शुक्रवार, 12 जून 2026

उपायुक्त की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार आयोजित, विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान हेतु प्राप्त आवेदनों पर हुई सुनवाई

प्रकाशित तिथि: 12 जून, 2026

उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां श्री नीतिश कुमार सिंह द्वारा आज समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से बड़ी संख्या में पहुंचे आम नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए।

जनता दरबार के दौरान उपायुक्त ने प्रत्येक फरियादी से क्रमवार मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा प्राप्त आवेदनों पर आवश्यक संज्ञान लिया। कई मामलों में मौके पर ही संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए त्वरित समाधान सुनिश्चित किया गया, जबकि अन्य मामलों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन हेतु संबंधित विभागों को अग्रसारित कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया।

जनता दरबार में मुख्य रूप से चांडिल प्रखंड अंतर्गत हमसदा क्षेत्र में सेविका चयन से संबंधित विवाद, अनुकंपा आधारित मामले, विभागीय निर्देशों के आलोक में निर्धारित मजदूरी दर से कम भुगतान किए जाने संबंधी शिकायत, आदित्यपुर प्रखंड क्षेत्र में पिता द्वारा भूमि विक्रय किए जाने के उपरांत भी पुत्र द्वारा भूमि पर जबरन कब्जा करने एवं राशि की मांग करने संबंधी मामला, आदित्यपुर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान को निरंतर जारी रखने, पेयजल आपूर्ति की समस्या, पीसीसी सड़क निर्माण एवं क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मती से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।

इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन कार्ड, पेंशन तथा अन्य जनहित से जुड़े विषयों पर भी आवेदन प्रस्तुत किए गए। उपायुक्त ने सभी प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने कहा कि साप्ताहिक जनता दरबार आमजन की समस्याओं के समाधान का एक प्रभावी मंच है। जिला प्रशासन नागरिकों की शिकायतों एवं समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध निष्पादन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि आम नागरिकों को शीघ्र राहत मिल सके।

जनता दरबार में प्राप्त प्रमुख मामले

  • सेविका चयन से संबंधित विवाद।
  • अनुकंपा आधारित मामलों का निष्पादन।
  • निर्धारित मजदूरी दर से कम भुगतान की शिकायत।
  • भूमि विवाद एवं कब्जा संबंधी मामला।
  • अतिक्रमण हटाओ अभियान को जारी रखने की मांग।
  • पेयजल आपूर्ति से संबंधित समस्याएं।
  • पीसीसी सड़क निर्माण एवं क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मती।
  • स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन कार्ड एवं पेंशन से जुड़े आवेदन।
मुख्य संदेश : जिला प्रशासन आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। जनता दरबार के माध्यम से प्राप्त सभी आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

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गुरुवार, 11 जून 2026

उत्पाद विभाग द्वारा संचालित वाहन जांच अभियान में अवैध परिवहन पर कार्रवाई, एक वाहन जब्त

प्रकाशित तिथि: 11 जून, 2026

उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ के निर्देशानुसार जिले में अवैध गतिविधियों की रोकथाम एवं विधि-व्यवस्था के प्रभावी अनुपालन हेतु नियमित जांच एवं प्रवर्तन कार्रवाई संचालित की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 10 जून, 2026 की देर रात उत्पाद विभाग एवं कपाली ओ.पी. की संयुक्त टीम द्वारा कपाली ओ.पी. क्षेत्र अंतर्गत पुडिसिली चौक में वाहन जांच अभियान चलाया गया।

जांच के दौरान बालू परिवहन कर रहे टेलर वाहन संख्या JH01FQ5184 से संबंधित वैध परिवहन अभिलेखों की मांग की गई। वाहन चालक द्वारा आवश्यक एवं वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण उक्त वाहन को नियमानुसार जब्त कर सुरक्षार्थ कपाली ओ.पी. में रखा गया है। मामले में सक्षम प्राधिकार द्वारा अग्रेतर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।

जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, राजस्व हितों की सुरक्षा तथा अवैध परिवहन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से नियमित जांच अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इस प्रकार की कार्रवाई से अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के साथ-साथ विधिसम्मत व्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील स्थलों पर नियमित जांच अभियान संचालित करने तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी प्रकार के अवैध परिवहन, भंडारण अथवा अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के विरुद्ध प्रशासन की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी तथा नियमों के उल्लंघन के मामलों में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी।

मुख्य बिंदु

  • कपाली ओ.पी. क्षेत्र के पुडिसिली चौक में वाहन जांच अभियान चलाया गया।
  • उत्पाद विभाग एवं कपाली ओ.पी. की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
  • बालू परिवहन कर रहे वाहन संख्या JH01FQ5184 को जब्त किया गया।
  • वैध परिवहन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कार्रवाई हुई।
  • प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं अवैध परिवहन पर रोक लगाने हेतु अभियान जारी रहेगा।
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बुधवार, 10 जून 2026

राज्यव्यापी नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के तहत विभिन्न प्रखंडों में आयोजित किए गए जनजागरूकता कार्यक्रम

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📅 10 जून, 2026 | 📍 सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • 10 जून से 26 जून, 2026 तक राज्यव्यापी नशा मुक्ति जागरूकता अभियान संचालित।
  • गम्हरिया, चांडिल, नीमडीह एवं ईचागढ़ प्रखंडों में कार्यक्रम आयोजित।
  • स्वास्थ्य कर्मियों को "नशा मुक्त झारखंड" की शपथ दिलाई गई।
  • प्रभात फेरी एवं जागरूकता रैली के माध्यम से लोगों को किया गया जागरूक।
  • 11 जून को सदर अस्पताल, सरायकेला से बाइक रैली निकाली जाएगी।

राज्यव्यापी अभियान का शुभारंभ

निषिद्ध मादक पदार्थों के विरुद्ध राज्य सरकार द्वारा 10 जून से 26 जून, 2026 तक संचालित राज्यव्यापी जागरूकता अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर जिला स्वास्थ्य समिति, सरायकेला-खरसावां द्वारा विभिन्न प्रखंडों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

अभियान का उद्देश्य लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।

स्वास्थ्य कर्मियों ने ली नशा मुक्ति की शपथ

अभियान के प्रथम दिन गम्हरिया, चांडिल, नीमडीह एवं ईचागढ़ प्रखंडों में स्वास्थ्य कर्मियों को "नशा मुक्त झारखंड" के संकल्प के साथ नशे के विरुद्ध शपथ दिलाई गई।

जागरूकता रैली एवं प्रभात फेरी का आयोजन

शपथ ग्रहण कार्यक्रम के उपरांत प्रभात फेरी एवं जागरूकता रैली निकाली गई, जिसके माध्यम से आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया तथा नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु जनसहभागिता का आह्वान किया गया।

आईईसी सामग्री के माध्यम से किया गया जागरूक

सभी संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) सामग्री प्रदर्शित की गई।

लोगों को निषिद्ध मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

सिविल सर्जन ने की जागरूक रहने की अपील

नशा गंभीर बीमारियों का कारण

सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह ने कहा कि किसी भी प्रकार के निषिद्ध मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति को गंभीर एवं असाध्य बीमारियों की ओर ले जाता है। नशे की लत व्यक्ति एवं उसके परिवार को आर्थिक, सामाजिक एवं मानसिक समस्याओं से भी प्रभावित करती है।

उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार, मित्रों एवं समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।

11 जून को निकलेगी बाइक रैली

अभियान के अगले चरण में जिले के शेष प्रखंडों में भी जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण कार्यक्रम एवं विभिन्न आईईसी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

इसी क्रम में दिनांक 11 जून, 2026 को सदर अस्पताल, सरायकेला से एक विशेष बाइक रैली निकाली जाएगी, जिसके माध्यम से नशा मुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा तथा अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

स्वास्थ्य कर्मियों की रही सक्रिय भागीदारी

इस अवसर पर संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे तथा अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

निष्कर्ष

राज्यव्यापी नशा मुक्ति जागरूकता अभियान का उद्देश्य समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण का निर्माण करना है। जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा संचालित यह अभियान जनसहभागिता के माध्यम से "नशा मुक्त झारखंड" के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय, ईचागढ़ का किया औचक निरीक्षण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनसेवा को लेकर दिए आवश्यक निर्देश

📅 10 जून, 2026 | 📍 ईचागढ़, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय, ईचागढ़ का औचक निरीक्षण किया।
  • विभिन्न विभागों के कार्यालयों एवं अभिलेखों की समीक्षा की गई।
  • जनसमस्याओं के त्वरित निष्पादन एवं बेहतर जनसेवा पर जोर दिया गया।
  • सरकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं लाभुक आच्छादन के निर्देश दिए गए।
  • निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भवन का भी निरीक्षण किया गया।

औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा

उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां श्री नीतिश कुमार सिंह द्वारा आज प्रखंड सह अंचल कार्यालय, ईचागढ़ का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान निर्वाचन, समाज कल्याण, कृषि, पशुपालन, जेएसएलपीएस सहित विभिन्न विभागीय कार्यालयों का अवलोकन करते हुए कार्यालय संचालन व्यवस्था, उपस्थिति पंजी, अभिलेखों एवं पंजीयों के संधारण की समीक्षा की गई।

समयबद्ध एवं पारदर्शी कार्य निष्पादन पर बल

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जनसेवा को प्राथमिकता देने का निर्देश

उपायुक्त ने कहा कि आमजन की समस्याओं एवं आवेदनों का त्वरित निष्पादन किया जाए तथा कार्यालय आने वाले नागरिकों के साथ सहयोगात्मक एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से विभिन्न कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े।

सरकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर

उपायुक्त ने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं से आच्छादित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी योग्य लाभुक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं सामाजिक संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने को कहा।

सर्वेक्षण एवं जनगणना कार्यों में सतर्कता के निर्देश

निरीक्षण के दौरान सर्वेक्षण एवं जनगणना कार्यों में संलग्न कर्मियों को पूरी तत्परता, सजगता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया गया।

इसके अतिरिक्त कार्यालयों में अभिलेखों एवं पंजीयों का सुव्यवस्थित संधारण, आवश्यक अभिलेखों का अद्यतन रख-रखाव तथा कार्यालयीन कार्यों में नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

निर्माणाधीन सीएचसी भवन का भी किया निरीक्षण

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने प्रखंड परिसर स्थित निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भवन का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता एवं उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की।

गुणवत्ता से समझौता नहीं

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों एवं कार्य एजेंसी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण करने का निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य स्वीकृत प्राक्कलन एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपादित किया जाए तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए।

स्वच्छता एवं बेहतर नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान

उपायुक्त ने कार्यालय परिसर एवं शौचालयों की नियमित साफ-सफाई, स्वच्छता एवं रख-रखाव सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि आमजन को स्वच्छ एवं बेहतर वातावरण में सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

विकास एवं जनकल्याणकारी लक्ष्यों की प्राप्ति पर जोर

अंत में उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आपसी समन्वय, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नियमित क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी प्रगति की समीक्षा करें तथा जनसमस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

उन्होंने समयबद्ध सेवा प्रदायगी, प्रभावी जनसुनवाई एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन सुनिश्चित करते हुए जिले के विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

उपस्थित पदाधिकारी

निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी श्रीमती एकता वर्मा एवं अंचल अधिकारी श्री दीपक प्रसाद सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

उपायुक्त का यह औचक निरीक्षण प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनसेवा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों से सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

मंगलवार, 9 जून 2026

खेत बचाओ अभियान'' के तहत कुकडू खंड में किसान जागरूकता सह ऋण शिविर का आयोजन, कृषि ऋण एवं वित्तीय संगठन को किया गया लेकर दी गई जानकारी

📅 09 जून, 2026 | 📍 कुकड़ू प्रखंड, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • "खेत बचाओ अभियान" के तहत किसान जागरूकता सह ऋण शिविर का आयोजन।
  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) एवं कृषि ऋण संबंधी जानकारी प्रदान की गई।
  • डिजिटल बैंकिंग, UPI एवं साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र आयोजित।
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं PM-KISAN सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।
  • बैंकों ने KCC आवेदनों पर 15 दिनों के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

किसानों को संस्थागत ऋण से जोड़ने की पहल

आज दिनांक 09 जून, 2026 को कुकड़ू प्रखंड में "खेत बचाओ अभियान" के तहत किसान जागरूकता सह ऋण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य किसानों को समय पर संस्थागत कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), फसल बीमा एवं अन्य कृषि वित्तीय सेवाओं से जोड़ना था।

कार्यक्रम के दौरान किसानों को अनौपचारिक ऋण स्रोतों एवं साहूकारों पर निर्भरता से होने वाले आर्थिक नुकसान एवं शोषण के प्रति जागरूक किया गया।

किसान क्रेडिट कार्ड के लाभों की जानकारी

शिविर में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई तथा पात्र किसानों के आवेदन भी प्राप्त किए गए।

"कृषिका ऐप" के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन पर जोर

किसानों को "कृषिका ऐप" के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। डिजिटल माध्यम से सेवाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया गया तथा आवेदन प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।

वित्तीय साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र

कार्यक्रम में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने हेतु विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। किसानों को बचत की आदत विकसित करने, पारिवारिक बजट प्रबंधन तथा सुरक्षित बैंकिंग व्यवहार के बारे में जानकारी दी गई।

UPI एवं डिजिटल भुगतान के सुरक्षित उपयोग पर जागरूकता

किसानों को यूपीआई (UPI), डिजिटल भुगतान प्रणाली एवं साइबर धोखाधड़ी से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा वित्तीय लेन-देन में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई।

सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा की गई

शिविर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), स्वयं सहायता समूहों के वित्तपोषण, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से जुड़े किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।

इसके साथ ही किसानों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं लाभ प्राप्त करने की आवश्यक औपचारिकताओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।

KCC आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन

15 दिनों में आवेदन निष्पादन का लक्ष्य

शिविर में उपस्थित बैंक प्रतिनिधियों ने किसान क्रेडिट कार्ड आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करते हुए 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

साथ ही ऋण अदायगी में कठिनाई का सामना कर रहे किसानों को वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई।

किसानों से संस्थागत बैंकिंग अपनाने की अपील

अग्रणी जिला प्रबंधक ने किसानों से अपील की कि वे समय पर बैंकिंग संस्थानों से कृषि ऋण प्राप्त करें, अपनी फसलों का बीमा कराएं तथा कृषि एवं आजीविका संबंधी आवश्यकताओं के लिए केवल अधिकृत वित्तीय संस्थानों का ही उपयोग करें।

उन्होंने कहा कि संस्थागत ऋण एवं सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर किसान आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं तथा अनौपचारिक साहूकारों के आर्थिक शोषण से बच सकते हैं।

शिविर में बड़ी संख्या में किसान हुए शामिल

शिविर में बैंक प्रतिनिधि, पंचायत जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान भाई-बहन उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को किसानों के लिए उपयोगी एवं लाभकारी बताया।

निष्कर्ष

"खेत बचाओ अभियान" के तहत आयोजित किसान जागरूकता सह ऋण शिविर ने किसानों को संस्थागत बैंकिंग, कृषि ऋण, फसल बीमा एवं डिजिटल वित्तीय सेवाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह पहल किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने एवं सुरक्षित वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उपायुक्त की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित, आंगनबाड़ी सेवाओं एवं विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए गए निर्देश

📅 09 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • उपायुक्त की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित।
  • आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली एवं पोषण सेवाओं की समीक्षा।
  • कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की पहचान और उपचार पर विशेष बल।
  • मातृत्व, किशोरी एवं बाल कल्याण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा।
  • FRS सत्यापन, APAAR ID एवं ABHA ID निर्माण में तेजी लाने के निर्देश।

आंगनबाड़ी सेवाओं की विस्तृत समीक्षा

उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली, उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, पोषण सेवाओं, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) गतिविधियों तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (CDPO) एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं (LS) को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

नियमित निरीक्षण एवं रिपोर्टिंग पर जोर

केंद्रों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, पूरक पोषाहार, खेलकूद गतिविधियों, पेयजल, स्वच्छता एवं शौचालय व्यवस्था का निरीक्षण कर उसी दिन प्रतिवेदन जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

कुपोषण उन्मूलन एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस

बैठक में कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की नियमित पहचान सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता अनुसार उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (MTC) में भर्ती कर उपचार एवं अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

साथ ही बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को गुणवत्तापूर्ण पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।

VHSND का नियमित आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश

स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, वजन मापन एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित VHSND आयोजित करने को कहा गया।

ECCE गतिविधियों एवं शिक्षण वातावरण पर जोर

उपायुक्त ने बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा प्रदान करने तथा ECCE गतिविधियों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में अनुकूल एवं सुरक्षित शिक्षण वातावरण विकसित किया जाए।

आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण एवं मरम्मत संबंधी निर्देश

निजी भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए स्थायी भवन निर्माण हेतु उपयुक्त भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त जर्जर एवं मरम्मत योग्य केंद्रों की सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजने को कहा गया।

विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा

बैठक में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना तथा प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की प्रगति की समीक्षा की गई।

शत-प्रतिशत लाभुक आच्छादन का लक्ष्य

पात्र किशोरियों एवं लाभुकों को योजनाओं से शत-प्रतिशत जोड़ने तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

FRS सत्यापन, APAAR ID एवं ABHA ID निर्माण की समीक्षा

विभिन्न विभागीय योजनाओं के लाभुकों के डिजिटल सत्यापन एवं प्रमाणीकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए FRS आधारित सत्यापन कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।

बैठक में APAAR ID एवं ABHA ID निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई तथा सभी पात्र बच्चों एवं लाभुकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

डेटा प्रबंधन एवं पोषण ट्रैकर अपडेट करने के निर्देश

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में विभागीय अभिलेखों का अद्यतन संधारण, पोषण ट्रैकर एवं अन्य विभागीय पोर्टलों पर नियमित डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए।

साथ ही अनुपस्थित एवं ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः सेवाओं से जोड़ने तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री कैलाश मिश्रा, जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), महिला पर्यवेक्षिकाएं (LS) तथा समाज कल्याण विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

निष्कर्ष

बैठक में आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, कुपोषण उन्मूलन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को जवाबदेही एवं समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

उपायुक्त की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित, लंबित आवेदनों के निष्पादन एवं लाभुक सत्यापन में तेजी लाने के दिए गए निर्देश

📅 09 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • उपायुक्त की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित।
  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लंबित आवेदनों की समीक्षा।
  • मंईयां सम्मान योजना के लाभुक सत्यापन में तेजी लाने के निर्देश।
  • स्पॉन्सरशिप योजना के पात्र बच्चों को शीघ्र लाभ से जोड़ने पर बल।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा

उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं, झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना एवं स्पॉन्सरशिप योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान लंबित आवेदनों के निष्पादन, लाभुक सत्यापन तथा सहायता राशि भुगतान की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश

पात्र लाभुकों को समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराने पर जोर

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लंबित आवेदनों का नियमानुसार शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र लाभुकों को समयबद्ध रूप से योजनाओं से आच्छादित किया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी स्वीकृत लाभुकों को सहायता राशि का नियमित एवं समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लाभुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

स्पॉन्सरशिप योजना की समीक्षा

स्पॉन्सरशिप योजना की समीक्षा के दौरान प्राप्त आवेदनों का विभागीय प्रावधानों के अनुरूप निष्पादन करने तथा पात्र बच्चों को शीघ्र योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

पात्र बच्चों को नियमित सहायता राशि उपलब्ध कराने पर बल

उपायुक्त ने कहा कि पात्र बच्चों को नियमित रूप से सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए तथा लंबित मामलों के निष्पादन में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित की जाए।

मंईयां सम्मान योजना में सत्यापन कार्य में तेजी

झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के अंतर्गत लंबित लाभुक सत्यापन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।

तकनीकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान

लाभुक सत्यापन में आ रही तकनीकी समस्याओं एवं अन्य बाधाओं की सूचना विभागीय स्तर पर तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।

आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश

उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित मामलों के समयबद्ध निष्पादन तथा पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित रूप से पहुंचाने हेतु आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उद्देश्य समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों को सहायता प्रदान करना है, इसलिए इनके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा श्रीमती निवेदिता राय, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), महिला पर्यवेक्षिका (LS) सहित सामाजिक सुरक्षा एवं समाज कल्याण विभाग से संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

निष्कर्ष

समीक्षा बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं, मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना एवं स्पॉन्सरशिप योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। जिला प्रशासन ने लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन, लाभुक सत्यापन में तेजी तथा पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए।

सोमवार, 8 जून 2026

आदित्यपुर थाना क्षेत्र में तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम के तहत संयुक्त जांच अभियान, नियमों के अनुपालन के दिए गए निर्देश

📅 08 जून, 2026 | 📍 आदित्यपुर, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम के तहत संयुक्त जांच अभियान चलाया गया।
  • लगभग 14 दुकानों का निरीक्षण कर नियमों की जानकारी दी गई।
  • शिक्षण संस्थानों एवं सरकारी कार्यालयों के आसपास तम्बाकू बिक्री पर विशेष निगरानी।
  • होटलों एवं सार्वजनिक स्थलों पर "गैर धूम्रपान क्षेत्र" सूचना-पट्ट लगाने के निर्देश।

संयुक्त जांच अभियान संचालित

उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां के निर्देशानुसार आदित्यपुर थाना क्षेत्र में सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (COTPA-2003), झारखंड संशोधित अधिनियम-2021, PECA-2019 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुपालन की जांच हेतु संयुक्त अभियान चलाया गया।

अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री सुबीर रंजन एवं राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के जिला परामर्शी श्री अशोक यादव द्वारा किया गया।

14 दुकानों का किया गया निरीक्षण

जांच के दौरान आदित्यपुर थाना क्षेत्र की लगभग 14 दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में शिक्षण संस्थानों एवं सरकारी कार्यालयों के 100 मीटर की परिधि में संचालित दुकानों की विशेष रूप से जांच की गई।

विद्यालयों एवं सरकारी कार्यालयों के आसपास बिक्री पर रोक

दुकानदारों को निर्देशित किया गया कि शिक्षण संस्थानों एवं सरकारी कार्यालयों के आसपास तम्बाकू उत्पाद अथवा अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री नहीं की जाए।

निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को कोटपा अधिनियम, 2003 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।

होटलों में "गैर धूम्रपान क्षेत्र" सूचना-पट्ट अनिवार्य

जिला परामर्शी, एनटीसीपी द्वारा सभी होटल संचालकों एवं प्रबंधकों को अपने प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों के अनुरूप "गैर धूम्रपान क्षेत्र (No Smoking Area)" संबंधी सूचना-पट्ट एवं दीवार लेखन प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया।

धारा-4 के तहत जुर्माने का प्रावधान

सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन की स्थिति में कोटपा अधिनियम की धारा-4 के अंतर्गत जुर्माना लगाया जा सकता है।

खुली सिगरेट बिक्री पर भी जताई चिंता

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री सुबीर रंजन ने बताया कि शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों एवं न्यायालय परिसरों के 100 मीटर की परिधि में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री एवं उपयोग प्रतिबंधित है।

उन्होंने कहा कि खुली सिगरेट की बिक्री तम्बाकू उत्पादों पर प्रदर्शित स्वास्थ्य चेतावनी संबंधी प्रावधानों की भावना के विपरीत है। इसलिए विक्रेताओं को पैकेटबंद उत्पादों के निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए।

स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में प्रयास

युवाओं को नशे से दूर रखने का उद्देश्य

जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम द्वारा नियमित जांच एवं जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को तम्बाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों की लत से दूर रखा जा सके।

अधिकारियों ने बताया कि तम्बाकू नियंत्रण संबंधी कानूनी प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।

अभियान में उपस्थित अधिकारी

इस अवसर पर आदित्यपुर थाना के पुलिसकर्मी, राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) की टीम तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

आदित्यपुर थाना क्षेत्र में संचालित संयुक्त जांच अभियान का उद्देश्य तम्बाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करना, युवाओं को नशे की लत से बचाना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को मजबूत करना है। जिला प्रशासन द्वारा जागरूकता एवं प्रवर्तन दोनों स्तरों पर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक सम्पन्न, पेयजल योजनाओं की समीक्षा कर दिए गए आवश्यक निर्देश

📅 08 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित।
  • खराब चापाकलों, जलमीनारों एवं बंद पेयजल योजनाओं की शीघ्र मरम्मति के निर्देश।
  • ड्राई जोन एवं पेयजल संकटग्रस्त क्षेत्रों को प्राथमिकता देने पर जोर।
  • पेयजल परिसंपत्तियों की सुरक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश।

पेयजल योजनाओं की विस्तृत समीक्षा

समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न पेयजल आपूर्ति योजनाओं की प्रगति एवं वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के क्रम में खराब चापाकलों, जलमीनारों एवं बंद पड़ी पेयजल योजनाओं की शीघ्र मरम्मति कर उन्हें पुनः संचालित करने तथा छूटे हुए ग्रामों एवं टोलों को नल-जल योजना से आच्छादित करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।

जल जीवन मिशन एवं अन्य योजनाओं की समीक्षा

बैठक में जल जीवन मिशन (JJM), सिंगल विलेज स्कीम (SVS), मल्टी विलेज स्कीम (MVS) तथा वित्त आयोग मद से संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई।

पेयजल आपूर्ति बाधित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई

निर्देश दिया गया कि सभी योजनाओं का नियमित अनुश्रवण किया जाए तथा जहां भी पेयजल आपूर्ति बाधित है वहां त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

विशेष रूप से ड्राई जोन एवं पेयजल संकटग्रस्त क्षेत्रों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

निर्माणाधीन योजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश

उप विकास आयुक्त ने निर्माणाधीन जलमीनारों एवं अन्य पेयजल संरचनाओं के कार्य में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं को समय पर पूर्ण कर क्रियाशील बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

पेयजल परिसंपत्तियों की सुरक्षा पर विशेष चिंता

चोरी एवं क्षति पहुंचाने वालों पर होगी कार्रवाई

बैठक में पेयजल परिसंपत्तियों में उपकरणों की चोरी एवं क्षति पहुंचाने की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई तथा ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों को चिन्हित करते हुए संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

साथ ही जलमीनार, चापाकल एवं अन्य पेयजल परिसंपत्तियों की सुरक्षा हेतु नियमित निगरानी तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।

सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता

जनहित में सतत निगरानी आवश्यक

उप विकास आयुक्त ने कहा कि आमजन को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की भौतिक स्थिति का निरीक्षण करने तथा प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

साथ ही पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने पर भी बल दिया गया।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी कनीय अभियंता, जिला समन्वयक, प्रखंड समन्वयक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए ड्राई जोन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने, बंद योजनाओं को पुनः संचालित करने तथा पेयजल परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। प्रशासन द्वारा सभी योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन एवं आमजन को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखने की बात कही गई।

उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में डीसीसी एवं डीएलआरसी की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित, बैंकिंग सेवाओं के विस्तार एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया गया जोर

📅 08 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में डीसीसी एवं डीएलआरसी की समीक्षा बैठक आयोजित।
  • साख-जमा अनुपात (CD Ratio), वार्षिक साख योजना एवं ऋण वितरण की समीक्षा।
  • सरकारी योजनाओं के आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन के निर्देश।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं एवं डिजिटल सुविधाओं के विस्तार पर जोर।

बैठक में विभिन्न योजनाओं की हुई समीक्षा

समाहरणालय स्थित सभागार में जिला सलाहकार समिति (DCC) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की मार्च 2026 तिमाही की समीक्षा बैठक उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में जिले के साख-जमा अनुपात (CD Ratio), वार्षिक साख योजना (ACP), कृषि एवं स्वरोजगार आधारित ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा विभिन्न सरकार प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

ऋण स्वीकृति एवं वितरण में तेजी लाने के निर्देश

पात्र लाभुकों के आवेदन लंबित न रहें

उप विकास आयुक्त ने सभी बैंक प्रबंधकों को निर्देशित किया कि विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी पात्र लाभुक का आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।

बैठक के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), स्वयं सहायता समूह (SHG) बैंक लिंकेज, संयुक्त देयता समूह (JLG), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME), प्रधानमंत्री विश्वकर्मा, प्रधानमंत्री स्वनिधि तथा मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण स्वीकृति एवं वितरण की समीक्षा की गई।

उन्होंने ऋण स्वीकृति एवं वितरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने पर विशेष बल दिया।

ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार

बैठक में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के उद्देश्य से ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बैंकिंग संवाददाता केंद्र (BC Point), एटीएम तथा डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर चर्चा की गई।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे बैंकिंग सेवाएं

उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार किया जाए जहां लोगों को बैंकिंग सेवाओं के लिए अधिक दूरी तय करनी पड़ती है।

उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना सभी संबंधित संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है।

वित्तीय साक्षरता पर विशेष बल

वित्तीय साक्षरता केंद्र (FLC) एवं सामुदायिक वित्तीय साक्षरता केंद्र (CFL) द्वारा संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए आमजन को बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान, बचत, ऋण सुविधाओं एवं साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया।

विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को डिजिटल बैंकिंग एवं सुरक्षित वित्तीय व्यवहार के प्रति जागरूक करने पर बल दिया गया।

PMFME एवं स्वरोजगार योजनाओं पर चर्चा

उप विकास आयुक्त ने महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत योग्य एवं व्यवहारिक परियोजनाओं का चयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए बैंकों एवं संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।

एनपीए में कमी लाने के निर्देश

बैठक में ऋण वसूली की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों एवं बैंकों को समन्वित प्रयासों के माध्यम से एनपीए (Non-Performing Assets) में कमी लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

KCC एवं SHG वित्तपोषण अभियान में तेजी

अग्रणी जिला प्रबंधक द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड संतृप्तिकरण अभियान में तेजी लाने, कृषिका ऐप के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने तथा स्वयं सहायता समूहों एवं संयुक्त देयता समूहों के वित्तपोषण लक्ष्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने पर बल दिया गया।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि, डीडीएम नाबार्ड, अग्रणी जिला प्रबंधक श्री बरुण कुमार चौधरी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (जेएसएलपीएस), निदेशक आरसेटी, सीएफएल एवं एफएलसी के प्रतिनिधि सहित जिले के विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक एवं शाखा प्रबंधक उपस्थित थे।

निष्कर्ष

डीसीसी एवं डीएलआरसी समीक्षा बैठक में वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने, बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, स्वरोजगार आधारित ऋण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में बैंकिंग क्षेत्र एवं प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जिले के समग्र आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बिरसा हरित ग्राम योजना के आम बिक्री स्टॉल का उद्घाटन

किसानों की आय वृद्धि एवं प्रत्यक्ष विपणन को मिलेगा बढ़ावा

📅 08 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय मुख्य द्वार, सरायकेला

मुख्य बिंदु

  • उपायुक्त ने बिरसा हरित ग्राम योजना के आम बिक्री स्टॉल का उद्घाटन किया।
  • जिले में कुल 08 आम बिक्री स्टॉल संचालित किए जा रहे हैं।
  • किसानों को प्रत्यक्ष विपणन एवं उचित मूल्य उपलब्ध कराने की पहल।
  • एफपीओ को 1,000 किलोग्राम अमरपाली आम की आपूर्ति हेतु प्रथम क्रय आदेश प्राप्त।

आम बिक्री स्टॉल का शुभारंभ

समाहरणालय, सरायकेला के मुख्य द्वार पर मनरेगा अंतर्गत संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना से जुड़े किसानों द्वारा उत्पादित आम के प्रत्यक्ष विपणन हेतु स्थापित बिक्री स्टॉल का उद्घाटन उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह द्वारा किया गया।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (जेएसएलपीएस) श्री पंकज कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

बिरसा हरित ग्राम योजना का उद्देश्य

बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत जिले में फलदार पौधों के रोपण एवं बागवानी को प्रोत्साहित करते हुए ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित किए जा रहे हैं।

योजना का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि, कृषि आधारित आजीविका को सुदृढ़ करना तथा उत्पादित फलों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।

08 बिक्री स्टॉलों का संचालन

जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल आठ आम बिक्री स्टॉल संचालित किए जा रहे हैं, जहां स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित विभिन्न गुणवत्तापूर्ण किस्मों के आम निर्धारित दर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

किसानों को मिलेगा उचित मूल्य

उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का प्रयास किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक समुचित सहयोग प्रदान करना है, ताकि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि ऐसे बिक्री केंद्र किसानों एवं उपभोक्ताओं के बीच प्रत्यक्ष संपर्क स्थापित करने का माध्यम बन रहे हैं, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर प्रतिफल प्राप्त होगा।

संचालन एवं गुणवत्ता की नियमित निगरानी

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम बिक्री स्टॉलों का संचालन मांग एवं खपत के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को अधिकाधिक विपणन अवसर प्राप्त हो सकें तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद सुगमता से उपलब्ध हो।

उन्होंने स्टॉलों के संचालन, बिक्री, मूल्य निर्धारण, उत्पाद की गुणवत्ता तथा किसानों की सहभागिता की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा

स्थानीय स्तर पर उत्पादित आम की विभिन्न किस्मों के प्रभावी विपणन हेतु प्रचार-प्रसार एवं समन्वयात्मक गतिविधियां संचालित करने पर भी बल दिया गया।

एफपीओ को मिला प्रथम क्रय आदेश

जिला प्रशासन के सहयोग से सरायकेला आजीविका महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफपीओ) को अपनों मार्ट (Apna Mart) के माध्यम से 1,000 किलोग्राम अमरपाली आम की आपूर्ति हेतु ₹60 प्रति किलोग्राम की दर से प्रथम क्रय आदेश प्राप्त हुआ है।

यह उपलब्धि स्थानीय किसानों एवं उत्पादक समूहों को संगठित बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे किसानों को सुनिश्चित बाजार उपलब्ध होने के साथ-साथ बेहतर मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

प्रशासन द्वारा मनरेगा, बिरसा हरित ग्राम योजना एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी पहलों के लाभुकों को बाजारोन्मुख गतिविधियों से जोड़ने तथा उनके उत्पादों के लिए संस्थागत एवं दीर्घकालिक विपणन अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने में भी सहायता मिलेगी।

आत्मनिर्भर किसानों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

यह पहल मनरेगा के तहत सृजित आजीविका परिसंपत्तियों को आर्थिक लाभ से जोड़ने, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने, महिला उत्पादक समूहों एवं एफपीओ को सशक्त बनाने तथा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

निष्कर्ष

बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत स्थापित आम बिक्री स्टॉल किसानों को प्रत्यक्ष बाजार उपलब्ध कराने, उनकी आय बढ़ाने तथा स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। यह प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

शनिवार, 6 जून 2026

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त की अध्यक्षता में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) संबंधी बैठक आयोजित, पात्र मतदाताओं की शत-प्रतिशत मैपिंग, जनजागरूकता अभियान एवं सभी बूथों पर BLA की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने पर दिया गया बल

📅 06 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित।
  • पात्र मतदाताओं की शत-प्रतिशत मैपिंग एवं सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने पर जोर।
  • सभी मतदान केंद्रों पर BLA की प्रतिनियुक्ति करने का आग्रह।
  • मतदाता जागरूकता अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने के निर्देश।

बैठक का आयोजन

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाची निबंधन पदाधिकारी, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं समावेशी बनाना तथा पात्र मतदाताओं की शत-प्रतिशत मैपिंग सुनिश्चित करना था।

मतदाता सूची की शुद्धता पर विशेष बल

कोई पात्र मतदाता वंचित न रहे

उपायुक्त ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे तथा कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में अनावश्यक रूप से शामिल न हो।

उन्होंने कहा कि मतदाताओं की मैपिंग की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, तथ्याधारित एवं त्रुटिरहित होनी चाहिए तथा प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम संबंधित मतदान केंद्र एवं मतदाता सूची से सही रूप से संबद्ध किया जाना आवश्यक है।

SIR कार्यक्रम की जानकारी

बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण की संपूर्ण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, दावा एवं आपत्ति से संबंधित प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही मतदाताओं की मैपिंग, अनमैप्ड मतदाताओं को सूची से जोड़ने तथा वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम खोजने की प्रक्रिया भी साझा की गई।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि झारखंड राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु 01 अक्टूबर, 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है तथा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 07 अक्टूबर, 2026 को किया जाएगा।

BLO एवं BLA की महत्वपूर्ण भूमिका

सभी बूथों पर BLA की प्रतिनियुक्ति आवश्यक

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने तथा उनकी सूची 10 जून, 2026 तक उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया।

बैठक में बताया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के सफल, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित संचालन में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) एवं बूथ लेवल एजेंट (BLA) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर

उपायुक्त ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण केवल निर्वाचन विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण अभियान है।

उन्होंने राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की कि वे आम नागरिकों तक SIR की प्रक्रिया, उद्देश्य, आवश्यक दस्तावेज एवं समय-सीमा की जानकारी पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर संचालित प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया से वंचित न रहे।

महत्वपूर्ण तिथियां

कार्यक्रम तिथि
अर्हता तिथि (Qualifying Date) 01 अक्टूबर, 2026
तैयारी, प्रशिक्षण एवं प्रिंटिंग कार्य 20 जून – 29 जून, 2026
BLO द्वारा घर-घर सत्यापन 30 जून – 29 जुलाई, 2026
मतदान केंद्रों का रैशनलाइजेशन 29 जुलाई, 2026 तक
प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 05 अगस्त, 2026
दावा एवं आपत्ति प्राप्त करने की अवधि 05 अगस्त – 04 सितंबर, 2026
दावा एवं आपत्तियों का निष्पादन 05 अगस्त – 03 अक्टूबर, 2026
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 07 अक्टूबर, 2026

निष्कर्ष

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी एवं अद्यतन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि कोई भी पात्र मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित न रहे।

शुक्रवार, 5 जून 2026

अपर उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय कुकड़ू का किया औचक निरीक्षण

जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

📅 05 जून, 2026 | 📍 कुकड़ू, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • अपर उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय कुकड़ू का औचक निरीक्षण किया।
  • जन शिकायतों एवं आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन पर विशेष जोर।
  • राजस्व मामलों में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी।
  • स्वच्छता, पारदर्शिता एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश।

औचक निरीक्षण एवं समीक्षा

अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार द्वारा आज प्रखंड सह अंचल कार्यालय, कुकड़ू का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय परिसर, विभिन्न विभागों के कार्यालय कक्षों, अभिलेखों एवं पंजियों के संधारण, कर्मियों की उपस्थिति, कार्यालय की साफ-सफाई, आमजनों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा जन शिकायतों एवं आवेदनों के निष्पादन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।

जनहित के मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर

जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान प्रशासन की प्राथमिकता

अपर उपायुक्त ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यालय में आने वाले नागरिकों के कार्य निर्धारित समयावधि में निष्पादित किए जाएं, ताकि आमजनों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।

साथ ही कार्यालय में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों एवं मामलों के समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उपस्थिति एवं अभिलेख संधारण की समीक्षा

अपर उपायुक्त ने उपस्थिति पंजी का अवलोकन करते हुए सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को कार्यालय अवधि के दौरान निर्धारित समय पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया।

उन्होंने विभिन्न पंजियों, अभिलेखों एवं कार्यालयीय दस्तावेजों के समुचित रख-रखाव तथा अद्यतन संधारण सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

राजस्व मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा के दौरान अपर उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि राजस्व मामलों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा उदासीनता पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

स्वच्छता एवं पारदर्शिता पर विशेष बल

अपर उपायुक्त ने कार्यालय परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने, आगंतुकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने पर बल दिया।

इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।

योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

अधिक से अधिक लाभुकों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

अपर उपायुक्त ने निर्देशित किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का स्थानीय भाषा सहित विभिन्न प्रभावी माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि योजनाओं की जानकारी अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्तियों तक पहुंचनी चाहिए ताकि अधिक से अधिक लाभुक योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं शत-प्रतिशत लाभुक आच्छादन सुनिश्चित करने हेतु नियमित अनुश्रवण एवं जनसंपर्क गतिविधियों को सुदृढ़ करने पर भी बल दिया गया।

निरीक्षण के दौरान उपस्थित पदाधिकारी

निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी सुश्री राजश्री बखला, अंचल अधिकारी श्री अभय द्विवेदी सहित विभिन्न प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

निष्कर्ष

कुकड़ू प्रखंड सह अंचल कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन, राजस्व कार्यों में जवाबदेही, कार्यालयीन पारदर्शिता तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। जिला प्रशासन का उद्देश्य आमजनों को बेहतर, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला कारा परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित

पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण के विस्तार हेतु अधिकारियों ने किया पौधारोपण

📅 05 जून, 2026 | 🌱 विश्व पर्यावरण दिवस | 📍 जिला कारा, सरायकेला

मुख्य बिंदु

  • विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला कारा परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित।
  • फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
  • पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सक्रिय सहभागिता का आह्वान।
  • हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में वृक्षारोपण की भूमिका पर जोर।

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष आयोजन

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण के विस्तार एवं स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनुमंडल पदाधिकारी सह प्रभारी जेल अधीक्षक, सरायकेला श्री अभिनव प्रकाश के नेतृत्व में जिला कारा, सरायकेला परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण के माध्यम से हरित वातावरण को प्रोत्साहित करना था।

फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण

कार्यक्रम के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी सह प्रभारी जेल अधीक्षक श्री अभिनव प्रकाश एवं नगर पंचायत, सरायकेला के अध्यक्ष श्री मनोज चौधरी द्वारा संयुक्त रूप से विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया।

पौधारोपण के साथ संरक्षण का संदेश

अधिकारियों ने उपस्थित सभी लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया विशेष बल

इस अवसर पर श्री अभिनव प्रकाश ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक है। बढ़ते प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण एक प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने कहा कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता के संरक्षण, वायु गुणवत्ता में सुधार तथा स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में वृक्षारोपण

उन्होंने सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनने तथा वृक्षारोपण एवं पौधों के संरक्षण को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में निभाने का आह्वान किया।

जनभागीदारी से होगा पर्यावरण संरक्षण

कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है।

अधिक से अधिक वृक्षारोपण, पौधों का संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाकर पर्यावरण को सुरक्षित एवं समृद्ध बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में रहे उपस्थित

इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज चौधरी सहित विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे तथा सभी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

निष्कर्ष

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह वृक्षारोपण कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेकर ही स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ पर्यावरण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

उपायुक्त की अध्यक्षता में डीएमएफटी शासी परिषद की बैठक आयोजित, खनन प्रभावित क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा एवं नई विकास योजनाओं के चयन पर हुई चर्चा

📅 05 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • उपायुक्त की अध्यक्षता में डीएमएफटी शासी परिषद की बैठक आयोजित।
  • खनन प्रभावित क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा।
  • स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, कौशल विकास एवं आधारभूत संरचना से जुड़ी नई योजनाओं पर चर्चा।
  • शासी परिषद के सदस्यों द्वारा विभिन्न जनहितकारी सुझाव प्रस्तुत किए गए।

बैठक का आयोजन

समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां श्री नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की शासी परिषद की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में माननीय खरसावां विधायक श्री दशरथ गागराई, माननीय ईचागढ़ विधायक श्रीमती सविता महतो, जिला परिषद अध्यक्ष श्री सोनाराम बोदरा, माननीय सांसद एवं विधायक प्रतिनिधिगण, उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा, शासी परिषद के सदस्यगण तथा विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

बैठक के दौरान खनन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में डीएमएफटी मद से संचालित योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों एवं वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

साथ ही योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

विकास योजनाओं पर विशेष चर्चा

खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र एवं सतत विकास को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, पेयजल, आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, विद्यालयी आधारभूत संरचना, कृषि एवं आजीविका संवर्द्धन तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

शासी परिषद के सदस्यों से प्राप्त सुझाव

बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा शासी परिषद के सदस्यों से सुझाव एवं अनुशंसाएं आमंत्रित की गईं। इस क्रम में परिषद सदस्यों ने जिले के समग्र विकास एवं जनसुविधाओं के विस्तार से संबंधित कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

प्रमुख सुझाव

  • हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • शव वाहन की संख्या में वृद्धि करना।
  • बंद पड़े कोल्ड स्टोरेज को पुनः संचालित करना।
  • जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का निर्माण।
  • स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना।

उपायुक्त के निर्देश

उपायुक्त ने शासी परिषद के सदस्यों द्वारा प्राप्त सुझावों को गंभीरतापूर्वक लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक परीक्षण एवं कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि डीएमएफटी निधि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, आजीविका संवर्द्धन एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचना का निर्माण नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार लाना एवं उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

भावी कार्ययोजना पर चर्चा

बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति से संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किए गए।

साथ ही परिषद के सदस्यों द्वारा प्राप्त सुझावों एवं अनुशंसाओं के आलोक में भावी कार्ययोजना तैयार करने तथा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक रणनीतियों पर भी चर्चा की गई।

डीएमएफटी का उद्देश्य

डीएमएफटी का मुख्य उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना, आधारभूत सुविधाओं का विकास करना तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं आजीविका के क्षेत्र में स्थायी एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करना है।

निष्कर्ष

डीएमएफटी शासी परिषद की इस बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए भविष्य की विकासात्मक प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई। बैठक में प्राप्त सुझावों एवं अनुशंसाओं के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कृषि, कौशल विकास एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनहितकारी परियोजनाओं को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।

विश्व पर्यावरण दिवस पर उपायुक्त ने वृद्धाश्रम में किया वृक्षारोपण, वृद्धजनों से संवाद कर सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु दिए आवश्यक निर्देश

📅 05 जून, 2026 | 🌱 विश्व पर्यावरण दिवस | 📍 साहिबगंज, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • विश्व पर्यावरण दिवस पर वृद्धाश्रम परिसर में वृक्षारोपण किया गया।
  • उपायुक्त ने वृद्धजनों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली।
  • कूलर, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश।
  • वृद्धजनों द्वारा की जा रही फल एवं सब्जी खेती की सराहना की गई।

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष कार्यक्रम

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां श्री नीतिश कुमार सिंह ने साहिबगंज स्थित वृद्धाश्रम परिसर का निरीक्षण किया तथा केंद्र में निवासरत वरिष्ठ नागरिकों के साथ वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर भी उपस्थित रहीं।

वृद्धजनों से संवाद एवं सुविधाओं की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने वृद्धाश्रम में उपलब्ध आवासीय, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने केंद्र में निवासरत वरिष्ठ नागरिकों से सीधे संवाद कर उनके स्वास्थ्य, दैनिक आवश्यकताओं एवं उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।

सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के निर्देश

गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए केंद्र में कूलर, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

फल एवं सब्जी खेती का निरीक्षण

इस अवसर पर वृद्धाश्रम परिसर में वरिष्ठ नागरिकों द्वारा की जा रही फल एवं सब्जी की खेती का भी निरीक्षण किया गया।

वरिष्ठ नागरिकों द्वारा आत्मनिर्भरता एवं सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए जा रहे इस सकारात्मक प्रयास की उपायुक्त ने सराहना की तथा इसे अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणादायक बताया।

कृषि गतिविधियों को मिलेगा प्रोत्साहन

उपायुक्त ने जिला कृषि पदाधिकारी को नियमित रूप से केंद्र का भ्रमण करने, मौसम एवं आवश्यकता के अनुरूप बीज उपलब्ध कराने तथा तकनीकी सहयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक संवेदनशीलता पर बल

उपायुक्त ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों के सम्मानजनक, सुरक्षित एवं स्वस्थ जीवन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता, सहभागिता एवं सामुदायिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करते हैं।

इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज के वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान एवं सहयोग की भावना को भी बढ़ावा मिलता है।

निष्कर्ष

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण एवं वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वृक्षारोपण, संवाद एवं सुविधाओं की समीक्षा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व का सकारात्मक संदेश समाज तक पहुंचाया गया।

गुरुवार, 4 जून 2026

तम्बाकू नियंत्रण कानून के अनुपालन हेतु जिला प्रशासन का सघन जांच अभियान, 05 प्रतिष्ठानों पर की गई कार्रवाई

📅 04 जून, 2026 | 📍 सरायकेला थाना क्षेत्र

मुख्य बिंदु

  • जिला प्रशासन द्वारा तम्बाकू नियंत्रण कानूनों के अनुपालन हेतु विशेष अभियान चलाया गया।
  • लगभग 20 दुकानों एवं प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
  • 05 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए ₹2,800 का अर्थदंड वसूला गया।
  • विद्यालयों के आसपास तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर विशेष निगरानी।

विशेष जांच एवं निरीक्षण अभियान

उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी एवं राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) की जिला टीम द्वारा संयुक्त रूप से सरायकेला थाना क्षेत्र अंतर्गत विशेष जांच एवं निरीक्षण अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (COTPA-2003), झारखंड संशोधित अधिनियम-2021, पीईसीए-2019 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के विभिन्न प्रावधानों के अनुपालन की जांच की गई।

20 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 05 पर कार्रवाई

जांच के क्रम में पुराना बस स्टैंड, सरायकेला एवं आसपास के क्षेत्रों में लगभग 20 दुकानों एवं प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान कार्रवाई

  • लगभग 20 दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की जांच।
  • 05 प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया गया।
  • कुल ₹2,800 का अर्थदंड वसूला गया।
  • भविष्य में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश।

कोटपा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई।

विद्यालयों के आसपास बिक्री पर विशेष निगरानी

अभियान के दौरान शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में स्थित दुकानों का विशेष रूप से निरीक्षण किया गया।

जहां भी तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पाई गई, संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध कोटपा अधिनियम की धारा 6(ख) के तहत कार्रवाई की गई तथा भविष्य में विद्यालयों के आसपास तम्बाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री नहीं करने का निर्देश दिया गया।

होटल एवं प्रतिष्ठानों के लिए निर्देश

'नो स्मोकिंग एरिया' सूचना-पट्ट अनिवार्य

जिला टीम ने सभी होटल मालिकों एवं प्रबंधकों को अपने प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानक के अनुरूप "गैर धूम्रपान क्षेत्र (No Smoking Area)" संबंधी सूचना-पट्ट, पोस्टर अथवा दीवार लेखन अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया।

ऐसा नहीं पाए जाने पर कोटपा अधिनियम की धारा 4 के तहत नियमानुसार जुर्माना लगाया जा सकता है।

खुली सिगरेट बिक्री पर जागरूकता

जिला प्रशासन ने दुकानदारों एवं आम नागरिकों को जागरूक करते हुए बताया कि खुली सिगरेट की बिक्री पैकेट पर प्रदर्शित वैधानिक स्वास्थ्य चेतावनी एवं चित्रात्मक संदेशों के उद्देश्य का उल्लंघन है।

अतः तम्बाकू उत्पादों की बिक्री निर्धारित नियमों एवं कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही की जानी चाहिए।

सार्वजनिक स्थलों पर प्रतिबंध

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों एवं न्यायालय परिसरों के 100 मीटर के दायरे में धूम्रपान अथवा तम्बाकू उत्पादों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है।

सार्वजनिक स्थलों पर तम्बाकू सेवन कर गंदगी फैलाने एवं कानून का उल्लंघन करने की स्थिति में नियमानुसार जुर्माना लगाया जा सकता है।

स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में प्रयास

जिला प्रशासन युवाओं को तम्बाकू एवं नशे की लत से दूर रखने तथा स्वस्थ समाज के निर्माण के उद्देश्य से तम्बाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी अनुपालन हेतु नियमित रूप से निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान संचालित कर रहा है।

निरीक्षण अभियान में खाद्य सुरक्षा विभाग, राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) की टीम तथा स्थानीय पुलिस बल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

निष्कर्ष

तम्बाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी अनुपालन हेतु जिला प्रशासन द्वारा चलाया गया यह विशेष अभियान जनस्वास्थ्य की सुरक्षा एवं युवाओं को नशे की लत से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान निरंतर जारी रहेंगे तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त ने की आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की समीक्षा, सरायकेला, गम्हरिया एवं कुकड़ू प्रखंडों में प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में सुधार हेतु दिए आवश्यक निर्देश

📅 04 जून, 2026 | 📍 समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावां

मुख्य बिंदु

  • आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम अंतर्गत विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा।
  • स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि एवं आधारभूत संरचना से जुड़े संकेतकों की प्रगति पर चर्चा।
  • शौचालय, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश।
  • डेटा अपडेट, नियमित अनुश्रवण एवं क्षेत्रीय भ्रमण पर विशेष जोर।

समीक्षा बैठक का आयोजन

उप विकास आयुक्त, सरायकेला-खरसावां श्रीमती रीना हांसदा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिले के चयनित आकांक्षी प्रखंडों—सरायकेला, गम्हरिया एवं कुकड़ू—में संचालित आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की अद्यतन समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की उपलब्धियों, प्रगति एवं लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति की विभागवार एवं बिंदुवार समीक्षा की गई। साथ ही प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (Key Performance Indicators) के क्रियान्वयन की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।

विभिन्न क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा

समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, पशुपालन, पेयजल एवं स्वच्छता, वित्तीय समावेशन, आधारभूत संरचना विकास सहित अन्य निर्धारित संकेतकों से संबंधित उपलब्धियों एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

विभिन्न विभागों को आवंटित लक्ष्यों की प्राप्ति, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा संकेतकों में सुधार की संभावनाओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर विशेष जोर

उप विकास आयुक्त ने विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों में शौचालय, पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही VHSND (ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस) का नियमित आयोजन सुनिश्चित करने पर बल दिया।

लक्ष्य प्राप्ति एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

उप विकास आयुक्त ने सभी विभागों को निर्धारित मानकों एवं विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हुए लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से पहुंचाना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

इसके लिए संबंधित अधिकारियों को नियमित अनुश्रवण, क्षेत्रीय भ्रमण तथा विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।

डेटा प्रबंधन एवं पोर्टल अपडेट पर जोर

उप विकास आयुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को विभिन्न संकेतकों से संबंधित अद्यतन आंकड़ों एवं उपलब्धियों को निर्धारित पोर्टलों पर नियमित रूप से अपलोड एवं अपडेट करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि समय पर डेटा अद्यतन होने से जिले एवं प्रखंडों की वास्तविक प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी तथा कार्यक्रम के प्रदर्शन का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सकेगा।

कम प्रगति वाले संकेतकों पर विशेष ध्यान

बैठक में अपेक्षाकृत कम प्रगति वाले संकेतकों में सुधार हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

आमजन के जीवन स्तर में सुधार लक्ष्य

उप विकास आयुक्त ने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम केवल रैंकिंग में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य आमजन के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाना तथा विकास के लाभों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

उन्होंने स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, पेयजल एवं स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सतत सुधार सुनिश्चित करने तथा परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनाने का निर्देश दिया।

साथ ही अधिकारियों को क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन का नियमित सत्यापन करने, लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने एवं उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में उपस्थित पदाधिकारी

बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर, जिला पशुपालन पदाधिकारी, उप निदेशक आत्मा श्री विजय कुमार सिंह, डीपीएम-जेएसएलपीएस, संबंधित प्रखंडों के MOIC, सीडीपीओ, ब्लॉक समन्वयक, जिला एवं प्रखंड फेलो (आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम) सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

निष्कर्ष

आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत आयोजित यह समीक्षा बैठक विभिन्न विकासात्मक संकेतकों में सुधार, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आमजन तक सरकारी सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। विभागीय समन्वय, नियमित अनुश्रवण एवं डेटा आधारित कार्यप्रणाली के माध्यम से जिले के आकांक्षी प्रखंडों में समग्र विकास को गति देने पर बल दिया गया।