्रबंधकों को अपने प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानक के अनुरूप "गैर धूम्रपान क्षेत्र (No Smoking Area)" संबंधी सूचना-पट्ट, पोस्टर अथवा दीवार लेखन अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया।

ऐसा नहीं पाए जाने पर कोटपा अधिनियम की धारा 4 के तहत नियमानुसार जुर्माना लगाया जा सकता है।

खुली सिगरेट बिक्री पर जागरूकता

जिला प्रशासन ने दुकानदारों एवं आम नागरिकों को जागरूक करते हुए बताया कि खुली सिगरेट की बिक्री पैकेट पर प्रदर्शित वैधानिक स्वास्थ्य चेतावनी एवं चित्रात्मक संदेशों के उद्देश्य का उल्लंघन है।

अतः तम्बाकू उत्पादों की बिक्री निर्धारित नियमों एवं कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही की जानी चाहिए।

सार्वजनिक स्थलों पर प्रतिबंध

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों एवं न्यायालय परिसरों के 100 मीटर के दायरे में धूम्रपान अथवा तम्बाकू उत्पादों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है।

सार्वजनिक स्थलों पर तम्बाकू सेवन कर गंदगी फैलाने एवं कानून का उल्लंघन करने की स्थिति में नियमानुसार जुर्माना लगाया जा सकता है।

स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में प्रयास

जिला प्रशासन युवाओं को तम्बाकू एवं नशे की लत से दूर रखने तथा स्वस्थ समाज के निर्माण के उद्देश्य से तम्बाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी अनुपालन हेतु नियमित रूप से निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान संचालित कर रहा है।

निरीक्षण अभियान में खाद्य सुरक्षा विभाग, राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) की टीम तथा स्थानीय पुलिस बल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

निष्कर्ष

तम्बाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी अनुपालन हेतु जिला प्रशासन द्वारा चलाया गया यह विशेष अभियान जनस्वास्थ्य की सुरक्षा एवं युवाओं को नशे की लत से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान निरंतर जारी रहेंगे तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त ने की आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की समीक्षा, सरायकेला, गम्हरिया एवं कुकड़ू प्रखंडों में प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में सुधार हेतु दिए आवश्यक निर्देश

📅 04 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम अंतर्गत विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा।
  • स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि एवं आधारभूत संरचना से जुड़े संकेतकों की प्रगति पर चर्चा।
  • शौचालय, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश।
  • डेटा अपडेट, नियमित अनुश्रवण एवं क्षेत्रीय भ्रमण पर विशेष जोर।

समीक्षा बैठक का आयोजन

उप विकास आयुक्त, सरायकेला-खरसावां श्रीमती रीना हांसदा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिले के चयनित आकांक्षी प्रखंडों—सरायकेला, गम्हरिया एवं कुकड़ू—में संचालित आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की अद्यतन समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की उपलब्धियों, प्रगति एवं लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति की विभागवार एवं बिंदुवार समीक्षा की गई। साथ ही प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (Key Performance Indicators) के क्रियान्वयन की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।

विभिन्न क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा

समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, पशुपालन, पेयजल एवं स्वच्छता, वित्तीय समावेशन, आधारभूत संरचना विकास सहित अन्य निर्धारित संकेतकों से संबंधित उपलब्धियों एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

विभिन्न विभागों को आवंटित लक्ष्यों की प्राप्ति, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा संकेतकों में सुधार की संभावनाओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर विशेष जोर

उप विकास आयुक्त ने विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों में शौचालय, पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही VHSND (ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस) का नियमित आयोजन सुनिश्चित करने पर बल दिया।

लक्ष्य प्राप्ति एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

उप विकास आयुक्त ने सभी विभागों को निर्धारित मानकों एवं विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हुए लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से पहुंचाना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

इसके लिए संबंधित अधिकारियों को नियमित अनुश्रवण, क्षेत्रीय भ्रमण तथा विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।

डेटा प्रबंधन एवं पोर्टल अपडेट पर जोर

उप विकास आयुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को विभिन्न संकेतकों से संबंधित अद्यतन आंकड़ों एवं उपलब्धियों को निर्धारित पोर्टलों पर नियमित रूप से अपलोड एवं अपडेट करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि समय पर डेटा अद्यतन होने से जिले एवं प्रखंडों की वास्तविक प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी तथा कार्यक्रम के प्रदर्शन का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सकेगा।

कम प्रगति वाले संकेतकों पर विशेष ध्यान

बैठक में अपेक्षाकृत कम प्रगति वाले संकेतकों में सुधार हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

आमजन के जीवन स्तर में सुधार लक्ष्य

उप विकास आयुक्त ने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम केवल रैंकिंग में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य आमजन के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाना तथा विकास के लाभों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

उन्होंने स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, पेयजल एवं स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सतत सुधार सुनिश्चित करने तथा परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनाने का निर्देश दिया।

साथ ही अधिकारियों को क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन का नियमित सत्यापन करने, लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने एवं उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में उपस्थित पदाधिकारी

बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर, जिला पशुपालन पदाधिकारी, उप निदेशक आत्मा श्री विजय कुमार सिंह, डीपीएम-जेएसएलपीएस, संबंधित प्रखंडों के MOIC, सीडीपीओ, ब्लॉक समन्वयक, जिला एवं प्रखंड फेलो (आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम) सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

निष्कर्ष

आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत आयोजित यह समीक्षा बैठक विभिन्न विकासात्मक संकेतकों में सुधार, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आमजन तक सरकारी सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। विभागीय समन्वय, नियमित अनुश्रवण एवं डेटा आधारित कार्यप्रणाली के माध्यम से जिले के आकांक्षी प्रखंडों में समग्र विकास को गति देने पर बल दिया गया।

मंगलवार, 2 जून 2026

कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण हेतु

SAAMAR/CMAM कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

📅 02 जून, 2026 | 📍 सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु:
  • गंभीर एवं तीव्र कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान पर जोर।
  • सामुदायिक स्तर पर देखभाल एवं उपचार सुनिश्चित करने पर बल।
  • पोषण, स्वच्छता, स्तनपान एवं नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर चर्चा।
  • आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं एवं स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

आज दिनांक 02 जून, 2026 को जिला समाज कल्याण विभाग, सरायकेला-खरसावां एवं यूनिसेफ के संयुक्त सहयोग से ईचागढ़ परियोजना क्षेत्र में SAAMAR/CMAM (Community Management of Acute Malnutrition) कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में गंभीर एवं तीव्र कुपोषण से प्रभावित बच्चों की समय पर पहचान, उचित परामर्श, सामुदायिक स्तर पर देखभाल तथा आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य संस्थानों से समन्वय स्थापित कर प्रभावी उपचार सुनिश्चित करना है।

प्रशिक्षण में दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कुपोषण के लक्षण, बच्चों की नियमित वृद्धि निगरानी, पोषण स्तर के आकलन, गृह भ्रमण, परामर्श सेवाओं तथा रेफरल व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

विशेष रूप से इस बात पर बल दिया गया कि गंभीर एवं तीव्र कुपोषण से प्रभावित बच्चों की पहचान समय रहते करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं से जोड़ा जा सके।

क्यों है कुपोषण चिंता का विषय?

कुपोषण बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास को प्रभावित करता है। यदि समय पर पहचान और उचित उपचार नहीं किया जाए तो यह बच्चों के स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है।

रोकथाम एवं जागरूकता पर जोर

प्रतिभागियों को कुपोषण की रोकथाम के लिए संतुलित आहार, स्तनपान, पूरक आहार, स्वच्छता, टीकाकरण एवं नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व से अवगत कराया गया।

साथ ही परिवारों एवं समुदायों के बीच पोषण संबंधी व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने तथा बच्चों के समग्र विकास के लिए जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।

सामुदायिक सहभागिता की भूमिका

इस अवसर पर विभागीय पदाधिकारियों ने कहा कि SAAMAR/CMAM कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय आधारित सहभागिता के माध्यम से कुपोषण की समस्या का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं, स्वास्थ्य कर्मियों एवं अन्य संबंधित हितधारकों की सक्रिय भूमिका इस कार्यक्रम की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

समन्वित प्रयासों पर बल

प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कुपोषण उन्मूलन की दिशा में सामूहिक प्रयास करने पर विशेष बल दिया गया।

प्रतिभागियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सेवाओं से जोड़ने, परिवारों को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार परिवर्तन के लिए प्रेरित करने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।

जिला प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित कर्मियों से बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाने हेतु संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की अपील की, ताकि जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सके।

निष्कर्ष

SAAMAR/CMAM कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित यह प्रशिक्षण कुपोषण की पहचान, रोकथाम एवं प्रभावी प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सामुदायिक सहभागिता, विभागीय समन्वय एवं जन-जागरूकता के माध्यम से कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

पेसा नियमावली, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर

समाहरणालय सभागार में ग्लोबल पंचायत राउंड टेबल कॉन्क्लेव का आयोजन

📅 02 जून, 2026 | 📍 सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु:
  • पेसा कानून के विभिन्न प्रावधानों की समझ विकसित करने पर बल।
  • ग्रामसभा की शक्तियों, अधिकारों एवं दायित्वों पर विस्तृत चर्चा।
  • भ्रांतियों को दूर करने एवं जागरूकता बढ़ाने पर जोर।
  • विभागीय समन्वय और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत बनाने की अपील।

कार्यक्रम का आयोजन

समाहरणालय सभागार, सरायकेला में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025 विषय पर ग्लोबल पंचायत राउंड टेबल कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा ने की।

इस अवसर पर निदेशक DRDA श्री अजय तिर्की, निदेशक ITDA श्रीमती उषा मुंडू, जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री गोपी उरांव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन (CSO) के प्रतिनिधि तथा अन्य हितधारक उपस्थित रहे।

कार्यशाला का उद्देश्य

स्वागत संबोधन के दौरान प्रभारी जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री गोपी उरांव ने कहा कि पेसा नियमावली, 2025 के संबंध में पंचायत प्रतिनिधियों, विभागीय पदाधिकारियों एवं समुदाय के बीच समुचित समझ विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य पेसा कानून के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी साझा करना तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सभी संबंधित पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करना है।

पेसा नियमावली पर विस्तृत जानकारी

कार्यशाला में राज्य स्तरीय प्रशिक्षक द्वारा पेसा नियमावली, 2025 के विभिन्न बिंदुओं एवं पहलुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इस दौरान ग्रामसभा की शक्तियों, अधिकारों, दायित्वों एवं भूमिका पर विशेष चर्चा हुई।

साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को सुदृढ़ बनाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्थानीय विकास योजनाओं में सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने तथा ग्रामसभा की निर्णय प्रक्रिया को प्रभावी बनाने संबंधी प्रावधानों की जानकारी साझा की गई।

उप विकास आयुक्त का संबोधन

उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा ने कहा कि पेसा कानून को लेकर लोगों में काफी उत्साह है, किन्तु इसके विभिन्न प्रावधानों के संबंध में जागरूकता की कमी एवं कई प्रकार की भ्रांतियां भी मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली के सफल क्रियान्वयन के लिए जनसामान्य के बीच सही एवं तथ्यात्मक जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि पेसा कानून के अंतर्गत ग्राम प्रधान एवं ग्रामसभा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रामसभा स्थानीय स्वशासन की आधारभूत इकाई है तथा अनुसूचित क्षेत्रों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, स्थानीय संसाधनों के संरक्षण एवं सामुदायिक हितों की रक्षा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

विभागीय समन्वय और सहयोग पर जोर

उप विकास आयुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मियों को पेसा नियमावली के सभी बिंदुओं एवं प्रावधानों को भली-भांति समझने तथा अपने-अपने कार्यक्षेत्र में उसके प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय एवं सहयोग स्थापित कर ही पेसा कानून की मूल भावना को धरातल पर सफलतापूर्वक उतारा जा सकता है।

CSO संस्थाओं की भूमिका

उन्होंने सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन (CSO) एवं सहयोगी संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि ये संस्थाएं समुदाय के बीच जागरूकता बढ़ाने, संवाद स्थापित करने तथा पेसा कानून के संबंध में फैली भ्रांतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

सभी हितधारकों से पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीण समुदाय के बीच निरंतर जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने का आह्वान भी किया गया।

सुझाव एवं विचार आमंत्रित

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित प्रतिभागियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं अन्य हितधारकों से पेसा नियमावली, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में सुझाव एवं विचार आमंत्रित किए गए।

इस दौरान प्रतिभागियों द्वारा नियमावली के विभिन्न प्रावधानों, ग्रामसभा की भूमिका, अधिकारों एवं व्यवहारिक क्रियान्वयन से जुड़े अनेक प्रश्न एवं जिज्ञासाएं प्रस्तुत की गईं।

राज्य स्तरीय प्रशिक्षक द्वारा सभी प्रश्नों एवं शंकाओं का विस्तारपूर्वक समाधान करते हुए नियमावली के विभिन्न पहलुओं पर स्पष्ट जानकारी प्रदान की गई तथा प्रतिभागियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पेसा कानून के संबंध में जागरूकता फैलाने और ग्रामसभा को सशक्त बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

निष्कर्ष

पेसा नियमावली, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पंचायत प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विभागीय कर्मियों एवं सामुदायिक संगठनों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया। ग्रामसभा को सशक्त बनाकर अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में यह कार्यशाला महत्वपूर्ण साबित हुई।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत "चुप्पी तोड़ो–स्वस्थ रहो" अभियान के तहत जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

किशोरियों एवं महिलाओं को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति किया जा रहा जागरूक...


स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अंतर्गत संचालित "चुप्पी तोड़ो–स्वस्थ रहो" अभियान के तहत सरायकेला-खरसावां जिले के सभी प्रखंडों के विभिन्न पंचायतों, गांवों एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य किशोरियों एवं महिलाओं के बीच माहवारी स्वच्छता प्रबंधन (Menstrual Hygiene Management) के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इससे जुड़े सामाजिक संकोच एवं भ्रांतियों को दूर करना है।

अभियान के तहत जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों, विद्यालयों, सामुदायिक स्थलों एवं शहरी क्षेत्रों में जागरूकता गोष्ठी, संवाद कार्यक्रम, समूह चर्चा, रैली, शपथ ग्रहण, दीवार लेखन तथा अन्य सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किशोरियों एवं महिलाओं को माहवारी के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित स्वच्छता सामग्री के उपयोग, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में जानकारी दी जा रही है।

कार्यक्रमों के दौरान प्रतिभागियों को बताया जा रहा है कि माहवारी एक प्राकृतिक एवं सामान्य जैविक प्रक्रिया है, जिसके संबंध में खुलकर चर्चा करना आवश्यक है। साथ ही माहवारी के दौरान स्वच्छता के प्रति लापरवाही से होने वाले संक्रमण एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।

अभियान के माध्यम से महिलाओं एवं किशोरियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, माहवारी से जुड़े मिथकों एवं कुरीतियों को त्यागने तथा समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश दिया जा रहा है। साथ ही समुदाय स्तर पर माहवारी स्वच्छता के प्रति अनुकूल वातावरण तैयार करने पर भी बल दिया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने आमजन, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, स्वयं सहायता समूहों एवं समाज के सभी वर्गों से अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की है। प्रशासन का मानना है कि माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, सम्मान एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

"चुप्पी तोड़ो–स्वस्थ रहो" अभियान का उद्देश्य माहवारी स्वच्छता को जन-जन तक पहुंचाना तथा स्वस्थ, स्वच्छ एवं जागरूक समाज के निर्माण में सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।


स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) | पेयजल एवं स्वच्छता विभाग | सरायकेला-खरसावां

नीमडीह थाना क्षेत्र में अवैध शराब के विरुद्ध उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई

दो अवैध चुलाई भट्टियां ध्वस्त, 600 किलोग्राम जावा महुआ एवं 20 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद


उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां के निर्देशानुसार उत्पाद विभाग द्वारा जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण एवं बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में उत्पाद अधीक्षक के नेतृत्व में प्राप्त आसूचना के आधार पर दिनांक 02 जून, 2026 को नीमडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बूढ़ीबासा एवं महतोडीह में विशेष छापेमारी अभियान संचालित किया गया।

अभियान के दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने अवैध शराब निर्माण में प्रयुक्त कुल दो चुलाई भट्टियों को ध्वस्त कर दिया। छापेमारी के क्रम में मौके से लगभग 600 किलोग्राम जावा महुआ एवं 20 लीटर अवैध महुआ चुलाई शराब बरामद की गई।

अवैध सामग्री जब्त, अभियोग दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू

छापेमारी के दौरान बरामद अवैध शराब, जावा महुआ एवं अन्य संबंधित सामग्रियों को विधिसम्मत रूप से जब्त कर लिया गया है। संबंधित अवैध चुलाई अड्डा संचालकों के विरुद्ध झारखंड उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग दर्ज करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

अवैध शराब के खिलाफ अभियान रहेगा जारी

जिला प्रशासन एवं उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन, भंडारण एवं बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध आगे भी सघन अभियान जारी रहेगा। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

"अवैध शराब के कारोबार को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।"

अवैध शराब मुक्त समाज के निर्माण हेतु जिला प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी

उपायुक्त की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का हुआ आयोजन

कई मामलों का ऑन द स्पॉट हुआ निष्पादन, अन्य मामलों के समयबद्ध समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को दिए गए निर्देश


मंगलवार को समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय कक्ष में उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों, पंचायतों एवं ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं शिकायतों को उपायुक्त के समक्ष रखा। उपायुक्त ने सभी आवेदकों से क्रमवार मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना।

जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों पर उपायुक्त ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कई मामलों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन किया, जबकि अन्य मामलों के नियमानुसार एवं समयबद्ध निष्पादन हेतु संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

जनता दरबार में उठाए गए प्रमुख मुद्दे

जनता दरबार में विभिन्न जनहित से जुड़े आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत 15वें वित्त आयोग के कार्य में एम.बी. निर्गत करने के लिए पंचायत सचिव द्वारा कथित रूप से रिश्वत मांगने की शिकायत, चांडिल प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कंदरबेडा दोमुहानी चौक चौड़ीकरण कार्य में स्थानीय समस्याओं का समाधान, राजनगर प्रखंड के छोटा कुनाबेड़ा टोला शोकाडकोचा की जर्जर सड़क की मरम्मत, तिरुलडीह स्थित गैस एजेंसी द्वारा गैस वितरण में कथित अनियमितता एवं अतिरिक्त राशि वसूली, आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-02 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका चयन में अनियमितता, ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित लेयर पोल्ट्री फार्म से उत्पन्न प्रदूषण एवं स्वच्छता संबंधी समस्याएं, भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड एवं अन्य जनकल्याणकारी विषयों से जुड़े आवेदन शामिल थे।

समयबद्ध एवं निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश

प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाई करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सभी विभाग गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें।

जनसमस्याओं के समाधान के प्रति प्रशासन प्रतिबद्ध

उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन आमजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जनशिकायतों के प्रति संवेदनशील रहते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक मामले का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करें।

"जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी शिकायतों का निष्पक्ष एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।"

सोमवार, 1 जून 2026

57-खरसावाँ विधानसभा क्षेत्र के कम मैपिंग वाले मतदान केन्द्र पर विशेष कैंप आयोजित

मतदाता सूची की शुद्धता एवं अद्यतनता सुनिश्चित करने के लिए मतदाताओं से सहयोग की अपील, शत-प्रतिशत मैपिंग का निर्देश


भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची में मतदाताओं के नामों की शत-प्रतिशत मैपिंग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 57-खरसावाँ (अ.ज.जा.) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत कम मैपिंग वाले मतदान केन्द्रों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 01 जून, 2026 को मतदान केन्द्र संख्या-219, दक्षिण रेलवे इंटर कॉलेज, सीनी में विशेष शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर के दौरान अब तक मैपिंग से वंचित मतदाताओं के नामों का सत्यापन एवं मैपिंग का कार्य किया गया। इस अवसर पर संबंधित बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजर, कंप्यूटर ऑपरेटर, राजस्व कर्मचारी एवं निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य कर्मी उपस्थित रहकर मतदाताओं को आवश्यक सहयोग प्रदान करते रहे।

निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने किया निरीक्षण

विशेष शिविर का निरीक्षण करते हुए निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, 57-खरसावाँ (अ.ज.जा.) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-सह-अपर उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ श्री जयबर्धन कुमार ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्धारित समयावधि के भीतर शत-प्रतिशत मैपिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता एवं अद्यतनता लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का महत्वपूर्ण आधार है। प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सही रूप से सूची में दर्ज एवं मैप होना आवश्यक है, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनी रहे।

मतदाताओं से सहयोग की अपील

निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की कि जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची से मैप नहीं हुआ है, वे अविलंब संबंधित बीएलओ अथवा मतदान केन्द्र से संपर्क कर अपनी मैपिंग प्रक्रिया पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि समय रहते मैपिंग नहीं कराने पर भविष्य में निर्वाचन संबंधी कार्यों में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

साथ ही बीएलओ एवं संबंधित कर्मियों को घर-घर संपर्क अभियान चलाकर छूटे हुए मतदाताओं की पहचान करने तथा उनकी मैपिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

"सटीक एवं अद्यतन मतदाता सूची ही मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला है। सभी पात्र मतदाता अपने नाम की मैपिंग अवश्य सुनिश्चित करें।"

मतदाता जागरूक बनें, लोकतंत्र को सशक्त बनाएं।

तंबाकू निषेध एवं नियंत्रण अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु जागरूकता रथ को उपायुक्त ने दिखाई हरी झंडी

सरायकेला-खरसावां, 01 जून 2026: जिले में तंबाकू निषेध एवं नियंत्रण संबंधी जनजागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित यह विशेष जागरूकता रथ आगामी एक माह तक जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भ्रमण कर आमजन को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों एवं बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करेगा।

जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को तंबाकू नियंत्रण से संबंधित कानूनी प्रावधानों, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों तथा नशामुक्त जीवनशैली के महत्व की जानकारी दी जाएगी। अभियान के दौरान विभिन्न पंचायतों, विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों एवं शहरी क्षेत्रों में जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

अभियान के प्रमुख उद्देश्य:
  • तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना
  • युवाओं को तंबाकू एवं नशे की लत से दूर रहने के लिए प्रेरित करना
  • तंबाकू नियंत्रण संबंधी कानूनों एवं प्रावधानों की जानकारी देना
  • स्वस्थ एवं तंबाकू मुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देना
  • तंबाकू मुक्त परिवार एवं समाज के निर्माण में जनसहभागिता सुनिश्चित करना

इस अवसर पर उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने कहा कि तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की गंभीर बीमारियों सहित कई जानलेवा रोगों का प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा कि लोगों को तंबाकू से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे तंबाकू एवं अन्य नशे की प्रवृत्तियों से दूर रहें तथा शिक्षा, खेलकूद एवं सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें। युवा वर्ग समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बन सकते हैं और तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उपायुक्त का संदेश:
"तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाएं, स्वयं स्वस्थ रहें और अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक करें। स्वस्थ समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।"

उपायुक्त ने कहा कि तंबाकू मुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए अपने घर, परिवार एवं आसपास के वातावरण को तंबाकू मुक्त बनाने का संकल्प लेना होगा।

अभियान के दौरान जनसंवाद, आईईसी गतिविधियां, जागरूकता कार्यक्रम एवं प्रचार-प्रसार के विभिन्न माध्यमों का उपयोग कर लोगों तक तंबाकू निषेध का संदेश पहुंचाया जाएगा।

इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के पदाधिकारी एवं कर्मी, एनडीसी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

रविवार, 31 मई 2026

स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संविदा पदों पर नियुक्ति हेतु आयोजित लिखित परीक्षा केंद्र का उपायुक्त ने किया निरीक्षण

सरायकेला-खरसावां, 31 मई 2026: स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत विभिन्न संविदा पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित लिखित परीक्षा का निरीक्षण उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह द्वारा किया गया। सरायकेला स्थित एनआर स्कूल परीक्षा केंद्र पहुंचकर उन्होंने परीक्षा संचालन की व्यवस्थाओं, सुरक्षा इंतजामों एवं अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।

स्टाफ नर्स, एएनएम, जीएनएम, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर (STS) सहित विभिन्न पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा के दौरान उपायुक्त ने परीक्षा की निष्पक्षता, गोपनीयता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रबंधों की विस्तृत समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान प्रमुख बिंदु:
  • परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं की समीक्षा
  • सीसीटीवी निगरानी एवं वीडियो रिकॉर्डिंग व्यवस्था का निरीक्षण
  • सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था की स्थिति का जायजा
  • अभ्यर्थियों के लिए पेयजल एवं बैठने की व्यवस्था की जांच
  • स्वच्छ शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा संचालन से जुड़े सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया की गोपनीयता, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

परीक्षा के शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन के लिए केंद्र पर दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। वहीं परीक्षा गतिविधियों की सतत निगरानी हेतु सीसीटीवी कैमरे एवं वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था भी की गई थी।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने प्रतिनियुक्त अधिकारियों को परीक्षा केंद्र एवं आसपास के क्षेत्रों में सतर्क निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उपायुक्त का संदेश:
"स्वास्थ्य विभाग में योग्य, दक्ष एवं प्रतिबद्ध मानव संसाधन की उपलब्धता बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला है। पारदर्शी एवं मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से योग्य अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित किया जा रहा है।"

उन्होंने कहा कि परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थियों को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसे हर स्तर पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि परीक्षा का संचालन शांतिपूर्ण, व्यवस्थित एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।

शनिवार, 30 मई 2026

“चुप्पी तोड़ो–स्वस्थ रहो” अभियान को सफल बनाने के लिए जिला स्तरीय समीक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

सरायकेला-खरसावां, 30 मई 2026: महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सम्मान से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, सरायकेला द्वारा संचालित “चुप्पी तोड़ो–स्वस्थ रहो” अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी प्रखंडों को जन-जागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों, जलसहियाओं, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं संबंधित कर्मियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश:
  • प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना
  • किशोरियों एवं महिलाओं को माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना
  • ग्राम स्तर पर निर्मित इन्सिनरेटर (भस्मक) के उपयोग को बढ़ावा देना
  • विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करना
  • माहवारी से जुड़े मिथकों एवं सामाजिक संकोच को दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास करना

उप विकास आयुक्त ने कहा कि माहवारी स्वच्छता केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं है, बल्कि यह महिलाओं एवं किशोरियों के सम्मान, गरिमा और सशक्तिकरण से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं समुदायों से अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने की अपील की।

उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान के दौरान अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक किशोरी एवं महिला तक स्वच्छता, स्वास्थ्य और जागरूकता का संदेश पहुंचाया जाए। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय एवं सामुदायिक सहभागिता को आवश्यक बताया गया।

कार्यालय परिसर में भी आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम

इसी क्रम में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, सरायकेला कार्यालय परिसर में कार्यपालक अभियंता की अध्यक्षता में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों को माहवारी स्वच्छता शपथ दिलाई गई तथा रेड डॉट चैलेंज के माध्यम से जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन को महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, सम्मान एवं सशक्तिकरण से जोड़ते हुए इसे सामाजिक जागरूकता के व्यापक अभियान के रूप में आगे बढ़ाने पर बल दिया गया।

संदेश:
"माहवारी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसके प्रति जागरूकता, स्वच्छता और सकारात्मक सोच ही स्वस्थ एवं सशक्त समाज की आधारशिला है।"

इस अवसर पर कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, जिला एवं प्रखंड समन्वयक एसबीएम/जेजेएम तथा विभिन्न जलसहियाएं एवं संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत गम्हरिया प्रखंड में 13 यूनिट बकरी पालन योजना की परिसंपत्तियों का वितरण

सरायकेला-खरसावां, 30 मई 2026: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने एवं पशुपालन आधारित आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (MPVY) के तहत गम्हरिया प्रखंड में चयनित लाभुकों के बीच 13 यूनिट बकरी पालन योजना की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।

इस अवसर पर लाभुकों को बकरी पालन इकाइयां उपलब्ध कराते हुए उन्हें वैज्ञानिक एवं आधुनिक पद्धति से पशुपालन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम है, जिससे आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति संभव है।

योजना के प्रमुख उद्देश्य:
  • ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना
  • पशुपालन आधारित आजीविका को बढ़ावा देना
  • लाभुकों की आय में वृद्धि एवं आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना
  • आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करना

कार्यक्रम के दौरान लाभुकों को पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित आहार, टीकाकरण, रोग नियंत्रण एवं उचित देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गईं, ताकि वे योजना का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।

अधिकारियों ने लाभुकों से अपील की कि वे योजना के तहत प्राप्त परिसंपत्तियों का समुचित उपयोग करें तथा बकरी पालन को आय सृजन एवं आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

विशेष संदेश:
पशुपालन केवल अतिरिक्त आय का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी आर्थिक सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, प्रखंड स्तरीय कर्मी एवं योजना से लाभान्वित लाभुक उपस्थित रहे।

उपायुक्त ने प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय नीमडीह का किया औचक निरीक्षण, कार्य संस्कृति में सुधार एवं जनसेवा को प्राथमिकता देने के निर्देश

सरायकेला-खरसावां, 30 मई 2026: जिले में प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय नीमडीह का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की विभिन्न शाखाओं, अभिलेखों के संधारण, राजस्व कार्यों, लंबित मामलों एवं आम नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने कार्यालय में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया कि सभी कार्यों का निष्पादन समयबद्ध, पारदर्शी एवं जवाबदेह तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन से जुड़े मामलों का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान प्रमुख बिंदु:
  • दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन मामलों की समीक्षा
  • राजस्व वसूली एवं भूमि संबंधी कार्यों की प्रगति का आकलन
  • लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश
  • अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण एवं नियमित अद्यतन पर जोर
  • कार्यालयी कार्यप्रणाली एवं जनसेवा की गुणवत्ता की समीक्षा

उपायुक्त ने विभिन्न शाखाओं में संचालित कार्यों का अवलोकन करते हुए अभिलेखों के रख-रखाव एवं कार्य निष्पादन की स्थिति पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यालय अभिलेखों को व्यवस्थित एवं अद्यतन रखा जाए।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कार्यालय पहुंचे स्थानीय नागरिकों से भी संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं शिकायतों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजनों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं सुगम सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी एवं कर्मी संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा नागरिकों की समस्याओं का यथासंभव त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

उपायुक्त का संदेश:
"सुशासन, पारदर्शिता एवं जनकल्याण की भावना के अनुरूप कार्य करते हुए प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।"

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कार्यालय परिसर की स्वच्छता, अनुशासन एवं कार्य संस्कृति को और बेहतर बनाने पर विशेष बल दिया तथा सभी कर्मियों को जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी नीमडीह श्री कुमार अभिनव, अंचल अधिकारी नीमडीह श्री अभय कुमार द्विवेदी सहित अंचल कार्यालय के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन हेतु जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना

सरायकेला-खरसावां, 30 मई 2026: जनगणना 2027 के प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्यक्रम के सफल संचालन तथा व्यापक जन-जागरूकता के उद्देश्य से जिले में विशेष प्रचार अभियान की शुरुआत की गई। इस क्रम में निदेशक, डीआरडीए श्री अजय तिर्की एवं अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार ने संयुक्त रूप से दो जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

जनगणना जागरूकता वाहन आगामी सात दिनों तक जिले के दोनों अनुमंडलों के विभिन्न प्रखंडों एवं ग्राम पंचायतों का भ्रमण करेंगे। इस दौरान आम नागरिकों को जनगणना 2027 से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी तथा उन्हें इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी एवं सहयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।

अभियान के माध्यम से नागरिकों को मकान सूचीकरण, मकानों की गणना, जनगणना प्रक्रिया के दौरान पूछी जाने वाली जानकारियों तथा आवश्यक दस्तावेजों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश एवं राज्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के न्यायसंगत वितरण तथा विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के निर्माण एवं क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्य उद्देश्य:
  • जनगणना 2027 के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना
  • मकान सूचीकरण एवं गणना प्रक्रिया की जानकारी देना
  • जनगणना कर्मियों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने हेतु प्रेरित करना
  • अफवाहों एवं भ्रांतियों से बचने के लिए लोगों को जागरूक करना

अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे जनगणना कार्य के दौरान सहयोग करें, सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें। साथ ही संबंधित विभागों एवं कर्मियों को जन-जागरूकता गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

"हमारी जनगणना, हमारा विकास" के संदेश के साथ जिलेवासियों से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की गई।

इस अवसर पर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री अविनाश कुमार, अपर जिला जनगणना पदाधिकारी श्री कमलेश कुमार दास सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

साप्ताहिक जनता दरबार में उपायुक्त ने सुनीं आमजन की समस्याएं, त्वरित एवं समयबद्ध निष्पादन के दिए निर्देश

मुख्य बिंदु :
✔️ जिलेभर से पहुंचे नागरिकों ने रखीं अपनी समस्याएं एवं मांगें
✔️ कई मामलों का मौके पर ही किया गया निष्पादन
✔️ लंबित मामलों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश

समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए नागरिकों से क्रमवार मुलाकात कर उनकी समस्याओं, शिकायतों एवं मांगों को सुना गया तथा संबंधित मामलों के त्वरित समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जनता दरबार में उठाए गए प्रमुख मुद्दे

  • 🛣️ राजनगर प्रखंड के टिंटिडीह, छोटाखीरी, बाना एवं गेंगरुली को जोड़ने वाली जर्जर पीसीसी सड़क की मरम्मत
  • 🏫 उच्च विद्यालय एदल में चहारदीवारी निर्माण की मांग
  • 🌉 राजनगर स्थित खैरकोचा पुलिया निर्माण कार्य में तेजी लाने का अनुरोध
  • 🇮🇳 भारतीय सेना के दिवंगत जवान के आश्रित को आवंटित भूमि के बंदोबस्ती आदेश निर्गत करने संबंधी आवेदन
  • 👮 चौकीदार बहाली प्रक्रिया में प्रगति लाने की मांग
  • 🚦 लाल बिल्डिंग चौक के समीप सर्विस रोड पर अतिक्रमण एवं जाम की समस्या
  • 🏢 गम्हरिया-कांड्रा क्षेत्र स्थित जर्जर बाजार भवन की मरम्मत
  • 💧 जगन्नाथपुर-बलरामपुर क्षेत्र के सार्वजनिक तालाब की सफाई
  • 🛤️ जगन्नाथपुर एवं बलरामपुर को जोड़ने वाली पीसीसी सड़क निर्माण
  • ⚽ आदित्यपुर फुटबॉल मैदान स्थित रेड क्रॉस को आवंटित भवन से संबंधित आपत्ति
  • 📋 अन्य जनहित एवं आधारभूत संरचना विकास से जुड़े आवेदन

कई मामलों का मौके पर हुआ समाधान

जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों में से कई मामलों का त्वरित निष्पादन मौके पर ही किया गया। वहीं शेष मामलों के संबंध में उपायुक्त ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक जांच कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक आवेदन एवं शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं संवेदनशील तरीके से समाधान किया जाए, ताकि आमजन को शीघ्र राहत मिल सके।

उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए निर्देश

उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता दरबार में प्राप्त सभी आवेदनों एवं शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

  • ✔️ लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश
  • ✔️ पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर
  • ✔️ जनहित से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन
  • ✔️ नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखने के निर्देश

जनता दरबार का उद्देश्य

साप्ताहिक जनता दरबार के माध्यम से जिला प्रशासन आमजन की समस्याओं को सीधे सुनकर उनके समाधान की दिशा में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कर रहा है। यह पहल प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने तथा जनसमस्याओं के शीघ्र निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, महिलाओं एवं किशोरियों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति किया गया जागरूक

मुख्य बिंदु :
✔️ “चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो” अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
✔️ माहवारी स्वच्छता, पोषण एवं स्वास्थ्य संरक्षण पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
✔️ महिलाओं एवं किशोरियों ने स्वच्छता और जागरूकता फैलाने का लिया संकल्प

विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर जिला समाज कल्याण कार्यालय, सरायकेला-खरसावां के तत्वावधान में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना अंतर्गत “चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो” अभियान के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों को माहवारी स्वच्छता, सुरक्षित प्रबंधन, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित कर सकें।

पांड्रा पंचायत में आयोजित हुआ मुख्य कार्यक्रम

पांड्रा पंचायत में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग, वन स्टॉप सेंटर, चाइल्डलाइन तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर महिलाओं एवं किशोरियों को माहवारी स्वच्छता के महत्व, सुरक्षित निपटान की प्रक्रिया तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

माहवारी को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि माहवारी महिलाओं के जीवन की एक सामान्य एवं प्राकृतिक प्रक्रिया है। इससे जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा करना आवश्यक है, ताकि समाज में व्याप्त भ्रांतियों, मिथकों एवं संकोच को दूर किया जा सके।

महिलाओं एवं किशोरियों को व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने, संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया।

जिलेभर में आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम

जिले के विभिन्न परियोजना क्षेत्रों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यशालाओं, जागरूकता सत्रों एवं शपथ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं, पोषण सखियों, महिला पर्यवेक्षिकाओं तथा स्थानीय महिलाओं एवं किशोरियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

प्रतिभागियों ने माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने तथा समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का संकल्प लिया।

स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श की भी व्यवस्था

कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से महिलाओं एवं किशोरियों की स्वास्थ्य जांच तथा एनीमिया जांच भी की गई। साथ ही प्रतिभागियों को माहवारी स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई, पोषण एवं स्वास्थ्य संरक्षण से संबंधित उपयोगी जानकारी प्रदान की गई।

विशेषज्ञों द्वारा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति सजग रहने की सलाह दी गई।

महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास

जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, सम्मान एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक महिला एवं किशोरी स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण संबंधी जानकारी से सशक्त होकर स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन जी सके।